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दूसरी मंजिल से गिरा 72 लाख का बकायेदार,हंगामा
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रामपुर। भाई के यहां आए 72 लाख रुपये स्टांप ड्यूटी के बकायेदार गांव नगलिया आकिल निवासी गफ्फार को पकड़ने राजस्व टीम पहुंच गई। इस दौरान गफ्फार मकान की दूसरी मंजिल से पड़ोसी के टिन शेड पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों ने राजस्व टीम पर छत से फेंकने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया। घबराए नायब तहसीलदार ने इमरजेंसी के एक कमरे में बंद करके खुद को बचाया। राजस्व टीम ने भागने के प्रयास में गिरकर खुद ही घायल होने का दावा किया और संग्रह अमीन की तहरीर पर पुलिस ने तीन नामजद समेत छह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
गांव नगलिया आकिल निवासी गफ्फार सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के मैगजीन बरेली गेट निवासी अपने भाई गुफरान के यहां परिवार के साथ आया हुआ है। तहसील के अधिकारियों के अनुसार गफ्फार ने वर्ष 2012 में ज्वालानगर में एक एकड़ जमीन का बैनामा किया था। आरोप है कि उसने निर्धारित स्टांप शुल्क से 27.41 लाख रुपये के स्टांप कम लगाए थे। वर्तमान में मूल राशि और ब्याज मिलाकर यह रकम करीब 72 लाख रुपये पहुंच गई है।
राजस्व वसूली के लिए एक टीम गफ्फार के घर नगलिया आकिल गई। वहां बताया गया कि गफ्फार मैगजीन बरेली गेट निवासी अपने भाई गुफरान के यहां गया है। इस पर राजस्व टीम नायब तहसीलदार संजय कुमार के नेतृत्व में शुक्रवार को गुफरान के यहां पहुंची। घर के बाहर आई महिलाओं ने गफ्फार के न होने की बात कहकर गेट बंद कर लिया। टीम का दावा था कि गफ्फार घर में ही है। थोड़ी देर में तहसीलदार सदर प्रमोद कुमार भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस फोर्स भी बुला ली गई। आवाज देने के बाद भी गफ्फार बाहर नहीं आया। आरोप है कि परिजन उन्हें रस्सी के सहारे घर की छत से पड़ोसी की छत पर उतार रहे थे। हड़बड़ाहट में गफ्फार पड़ोसी के घर के टिन शेड पर गिर गया। उनके पैर, हाथ, सिर में गंभीर चोटें आईं।
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घटना के बाद राजस्व टीम और पुलिस में अफरा तफरी मच गई। आनन-फानन परिजन और सीओ सिटी अनुज कुमार ने पुलिस कर्मियों की मदद से घायल गफ्फार को चारपाई पर लिटा कर नीचे उतरवाया और जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में गफ्फार के परिजनों ने राजस्व टीम के एक सदस्य पर गफ्फार को छत से फेेंकने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इससे घबराए नायब तहसीलदार संजय कुमार ने खुद को इमरजेंसी वार्ड के एक कमरे में बंद कर लिया। पुलिस ने पहुंच कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। इधर गंभीर हालत देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देकर गफ्फार को रेफर कर दिया। परिजनों ने उन्हें मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
संग्रह अमीन मदनपाल की तहरीर पर सिविल लाइंस थाने मेें गफ्फार, उनके भाई गुफरान, उनकी पत्नी और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और बलवा करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।
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गांव नगलिया आकिल निवासी गफ्फार सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के मैगजीन बरेली गेट निवासी अपने भाई गुफरान के यहां परिवार के साथ आया हुआ है। तहसील के अधिकारियों के अनुसार गफ्फार ने वर्ष 2012 में ज्वालानगर में एक एकड़ जमीन का बैनामा किया था। आरोप है कि उसने निर्धारित स्टांप शुल्क से 27.41 लाख रुपये के स्टांप कम लगाए थे। वर्तमान में मूल राशि और ब्याज मिलाकर यह रकम करीब 72 लाख रुपये पहुंच गई है।
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राजस्व वसूली के लिए एक टीम गफ्फार के घर नगलिया आकिल गई। वहां बताया गया कि गफ्फार मैगजीन बरेली गेट निवासी अपने भाई गुफरान के यहां गया है। इस पर राजस्व टीम नायब तहसीलदार संजय कुमार के नेतृत्व में शुक्रवार को गुफरान के यहां पहुंची। घर के बाहर आई महिलाओं ने गफ्फार के न होने की बात कहकर गेट बंद कर लिया। टीम का दावा था कि गफ्फार घर में ही है। थोड़ी देर में तहसीलदार सदर प्रमोद कुमार भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस फोर्स भी बुला ली गई। आवाज देने के बाद भी गफ्फार बाहर नहीं आया। आरोप है कि परिजन उन्हें रस्सी के सहारे घर की छत से पड़ोसी की छत पर उतार रहे थे। हड़बड़ाहट में गफ्फार पड़ोसी के घर के टिन शेड पर गिर गया। उनके पैर, हाथ, सिर में गंभीर चोटें आईं।
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घटना के बाद राजस्व टीम और पुलिस में अफरा तफरी मच गई। आनन-फानन परिजन और सीओ सिटी अनुज कुमार ने पुलिस कर्मियों की मदद से घायल गफ्फार को चारपाई पर लिटा कर नीचे उतरवाया और जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में गफ्फार के परिजनों ने राजस्व टीम के एक सदस्य पर गफ्फार को छत से फेेंकने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इससे घबराए नायब तहसीलदार संजय कुमार ने खुद को इमरजेंसी वार्ड के एक कमरे में बंद कर लिया। पुलिस ने पहुंच कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। इधर गंभीर हालत देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देकर गफ्फार को रेफर कर दिया। परिजनों ने उन्हें मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
संग्रह अमीन मदनपाल की तहरीर पर सिविल लाइंस थाने मेें गफ्फार, उनके भाई गुफरान, उनकी पत्नी और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और बलवा करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।