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कुत्ते हुए खूंखार, हर महीने दो हजार शिकार
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Sat, 18 Jun 2016 11:58 AM IST
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जिले के कुत्ते खूंखार हो गए हैं। ये हम नहीं सरकारी अस्पताल के आंकड़े कह रहे हैं। राह चलते लोगाें को अपना शिकार बनाने लगे हैं। क्या शहर क्या देहात हर जगह डाग बाइट के शिकार बढ़ रहे हैं। जिले में हर महीने करीब दो हजार लोग डाग बाइट के शिकार बन रहे हैं। ये सभी नए मरीज हैं। जबकि हर महीने करीब पंद्रह सौ वायल इस्तेमाल किए जाते हैं। ये आंकड़े जिला अस्पताल और सीएचसी-पीएचसी के हैं। यहीं नहीं कुत्ते ग्रामीण क्षेत्रों में जान भी लेने लगे हैं। पिछले कुछ महीने में पांच से छह बच्चों को कुत्तों ने नोेेंच डाला, जिससे उनकी मौत भी हो गई।
कुत्ता काटे तो क्या करें
- पानी और साबुन से घाव को खूब धोएं
- कोई एंटीसेप्टिक या अलकोहल लगाए
- एंटी रैबीज वैक्सीन लगाएं
- बिना किसी देरी के अस्पताल पहुंचे
क्या न करें
- घाव को ढकें नहीं
- हल्दी, बाम, चूना, मिर्च, जड़ी बूटी ने लगाएं
- घाव को जलाएं या दागे नहीं
- झाड़ फूंक के चक्कर में न पड़े
आवारा और बीमार कुत्ते को न उकसाए
कांठ-बिलारी से अधिक केस
वैसे तो जिले में हर जगह कुत्तों की मौजूदगी है। लेकिन कांठ बिलारी में कुछ अधिक ही इनकी धमक है। यहां सबसे अधिक डाग बाइट के केस सामने आते हैं। कांठ में करीब हर महीने दो सौ से ढाई सौ वायल यूज होते हैं। जबकि बिलारी में डेढ़ सौ से दो सौ वायल का इस्तेमाल किया जाता है। बाकी सीएचसी-पीएचसी में करीब सौ सवा सौ वायल यूज होते हैं।
बारिश में बढ़ जाते हैं बीस प्रतिशत केस
मुरादाबाद। कुत्ते बारिश के दिनों में और अधिक खूंखार हो जाते हैं। यही वजह है कि बरसात में डाग बाइट के अधिक मामले सामने आते हैं। जो आम दिनों की तुलना में बीस प्रतिशत अधिक होते हैं।
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कुत्तों के हमले में छह घायल
ग्रामीण क्षेत्रों में खूंखार कुत्तों का आतंक बढ़ रहा है। शुक्रवार को छह गांव के खूंखार कुत्तों के हमले में घायल लोगों को नगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्हें एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए गए। खूंखार कुत्तों के हमले में फरीदनगर निवासी चंदा लाल, दूल्हापुर चौहान निवासी छह वर्षीय रूवी पुत्री सरताज, ठाकुरद्वारा वार्ड 19 निवासी रईस अहमद पुत्र हबीब अहमद, रामनगर खागूवाला निवासी निशा 8 पुत्री रोहताश, जटपुरा महावतपुर निवासी यशपाल सिंह पुत्र नेतराम सिंह, सरकड़ा करीम निवासी रामपाल सिंह पुत्र तेजा घायल हो गए।
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कुत्ता काटे तो क्या करें
- पानी और साबुन से घाव को खूब धोएं
- कोई एंटीसेप्टिक या अलकोहल लगाए
- एंटी रैबीज वैक्सीन लगाएं
- बिना किसी देरी के अस्पताल पहुंचे
क्या न करें
- घाव को ढकें नहीं
- हल्दी, बाम, चूना, मिर्च, जड़ी बूटी ने लगाएं
- घाव को जलाएं या दागे नहीं
- झाड़ फूंक के चक्कर में न पड़े
आवारा और बीमार कुत्ते को न उकसाए
कांठ-बिलारी से अधिक केस
वैसे तो जिले में हर जगह कुत्तों की मौजूदगी है। लेकिन कांठ बिलारी में कुछ अधिक ही इनकी धमक है। यहां सबसे अधिक डाग बाइट के केस सामने आते हैं। कांठ में करीब हर महीने दो सौ से ढाई सौ वायल यूज होते हैं। जबकि बिलारी में डेढ़ सौ से दो सौ वायल का इस्तेमाल किया जाता है। बाकी सीएचसी-पीएचसी में करीब सौ सवा सौ वायल यूज होते हैं।
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बारिश में बढ़ जाते हैं बीस प्रतिशत केस
मुरादाबाद। कुत्ते बारिश के दिनों में और अधिक खूंखार हो जाते हैं। यही वजह है कि बरसात में डाग बाइट के अधिक मामले सामने आते हैं। जो आम दिनों की तुलना में बीस प्रतिशत अधिक होते हैं।
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कुत्तों के हमले में छह घायल
ग्रामीण क्षेत्रों में खूंखार कुत्तों का आतंक बढ़ रहा है। शुक्रवार को छह गांव के खूंखार कुत्तों के हमले में घायल लोगों को नगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्हें एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए गए। खूंखार कुत्तों के हमले में फरीदनगर निवासी चंदा लाल, दूल्हापुर चौहान निवासी छह वर्षीय रूवी पुत्री सरताज, ठाकुरद्वारा वार्ड 19 निवासी रईस अहमद पुत्र हबीब अहमद, रामनगर खागूवाला निवासी निशा 8 पुत्री रोहताश, जटपुरा महावतपुर निवासी यशपाल सिंह पुत्र नेतराम सिंह, सरकड़ा करीम निवासी रामपाल सिंह पुत्र तेजा घायल हो गए।