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कायाकल्प में डिलारी पीएचसी को मिला प्रथम स्थान
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मुरादाबाद। कायाकल्प योजना में 80 फीसदी मानकों को पूरा करने पर पीएचसी श्रेणी में डिलारी को पहला स्थान मिला है। कायाकल्प के लिए डिलारी पीएचसी को दो लाख रुपये मिलेंगे। वहीं बिलारी, कांठ, ठाकुरद्वारा सीएचसी को एक-एक लाख रुपये मिलेंगे, जबकि जिला और महिला अस्पताल को तीन-तीन लाख रुपये दिए जाएंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए वर्ष 2016-17 में प्रदेश में कायाकल्प योजना शुरू की गई थी। इसके तहत अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं, बिल्डिंग, साफ-सफाई, योजनाओं के क्रियान्वयन की मानीटरिंग की जाती है। शासन की टीम इसका आब्जर्वेशन करती है। मरीजों से स्वास्थ्य सेवाओं की फीडबैक लेती है। साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों से योजनों के बारे में जानकारी लेती है। इसके आधार पर अंक दिए जाते हैं। कायाकल्प अवार्ड 2020-21 की घोषणा कर दी गई है। पीएचसी वर्ग में डिलारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। डिलारी पीएचसी ने अस्सी फीसदी मानकों को पूरा किया। कायाकल्प के लिए दो लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा।
78.15 फीसदी मानकों को पूरा करने पर कुंदरकी पीएचसी को दूसरा स्थान मिला है। कुंदरकी को पचास हजार रुपये मिलेंगे। इसके अलावा पहली बार क्वालीफाई करने पर भोजपुर और मूंढापांडे पीएचसी को भी पचास-पचास हजार रुपये मिलेंगे। नेशनल हेल्थ मिशन के डीपीएम रघुवीर सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल और महिला अस्पताल के कयाकल्प के लिए तीन-तीन लाख रुपये दिए जाएंगे, जबकि बिलारी, कांठ, ठाकुरद्वारा सीएचसी को एक-एक लाख रुपये मिलेंगे।
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पीएचसी श्रेणी में डिलारी को पहला स्थान मिला है। डिलारी पीएचसी में शासन की टीम को 80 फीसदी मानक पूरे मिले। डिलारी को दो लाख रुपये मिलेंगे।
- डा. दीपक वर्मा, एसीएमओ
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स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए वर्ष 2016-17 में प्रदेश में कायाकल्प योजना शुरू की गई थी। इसके तहत अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं, बिल्डिंग, साफ-सफाई, योजनाओं के क्रियान्वयन की मानीटरिंग की जाती है। शासन की टीम इसका आब्जर्वेशन करती है। मरीजों से स्वास्थ्य सेवाओं की फीडबैक लेती है। साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों से योजनों के बारे में जानकारी लेती है। इसके आधार पर अंक दिए जाते हैं। कायाकल्प अवार्ड 2020-21 की घोषणा कर दी गई है। पीएचसी वर्ग में डिलारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। डिलारी पीएचसी ने अस्सी फीसदी मानकों को पूरा किया। कायाकल्प के लिए दो लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा।
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78.15 फीसदी मानकों को पूरा करने पर कुंदरकी पीएचसी को दूसरा स्थान मिला है। कुंदरकी को पचास हजार रुपये मिलेंगे। इसके अलावा पहली बार क्वालीफाई करने पर भोजपुर और मूंढापांडे पीएचसी को भी पचास-पचास हजार रुपये मिलेंगे। नेशनल हेल्थ मिशन के डीपीएम रघुवीर सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल और महिला अस्पताल के कयाकल्प के लिए तीन-तीन लाख रुपये दिए जाएंगे, जबकि बिलारी, कांठ, ठाकुरद्वारा सीएचसी को एक-एक लाख रुपये मिलेंगे।
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पीएचसी श्रेणी में डिलारी को पहला स्थान मिला है। डिलारी पीएचसी में शासन की टीम को 80 फीसदी मानक पूरे मिले। डिलारी को दो लाख रुपये मिलेंगे।
- डा. दीपक वर्मा, एसीएमओ