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पता नहीं किस राह पर अकेला छोड़ दे ‘आपका अपना साथी’

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 22 Oct 2021 01:12 AM IST
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Don't know on which path to leave alone 'Aapna Apna Saathi'
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने अपने स्लोगन में भले ही लिख रहा हो कि आपका अपना साथी, लेकिन वास्तव में रोडवेज बसें (साथी) सफर के दौरान कब खराब हो जाएं, यह बताना कठिन है। वर्तमान में ऐसे कई उदाहरण हैं जब निगम की बसें बीच रास्ते में खड़ी हो गईं हैं। इससे यात्रियों को सड़क पर खड़े होना पड़ता है। कार्यशालाओं में सामान की कमी के कारण बसों की मरम्मत ठीक से नहीं हो रही है।
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वहीं दूसरी ओर त्योहारों पर ज्यादा से ज्यादा बसों को ऑन रूट करने की जल्दबाजी में अधिकारियों ने खटारा बसों को ही चला दिया है। कई बसों के शीशे (फ्रंट ग्लास) चटके हुए हैं। खिड़कियों के शीशे गायब हैं, बारिश में छत से पानी टपक रहा है। बसों को पर्याप्त मात्रा में मोबिल ऑयल नहीं मिल रहा है। इन सब कमियों के कारण निगम की बसें सफर के दौरान रास्ते में खराब हो रही हैं। कार्यशालाओं में बसों के पंक्चर ठीक करने तक की सुविधा नहीं है। तमाम खामियों के चलते यात्री परेशान हो रहे हैं। साथ ही चालक-परिचालकों की सरदर्दी बढ़ रही है। त्योहारों से पहले नए एमडी ने बसों दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में मुरादाबाद परिक्षेत्र के अमरोहा, धामपुर और अन्य डिपो की कई खटारा बसें रूट पर दौड़ने लगी हैं। ये बसें दूसरे परिक्षेत्रों में प्रवेश के योग्य नहीं हैं इसलिए इन्हें रीजन के अंदर ही चलाया जा रहा है।
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मरम्मत कराने में ड्राइवर-कंडक्टरों की जेब ढीली
बसों की मरम्मत कराने में ड्राइवर-कंडक्टरों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। हार्न, साइड स्क्रीन, पंक्चर जैसी छोटी-छोटी कमियों के लिए उन्हें रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। संविदा पर कार्य कर रहे ड्राइवर-कंडक्टरों का कहना है कि उनका वेतन प्रतिमाह किलोमीटर तय करने के आधार पर बनाया जाता है। यदि एक दिन भी वह बस नहीं चलाएंगे तो कम से कम 400 रुपये का नुकसान होगा। कई छोटे-छोटे पुर्जे कार्यशाला में उपलब्ध नहीं हैं ऐसे में उन्हें बाहर से ये पुर्जे खरीदकर बसों में डलवाने पड़ रहे हैं। इसका भुगतान कभी समय पर नहीं किया जाता।
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बसों के शीशे चटके होने की शिकायत पर सर्विस मैनेजर को अवगत करा दिया गया है। जल्द ही यह समस्या दूर हो जाएगी। इसके अलावा मरम्मत के लिए ड्राइवर-कंडक्टरों का धन खर्च होने की शिकायत नहीं मिली है। जो भी सामान मुख्यालय से प्राप्त हो रहा है। उसे कार्यशालाओं में उपलब्ध कराया जा रहा है।
- दीपक चौधरी, आरएम मुरादाबाद
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