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Moradabad News: परीक्षा कार्य में लगे शिक्षक की मौत, शिक्षक बोले हीट स्ट्रोक है वजह
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मुरादाबाद। परीक्षा कार्य में लगे महाविद्यालय के एक शिक्षक की मौत हो गई है। शिक्षकों का कहना है कि कर्मचारी की मौत हीट स्ट्रोक की वजह से हुई है। उन्होंने विश्वविद्यालय से प्रश्नपत्र वितरण का समय बढ़ाने की मांग की है।
कॉलेजों में सेमेस्टर व वार्षिक परीक्षाएं आयोजित करवाई जा रही हैं। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने हिंदू कॉलेज को करीब 14 स्ववित्तपोषित कॉलेजों के प्रश्नपत्रों के वितरण के लिए नोडल केंद्र और उत्तर पुस्तिकाओं को जमा करने के लिए करीब 28 कॉलेजों का संकलन केंद्र बनाया है। संभल के दो कॉलेजों के अलावा सैफनी जिला रामपुर के इंटीग्रल डिग्री कॉलेज के लिए भी यहीं से प्रश्नपत्र भेजे जाते हैं। वहीं संभल के तीन और रामपुर के एक कॉलेज की उत्तर पुस्तिकाएं जमा होती हैं। बताया जाता है कि इंटीग्रल कॉलेज के उप प्राचार्य और आकाशदीप अपार्टमेंट रामगंगा विहार मुरादाबाद निवासी मनोज कुमार अग्रवाल की 29 मई को हिंदू कॉलेज में शाम की पाली की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने के बाद अत्यधिक गर्मी की वजह से तबियत खराब हो गई थी। उन्हें उपचार के लिए मुरादाबाद के ही एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। तबियत में सुधार नहीं होने की वजह से 13 जून को उनका निधन हो गया। इस घटना के बाद शिक्षकों में रोष है।
30 मिनट पहले ही मिलते हैं प्रश्नपत्र
अक्तूबर 2023 होने वाली परीक्षाओं में नोडल केंद्र से स्ववित्तपोषित कॉलेजों को एक घंटा पहले प्रश्नपत्र दिया जाता था। लेकिन अब विश्वविद्यालय ने नियम बदल दिया है। नोडल केंद्र से प्रश्नपत्र देने का समय अब परीक्षा शुरु होने से 30 मिनट पहले कर दिया गया है। इतने कम समय में परीक्षा केंद्र पर पेपर पहुंचाने के लिए कर्मचारी और शिक्षक तो जद्दोजहद करते ही हैं, साथ ही कई बार विद्यार्थियों को भी समय से पेपर नहीं मिल पाता है।
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19 मार्च से चल रही हैं परीक्षा
कॉलेजों में वार्षिक परीक्षाएं 19 मार्च से आयोजित की जा रही थीं। मई माह के अंतिम सप्ताह में सेमेस्टर परीक्षाएं भी शुरु हो गई हैं। यह परीक्षाएं 27 या 28 जून तक चलनी हैं। 19 जून से परास्नातक की सेमेस्टर परीक्षाएं शुरु हो जाएंगी। शिक्षकों के अनुसार लगातार तीन महीने से और अब इस भीषण गर्मी में तीन-तीन शिफ्ट में प्रश्नपत्र पहुंचाना और उत्तर पुस्तिकाएं लाना बहुत थकान देने वाला है।
- मनोज कुमार अग्रवाल प्रतिदिन तीनों शिफ्ट में या फिर कभी दो शिफ्ट में प्रश्नपत्र लेने आते थे। कई बार उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने भी वह आते थे। 35 किलोमीटर दूर कॉलेज में प्रश्नपत्र पहुंचाना अपने आप में चुनौती है। भीषण गर्मी में कई शिक्षक भी बीमार हुए हैं। विश्वविद्यालय को परीक्षाओं के समय में या फिर प्रश्नपत्र वितरित करने के समय में बदलाव करना चाहिए।
डॉ. जेके पाठक, परीक्षा प्रभारी, हिंदू कॉलेज
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कॉलेजों में सेमेस्टर व वार्षिक परीक्षाएं आयोजित करवाई जा रही हैं। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने हिंदू कॉलेज को करीब 14 स्ववित्तपोषित कॉलेजों के प्रश्नपत्रों के वितरण के लिए नोडल केंद्र और उत्तर पुस्तिकाओं को जमा करने के लिए करीब 28 कॉलेजों का संकलन केंद्र बनाया है। संभल के दो कॉलेजों के अलावा सैफनी जिला रामपुर के इंटीग्रल डिग्री कॉलेज के लिए भी यहीं से प्रश्नपत्र भेजे जाते हैं। वहीं संभल के तीन और रामपुर के एक कॉलेज की उत्तर पुस्तिकाएं जमा होती हैं। बताया जाता है कि इंटीग्रल कॉलेज के उप प्राचार्य और आकाशदीप अपार्टमेंट रामगंगा विहार मुरादाबाद निवासी मनोज कुमार अग्रवाल की 29 मई को हिंदू कॉलेज में शाम की पाली की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने के बाद अत्यधिक गर्मी की वजह से तबियत खराब हो गई थी। उन्हें उपचार के लिए मुरादाबाद के ही एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। तबियत में सुधार नहीं होने की वजह से 13 जून को उनका निधन हो गया। इस घटना के बाद शिक्षकों में रोष है।
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30 मिनट पहले ही मिलते हैं प्रश्नपत्र
अक्तूबर 2023 होने वाली परीक्षाओं में नोडल केंद्र से स्ववित्तपोषित कॉलेजों को एक घंटा पहले प्रश्नपत्र दिया जाता था। लेकिन अब विश्वविद्यालय ने नियम बदल दिया है। नोडल केंद्र से प्रश्नपत्र देने का समय अब परीक्षा शुरु होने से 30 मिनट पहले कर दिया गया है। इतने कम समय में परीक्षा केंद्र पर पेपर पहुंचाने के लिए कर्मचारी और शिक्षक तो जद्दोजहद करते ही हैं, साथ ही कई बार विद्यार्थियों को भी समय से पेपर नहीं मिल पाता है।
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19 मार्च से चल रही हैं परीक्षा
कॉलेजों में वार्षिक परीक्षाएं 19 मार्च से आयोजित की जा रही थीं। मई माह के अंतिम सप्ताह में सेमेस्टर परीक्षाएं भी शुरु हो गई हैं। यह परीक्षाएं 27 या 28 जून तक चलनी हैं। 19 जून से परास्नातक की सेमेस्टर परीक्षाएं शुरु हो जाएंगी। शिक्षकों के अनुसार लगातार तीन महीने से और अब इस भीषण गर्मी में तीन-तीन शिफ्ट में प्रश्नपत्र पहुंचाना और उत्तर पुस्तिकाएं लाना बहुत थकान देने वाला है।
- मनोज कुमार अग्रवाल प्रतिदिन तीनों शिफ्ट में या फिर कभी दो शिफ्ट में प्रश्नपत्र लेने आते थे। कई बार उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने भी वह आते थे। 35 किलोमीटर दूर कॉलेज में प्रश्नपत्र पहुंचाना अपने आप में चुनौती है। भीषण गर्मी में कई शिक्षक भी बीमार हुए हैं। विश्वविद्यालय को परीक्षाओं के समय में या फिर प्रश्नपत्र वितरित करने के समय में बदलाव करना चाहिए।
डॉ. जेके पाठक, परीक्षा प्रभारी, हिंदू कॉलेज