फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   daily many animals slating

हर रोज काटे जा रहे हैं सैकड़ों पशु

Tue, 21 Mar 2017 02:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद Updated Tue, 21 Mar 2017 02:45 AM IST
विज्ञापन
daily many animals slating
गाय - फोटो : अमर उजाला
ये अजीब इत्तफाक है कि सरकारी रिकार्डों में जिले के सभी बूचड़खाने बंद हैं। प्रशासन की माने तो यहां एक भी पशु नहीं काटा जाता है। लेकिन असालतपुरा के नाले में बहाता खून और इस इलाके से उठीं बदबू कुछ और ही बताती है।
विज्ञापन


ये हाल केवल असालतपुरा का नहीं, बल्कि शहर से लेकर देहात तक तमाम जगह ऐसी हैं। जहां बूचड़खाने चल रहे हैं। पिछले पांच साल तक इन बूचड़खाने तक पुलिस ने पहुंचने की हिम्मत तक नहीं जुटाई। अब अफसर प्लान बना रहे हैं कि अवैध कटान गृह पर सख्त कार्रवाई करेंगे।
विज्ञापन


गोपनीय तरीके से पुलिस टीमें लगाकर पता कराया जा रहा है कि जिले में कहां कहां बूचनखाना है। गलशहीद का असालतपुरा, मैनाठेर में सिरसी, भोजपुर में पीपलसाना, गुलाबबाड़ी में बड़े पैमाने पर पशु कटान खुलेआम किए जाते थे। लेकिन बसपा सरकार में इन बूचड़खाने पर सख्त कार्रवाई की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


बूचड़खाने बंद कर दिए गए थे और इनका संचालनकर रहे लोगों पर केस दर्ज किए गए थे। इसके बाद सभी अवैध कटान बंद कर दिया गया था। सत्ता बदली तो मीट माफिया फिर से सक्रिय हो गए थे और उन्होंने अवैध धंधे शुरू कर दिए थे। कागजों में भले ही ये कटान गृह बंद रहे।

लेकिन इनका धंधा कभी बंद नहीं हुआ। पिछले पांच साल से पुलिस अफसर सब कुछ जानते हुए भी खामोश रहे। मीट माफिया और इस कारोबार में लिप्त लोगों की सियासी पकड़ इतनी मजबूत थी कि किसी अफसर ने कार्रवाई करनी भी चाही तो उसका ट्रांसफर करा दिया गया।

कांठ थानाक्षेत्र में खुले जा रही मीट फैक्ट्री की परमिशन न देने पर तत्कालीन एसएसपी डीसी दुबे का तबादला करा दिया गया था। जिले में अब भी सैकड़ों अवैध बूचड़खाने चल रहे हैं। फिर से सत्ता बदल गई है।


भाजपा ने चुनाव से पहले ही बता दिया था कि अगर प्रदेश में उनकी सरकारी आई तो सभी बूचड़खाने बंद कर दिए जाएंगे। अब अफसरों के भी अंदाज बदल गए हैं। पांच साल तक जिन्हें पशु कटान गृह दिखाई नहीं दिए। अब उन्होंने अधीनस्थों को आदेश दिए हैं कि अपने अपने क्षेत्रों में चल रहे अवैध पशु कटान गृह पर कार्रवाई करें। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed