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खुशनुमा मौसम रहा तो भाग जाएगा डेंगू
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Fri, 23 Sep 2016 02:15 AM IST
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बुधवार की रात बारिश से गुुरुवार को मौसम खुशनुमा हो गया। उमसभरी गर्मी से राहत देने वाला ये मौसम अगर तीन से चार दिनों तक ऐसे बना रहा तो जिले में चढ़ी बुखार की डिग्री उतर जाएगी।
विशेषज्ञों की माने तो तापमान गिरने से सक्रिय वायरस निष्क्रिय हो जाएंगे। साथ ही शरीर के तापमान में भी कमी आएगी। वहीं उमसभरी गर्मी कम होने पर डेंगू के मच्छर नहीं पनप पाएंगे। जिले में उमसभरी गर्मी के बीच बुखार से हाहाकार मचा हुआ है।
सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी बुखार से तप रही है। ओपीडी में सबसे अधिक वायरल फीवर के मरीज पहुंच रहे हैं। इनकी संख्या कुल मरीजों में आधी होती है। इसके अलावा डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड के भी मरीज पहुंच रहे।
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लेकिन बुधवार की रात झमाझम बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया। तापमान में गिरावट आ गई। उमसभरी गर्मी से लोगों को निजात मिल गई। ये मौसम गर्मी से ही नहीं बल्कि बीमारी से भी राहत दिलाएगी।
डाक्टरों का कहना है कि मौसम में ठंड होने से वायरस इनएक्टिव हो जाते हैं। वायरल इंफेक्शन का खतरा पचास प्रतिशत कम हो जाता है। अलबत्ता ये मौसम तीन-चार दिन ऐसे ही बना रहे।
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विशेषज्ञों की माने तो तापमान गिरने से सक्रिय वायरस निष्क्रिय हो जाएंगे। साथ ही शरीर के तापमान में भी कमी आएगी। वहीं उमसभरी गर्मी कम होने पर डेंगू के मच्छर नहीं पनप पाएंगे। जिले में उमसभरी गर्मी के बीच बुखार से हाहाकार मचा हुआ है।
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सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी बुखार से तप रही है। ओपीडी में सबसे अधिक वायरल फीवर के मरीज पहुंच रहे हैं। इनकी संख्या कुल मरीजों में आधी होती है। इसके अलावा डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड के भी मरीज पहुंच रहे।
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लेकिन बुधवार की रात झमाझम बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया। तापमान में गिरावट आ गई। उमसभरी गर्मी से लोगों को निजात मिल गई। ये मौसम गर्मी से ही नहीं बल्कि बीमारी से भी राहत दिलाएगी।
डाक्टरों का कहना है कि मौसम में ठंड होने से वायरस इनएक्टिव हो जाते हैं। वायरल इंफेक्शन का खतरा पचास प्रतिशत कम हो जाता है। अलबत्ता ये मौसम तीन-चार दिन ऐसे ही बना रहे।