{"_id":"66a6e60d37a02130420e5a74","slug":"crowds-of-kanwadis-thronged-the-streets-shiva-temples-started-resonating-from-late-night-moradabad-news-c-15-1-mbd1005-447568-2024-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: सड़कों पर उमड़ा कांवड़ियों का हुजूम, देर रात से गूंजने लगे शिवालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: सड़कों पर उमड़ा कांवड़ियों का हुजूम, देर रात से गूंजने लगे शिवालय
विज्ञापन
मुरादाबाद। सावन के दूसरे सोमवार को जलाभिषेक के लिए रविवार को मंदिरों में साफ-सफाई और सजावट का दौर चला। बड़ी संख्या में श्रद्धालु रविवार आधी रात से ही हरिद्वार और ब्रजघाट से कांवड़ लेकर लौटने लगे थे। सड़कों पर कांवड़ियों का हुजूम नजर आया। मंदिरों में भोलेनाथ के जयकारों की गूंज रही। सोमवार तड़के से ही शिवालयों में जलाभिषेक शुरू हो गया।
मंदिरों में रविवार दोपहर तक भोलेनाथ की आराधना के लिए तैयारियाें को अंतिम रूप दिया गया। साफ-सफाई के अलावा अन्य व्यवस्थाएं की गईं। शाम होते-होते मंदिरों में श्रद्धालुओं की रौनक दिखाई देने लगी। रविवार देर रात से लेकर सोमवार तड़के तक हरिद्वार और ब्रजघाट से श्रद्धालु कांवड़ लेकर मंदिरों में पहुंच गए थे। पैरों में घुंघरू, होठों पर भोलेनाथ के जयकारे और गेरुआ पोशाक पहने भोले के भक्त श्रद्धाभाव से मंदिरों में पहुंचे।
शहर के प्राचीन शिव मंदिर चौरासी घंटा, ऋणमुक्तेश्वर, महाकालेश्वर, माता मंदिर, मनोकामना मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर झांझनपुर सहित प्रमुख मंदिरों में सुबह चार बजे से ही जलाभिषेक शुरू हो गया। रविवार रात में हाईवे और कांठ रोड पर बम-बम भोले, हर-हर महादेव के जयकारे गूंजे।
विज्ञापन
भोले के भजनों पर थिरके श्रद्धालु
कांठ रोड और दिल्ली रोड पर रविवार सुबह से ही कांवड़िये जलाभिषेक के लिए गंगाजल लेने जा रहे थे। सड़कों पर हर-हर महादेव के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही थी। डीजे पर भोलेनाथ के भजनों पर शिवभक्त थिरकते हुए चल रहे थे। रविवार को बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर जिले के कांवड़ियों की संख्या काफी ज्यादा रही। कांवड़ियों की टोलियों के साथ ट्रैक्टर-ट्राॅली पर नृत्य करते कलाकार भी शामिल रहे। कलाकारों ने भोले के भजनों पर धूम मचा दी।
भगवा के साथ तिरंगा खरीदने का दिखा उत्साह
शहर के श्रद्धालु ब्रजघाट से कांवड़ लाने के लिए रविवार दोपहर में रवाना हुए। दिल्ली रोड पर जगह-जगह तिरंगा और भगवा ध्वज की दुकानें सजी हुई थीं। सबसे छोटा तिरंगा 20 रुपये का था। इसके बाद 250 रुपये तक के तिरंगा और भगवा ध्वजों की खरीदारी की गई। ट्रैक्टर-ट्राॅली के अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने दोपहिया वाहनों पर तिरंगा और भगवा ध्वज लगाकर कांवड़ लेने ब्रजघाट गए।
विज्ञापन
मंदिरों में रविवार दोपहर तक भोलेनाथ की आराधना के लिए तैयारियाें को अंतिम रूप दिया गया। साफ-सफाई के अलावा अन्य व्यवस्थाएं की गईं। शाम होते-होते मंदिरों में श्रद्धालुओं की रौनक दिखाई देने लगी। रविवार देर रात से लेकर सोमवार तड़के तक हरिद्वार और ब्रजघाट से श्रद्धालु कांवड़ लेकर मंदिरों में पहुंच गए थे। पैरों में घुंघरू, होठों पर भोलेनाथ के जयकारे और गेरुआ पोशाक पहने भोले के भक्त श्रद्धाभाव से मंदिरों में पहुंचे।
विज्ञापन
शहर के प्राचीन शिव मंदिर चौरासी घंटा, ऋणमुक्तेश्वर, महाकालेश्वर, माता मंदिर, मनोकामना मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर झांझनपुर सहित प्रमुख मंदिरों में सुबह चार बजे से ही जलाभिषेक शुरू हो गया। रविवार रात में हाईवे और कांठ रोड पर बम-बम भोले, हर-हर महादेव के जयकारे गूंजे।
विज्ञापन
भोले के भजनों पर थिरके श्रद्धालु
कांठ रोड और दिल्ली रोड पर रविवार सुबह से ही कांवड़िये जलाभिषेक के लिए गंगाजल लेने जा रहे थे। सड़कों पर हर-हर महादेव के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही थी। डीजे पर भोलेनाथ के भजनों पर शिवभक्त थिरकते हुए चल रहे थे। रविवार को बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर जिले के कांवड़ियों की संख्या काफी ज्यादा रही। कांवड़ियों की टोलियों के साथ ट्रैक्टर-ट्राॅली पर नृत्य करते कलाकार भी शामिल रहे। कलाकारों ने भोले के भजनों पर धूम मचा दी।
भगवा के साथ तिरंगा खरीदने का दिखा उत्साह
शहर के श्रद्धालु ब्रजघाट से कांवड़ लाने के लिए रविवार दोपहर में रवाना हुए। दिल्ली रोड पर जगह-जगह तिरंगा और भगवा ध्वज की दुकानें सजी हुई थीं। सबसे छोटा तिरंगा 20 रुपये का था। इसके बाद 250 रुपये तक के तिरंगा और भगवा ध्वजों की खरीदारी की गई। ट्रैक्टर-ट्राॅली के अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने दोपहिया वाहनों पर तिरंगा और भगवा ध्वज लगाकर कांवड़ लेने ब्रजघाट गए।