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साइबर सेल ने वापस कराई ऑनलाइन ठगी की रकम
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मुरादाबाद। ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए चार पीड़ितों की रकम मंगलवार को साइबर सेल ने वापस कराई। अलग-अलग तरीके से पीड़ितों से ठगी की गई थी। सहायक पुलिस अधीक्षक अनिल यादव ने बताया कि 1,92,368 रुपये पीड़ितों के खाते में वापस कराए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि रामशरण कालोनी निवासी देवांशी ने ऑनलाइन सेलिंग साइट पर स्कूटी बेचने का विज्ञापन डाला था। एक व्यक्ति ने स्कूटी खरीदने की इच्छा जताई। उसने एक लिंक भेजा और कहा वह इस लिंक के जरिये पैसे एडवांस भेज देगा। देवांशी ने लिंक पर क्लिक करके डीटेल भरी जिसके बाद चार बार में उसके खाते से 97000 रुपये कट गए। साइबर सेल ने उसकी पूरी रकम वापस करा दी है। रहमत नगर निवासी मोहम्मद आरिफ ने बाइक बेचने का विज्ञापन साइट पर डाला था। उसे भी इसी तरह का लिंक भेजा गया था। डीटेल भरते ही आरिफ के खाते से 45000 रुपये गायब हो गए। साइबर सेल ने उसकी भी पूरी रकम मंगलवार को वापस करा दी।
राहुल सैनी निवासी कुंदनपुर ढक्का थाना मझोला से अज्ञात व्यक्ति ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर एनी डेस्क एप्लीकेशन के जरिये उसके खाते से पांच बार में 37900 रुपये निकाल लिए गए। 29521 रुपये राहुल के खाते में वापस करा दिए गए हैं। भोजपुर के गांव चकबेगमपुर निवासी विकास कुमार से भी एनी डेस्क एप्लिकेशन के जरिये 93730 रुपये ठग लिए गए थे। साइबर सेल ने उसके खाते में 20847 रुपये वापस कराए हैं।
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इस तरह बचें साइबर ठगी से
- सोशल साइट्स पर अपनी निजी जानकारी जैसे आईडी नंबर, बैंक खाता आदि साझा न करें।
- स्पैम मेल और मैसेज या कॉल पर प्रतिक्रिया न दें
- इंटरनेट पर आने वाले विज्ञापनों पर क्लिक न करें
- सिम ब्लॉक, बैंक खाता ब्लॉक होने के संदेश या कॉल आने पर संबंधित बैंक या ऑपरेटर के ऑफिस में ही संपर्क करें
- किसी को भी कॉल पर बैंक खातों से संबंधित कोई निजी जानकारी उपलब्ध न कराएं
- साइबर अपराध होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। 24 से 48 घंटे के अंदर धन वापसी संभव है
- ऑनलाइन खरीदारी में सतर्कता रखें, प्रचलित और भरोसेमंद साइट से ही खरीदारी करें
- ऑनलाइन भुगतान करते समय ध्यान दें कि लिंक पर वेब ब्राउजर में हरे रंग के लॉक का निशान जरूर हो, यदि ऐसा नहीं है तो आपका भुगतान सुरक्षित नहीं है और बैंक खाते संबंधी जानकारी लीक हो सकती है
- ऑनलाइन भुगतान हमेशा सुरक्षित पेमेंट गेटवे के जरिये ही करें, जैसे रोजर पे, बिल डेस्क आदि।
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पुलिस ने बताया कि रामशरण कालोनी निवासी देवांशी ने ऑनलाइन सेलिंग साइट पर स्कूटी बेचने का विज्ञापन डाला था। एक व्यक्ति ने स्कूटी खरीदने की इच्छा जताई। उसने एक लिंक भेजा और कहा वह इस लिंक के जरिये पैसे एडवांस भेज देगा। देवांशी ने लिंक पर क्लिक करके डीटेल भरी जिसके बाद चार बार में उसके खाते से 97000 रुपये कट गए। साइबर सेल ने उसकी पूरी रकम वापस करा दी है। रहमत नगर निवासी मोहम्मद आरिफ ने बाइक बेचने का विज्ञापन साइट पर डाला था। उसे भी इसी तरह का लिंक भेजा गया था। डीटेल भरते ही आरिफ के खाते से 45000 रुपये गायब हो गए। साइबर सेल ने उसकी भी पूरी रकम मंगलवार को वापस करा दी।
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राहुल सैनी निवासी कुंदनपुर ढक्का थाना मझोला से अज्ञात व्यक्ति ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर एनी डेस्क एप्लीकेशन के जरिये उसके खाते से पांच बार में 37900 रुपये निकाल लिए गए। 29521 रुपये राहुल के खाते में वापस करा दिए गए हैं। भोजपुर के गांव चकबेगमपुर निवासी विकास कुमार से भी एनी डेस्क एप्लिकेशन के जरिये 93730 रुपये ठग लिए गए थे। साइबर सेल ने उसके खाते में 20847 रुपये वापस कराए हैं।
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इस तरह बचें साइबर ठगी से
- सोशल साइट्स पर अपनी निजी जानकारी जैसे आईडी नंबर, बैंक खाता आदि साझा न करें।
- स्पैम मेल और मैसेज या कॉल पर प्रतिक्रिया न दें
- इंटरनेट पर आने वाले विज्ञापनों पर क्लिक न करें
- सिम ब्लॉक, बैंक खाता ब्लॉक होने के संदेश या कॉल आने पर संबंधित बैंक या ऑपरेटर के ऑफिस में ही संपर्क करें
- किसी को भी कॉल पर बैंक खातों से संबंधित कोई निजी जानकारी उपलब्ध न कराएं
- साइबर अपराध होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। 24 से 48 घंटे के अंदर धन वापसी संभव है
- ऑनलाइन खरीदारी में सतर्कता रखें, प्रचलित और भरोसेमंद साइट से ही खरीदारी करें
- ऑनलाइन भुगतान करते समय ध्यान दें कि लिंक पर वेब ब्राउजर में हरे रंग के लॉक का निशान जरूर हो, यदि ऐसा नहीं है तो आपका भुगतान सुरक्षित नहीं है और बैंक खाते संबंधी जानकारी लीक हो सकती है
- ऑनलाइन भुगतान हमेशा सुरक्षित पेमेंट गेटवे के जरिये ही करें, जैसे रोजर पे, बिल डेस्क आदि।