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बुखार से दो छात्रा समेत तीन की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Wed, 07 Sep 2016 11:40 AM IST
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स्वास्थ्य
- फोटो : demo
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क्षेत्र में मंगलवार को बुखार से दो छात्राओं सहित तीन की मौत हो गई। मरने वाली छात्राएं रतनपुर कलां की रहने वाली थी। जबकि जान गंवाने वाला युवा व्यापारी पाकबड़ा निवासी था। प्रभावित गांवों में टीम के नहीं पहुंचने से ग्रामीण झोलाछापों से इलाज कराने को मजबूर हैं। वहीं बुखार से लगातार हो रही मौतों से ग्रामीणों में दहशत है।
रतनपुर कलां गांव निवासी महीपाल सिंह पुत्री रोहिनी इंटरमीडिएट की छात्रा थी। पांच दिन पहले उसे बुखार की शिकायत हुई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज से कोई फायदा नहीं हुआ है। बाद में उसकी मौत हो गई। वहीं गांव के मोहम्मद उमर की बेटी शुहाना की बुखार से हालत बिगड़ गई।
परिजन उसे डाक्टर के पास ले गए। जहां उसकी मौत हो गई। शुहाना कक्षा ग्यारह की छात्रा थी। कस्बे मौर्य नगर मोहल्ले निवासी गल्ला व्यापारी किशन सिंह (30) पुत्र लाल सिंह की मौत बुखार के चलते सोमवार की रात हो गई। सात दिन पहले किशन सिंह को बुखार आया था। इसके बाद परिजनों ने कई स्थानों पर इलाज कराया था, लेकिन कोई फायदा नही हुआ। लगातार हो रही मौतों से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।
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पंद्रह दिनों में आठ मौतों से दहशत
पाकबड़ा। रतनपुर कलां गांव में बीते पंद्रह दिनों में बुखार से आठ मौतें हो चुकी है। जिसे लेकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। गांव में रसीत पुत्र सन्नू, चिनिया पत्नी रसीत, कारी मुस्तकीम, प्रमोदेवी, बहादुर पुर गांव निवासी कांति देवी पत्नी मुन्ना लाल सिंह, कोढ़री गांव निवासी अखिलेश पुत्र हरपाल सिंह, करनपुर गांव निवासी अलतमस पुत्र मोहम्मद हसन, भाड़ली में अनवरी पत्नी दिलहसन और हसमपुर गोपाल गांव में रसीदन पत्नी हब्बू, हरपाल सिंह, बच्ची गुड़िया पुत्री गोपाल सिंह मौत बुखार के चलते बीते पंद्रह दिनों में हो चुकी है।
झोलाछापों के चक्कर में पड़कर कर्जदार हो रहे लोग
पाकबड़ा। बुखार आते ही ग्रामीण झोलाछाप मरीज के घर पहुंच जाते है। झोलाछाप के इलाज से मरीज ठीक तो होता नहीं उल्टे हालत खराब हो जाती है। वहीं बुखार से मौत का डर दिखाकर ग्रामीणों से मनमानी वसूली कर लेता है। जब तक मरीज किसी डाक्टर के पास पहुंचता है वह कर्जदार हो जाता है।
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रतनपुर कलां गांव निवासी महीपाल सिंह पुत्री रोहिनी इंटरमीडिएट की छात्रा थी। पांच दिन पहले उसे बुखार की शिकायत हुई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज से कोई फायदा नहीं हुआ है। बाद में उसकी मौत हो गई। वहीं गांव के मोहम्मद उमर की बेटी शुहाना की बुखार से हालत बिगड़ गई।
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परिजन उसे डाक्टर के पास ले गए। जहां उसकी मौत हो गई। शुहाना कक्षा ग्यारह की छात्रा थी। कस्बे मौर्य नगर मोहल्ले निवासी गल्ला व्यापारी किशन सिंह (30) पुत्र लाल सिंह की मौत बुखार के चलते सोमवार की रात हो गई। सात दिन पहले किशन सिंह को बुखार आया था। इसके बाद परिजनों ने कई स्थानों पर इलाज कराया था, लेकिन कोई फायदा नही हुआ। लगातार हो रही मौतों से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।
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पंद्रह दिनों में आठ मौतों से दहशत
पाकबड़ा। रतनपुर कलां गांव में बीते पंद्रह दिनों में बुखार से आठ मौतें हो चुकी है। जिसे लेकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। गांव में रसीत पुत्र सन्नू, चिनिया पत्नी रसीत, कारी मुस्तकीम, प्रमोदेवी, बहादुर पुर गांव निवासी कांति देवी पत्नी मुन्ना लाल सिंह, कोढ़री गांव निवासी अखिलेश पुत्र हरपाल सिंह, करनपुर गांव निवासी अलतमस पुत्र मोहम्मद हसन, भाड़ली में अनवरी पत्नी दिलहसन और हसमपुर गोपाल गांव में रसीदन पत्नी हब्बू, हरपाल सिंह, बच्ची गुड़िया पुत्री गोपाल सिंह मौत बुखार के चलते बीते पंद्रह दिनों में हो चुकी है।
झोलाछापों के चक्कर में पड़कर कर्जदार हो रहे लोग
पाकबड़ा। बुखार आते ही ग्रामीण झोलाछाप मरीज के घर पहुंच जाते है। झोलाछाप के इलाज से मरीज ठीक तो होता नहीं उल्टे हालत खराब हो जाती है। वहीं बुखार से मौत का डर दिखाकर ग्रामीणों से मनमानी वसूली कर लेता है। जब तक मरीज किसी डाक्टर के पास पहुंचता है वह कर्जदार हो जाता है।