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पिछले 10 सालों में बदला कावंड का स्वरूप
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मुरादाबाद। सावन का महीना शिव भक्तों के लिए एक अलग ही उमंग लेकर लाता हैं। सावन में कांवड़ का भी विशेष महत्व रहता है। दो साल बाद सरकार के कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध हटाने के बाद शिव भक्तों का उत्साह भी चरम पर है। इसके चलते कांवड़ कारोबारियों का दो साल से सूना पड़ा कारोबार भी गुलजार हो गया। महानगर में जगह-जगह कांवड़ के बाजार सजने शुरू हो गए हैं।
कांवड़ कारोबारियों का कहना है कि इस बार समय से पहले ही पास कांवड़ की एडवांस बुकिंग शुरू हो गई है। डीजे एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष राजीव सिंह ने बताया कि लोगों ने 50 फीसदी डीजे की बुकिंग पहले से कर दी है।
मोहल्ला काजी सराय में कांवड़ बनाने वाले जग्गा सिंह पिछले 40 साल से कांवड़ बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दो साल से कावड़ यात्रा न होने के कारण कारोबार ठप रहा। इस बार प्रतिबंध हटाए जाने के बाद शुरूआत से ही कांवड़ की एडवांस बुकिंग हो चुकी हैं। कांवड़ों को बनाने में परिवार के सभी सदस्य उनकी मदद करते हैं। इन कांवड़ो को सादा ही बेचा जाता है। भक्त अपनी मर्जी के अनुरूप उसे भोले शंकर की पसंदीदा चीजों से सजाते हैं। इसे सजाने में वो रंग बिरंगे कपड़ो के साथ डमरू, खेल खिलौनों का इस्तेमाल करते हैं। पहनावे को लेकर भी युवाओं में अलग ही उत्साह है बाजार में भगवा रंग की भोले बाबा की प्रिंट वाली टी-शर्ट के साथ रुद्राक्ष की माला युवाओं जमकर खरीद रहे हैं।
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कांवड़ कारोबारियों का कहना है कि इस बार समय से पहले ही पास कांवड़ की एडवांस बुकिंग शुरू हो गई है। डीजे एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष राजीव सिंह ने बताया कि लोगों ने 50 फीसदी डीजे की बुकिंग पहले से कर दी है।
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मोहल्ला काजी सराय में कांवड़ बनाने वाले जग्गा सिंह पिछले 40 साल से कांवड़ बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दो साल से कावड़ यात्रा न होने के कारण कारोबार ठप रहा। इस बार प्रतिबंध हटाए जाने के बाद शुरूआत से ही कांवड़ की एडवांस बुकिंग हो चुकी हैं। कांवड़ों को बनाने में परिवार के सभी सदस्य उनकी मदद करते हैं। इन कांवड़ो को सादा ही बेचा जाता है। भक्त अपनी मर्जी के अनुरूप उसे भोले शंकर की पसंदीदा चीजों से सजाते हैं। इसे सजाने में वो रंग बिरंगे कपड़ो के साथ डमरू, खेल खिलौनों का इस्तेमाल करते हैं। पहनावे को लेकर भी युवाओं में अलग ही उत्साह है बाजार में भगवा रंग की भोले बाबा की प्रिंट वाली टी-शर्ट के साथ रुद्राक्ष की माला युवाओं जमकर खरीद रहे हैं।
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