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सेल्फी खोलेगी फर्जी दबिश की पोल
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Tue, 09 Aug 2016 12:08 PM IST
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पुलिस
- फोटो : demo
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अब पुलिस कागजी छापेमारी और दबिश का खेल नहीं कर पाएगी। पुलिस विभाग में वर्दीधारियों के इस खेल को पकड़ने के लिए एसएसपी ने ऐसी व्यवस्था चालू की है। जिससे पुलिस वालों की लोकेशन के साथ ही उनकी कार्य की प्रोग्रेस रिपोर्ट तुरंत मिल जाएगी। पुलिस वाले किसी हिस्ट्रीशीटर या अपराधी के बारे में उसके घर की जानकारी करने जाएंगे तो सेल्फी लेकर अफसरों को फोटो शेयर करेंगे।
पुलिस विभाग में आमद और रवानगी की प्रथा लंबे समय से चली आ रही है। पुलिस वाले किसी अपराधी, मुल्जिम की तलाश में, या फिर किसी जगह का नक्शा बनाने की बात कहकर थानों से रवानगी करते हैं। वर्दीधारी मौके पर जाकर छापेमारी करते हैं या फिर बिना दबिश दिए ही अपनी रिपोर्ट तैयार कर जीडी में दर्ज करा देते हैं। इस बारे में तो वह ही जान सकते हैं। लेकिन अब अधिकारी अधीनस्थों के इस खेल को आसानी से पकड़ लेंगे। एसएसपी नितिन तिवारी ने पुलिस के इस खेल को पकड़ने के लिए नई खोज की है। उन्होंने अधीनस्थों को आदेश दिए हैं कि पुलिस वाले जहां भी दबिश देंगे। मौके पर जाएंगे। वहां से सेल्फी खींचकर पुलिस ग्रुप पर शेयर करेंगे।
बॉक्स
हिस्ट्रीशीटरों पर रखी जाएगी नजर
मुरादाबाद। बीट सिपाहियों पर जिम्मेदारी होती है कि वह अपने क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटरों और अपराधी प्रवृत्ति के लोगाें पर नजर रखें। इसलिए वह उनकी लोकेशन तलाश रहे हैं। वह क्या कर रहे हैं और किस काम व रोजगार में लगे हैं। लेकिन सिपाही चौकी में बैठकर कॉलम भरकर ऊपर पहुंचा देते हैं। अब इन सिपाहियों को भी हिस्ट्रीशीटर के घर जाकर सेल्फी लेने होगी।
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बॉक्स
निजी कंपनी में भी शुरू हो चुकी है सेल्फी
मुरादाबाद। निजी कंपनियों ने काम चोर और लापरवाह कर्मचारी पर नकेल कसने के लिए सेल्फी व्यवस्था शुरू की है। फील्ड वर्क करने वाले कर्मचारी दो-दो घंटे के अंतराल से सेल्फी भेजते हैं। निजी कंपनी में तेजी से ये व्यवस्था बढ़ रही है।
बयान
पुलिस टीम कहीं दबिश देगी तो वहां से सेल्फी देगी। इससे पुलिस के बारे में जानकारी मिलती रहेगी। इसके अलावा पुलिस वाले भी अपने काम के प्रति गंभीर रहेंगे।
-नितिन तिवारी, एसएसपी
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पुलिस विभाग में आमद और रवानगी की प्रथा लंबे समय से चली आ रही है। पुलिस वाले किसी अपराधी, मुल्जिम की तलाश में, या फिर किसी जगह का नक्शा बनाने की बात कहकर थानों से रवानगी करते हैं। वर्दीधारी मौके पर जाकर छापेमारी करते हैं या फिर बिना दबिश दिए ही अपनी रिपोर्ट तैयार कर जीडी में दर्ज करा देते हैं। इस बारे में तो वह ही जान सकते हैं। लेकिन अब अधिकारी अधीनस्थों के इस खेल को आसानी से पकड़ लेंगे। एसएसपी नितिन तिवारी ने पुलिस के इस खेल को पकड़ने के लिए नई खोज की है। उन्होंने अधीनस्थों को आदेश दिए हैं कि पुलिस वाले जहां भी दबिश देंगे। मौके पर जाएंगे। वहां से सेल्फी खींचकर पुलिस ग्रुप पर शेयर करेंगे।
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हिस्ट्रीशीटरों पर रखी जाएगी नजर
मुरादाबाद। बीट सिपाहियों पर जिम्मेदारी होती है कि वह अपने क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटरों और अपराधी प्रवृत्ति के लोगाें पर नजर रखें। इसलिए वह उनकी लोकेशन तलाश रहे हैं। वह क्या कर रहे हैं और किस काम व रोजगार में लगे हैं। लेकिन सिपाही चौकी में बैठकर कॉलम भरकर ऊपर पहुंचा देते हैं। अब इन सिपाहियों को भी हिस्ट्रीशीटर के घर जाकर सेल्फी लेने होगी।
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निजी कंपनी में भी शुरू हो चुकी है सेल्फी
मुरादाबाद। निजी कंपनियों ने काम चोर और लापरवाह कर्मचारी पर नकेल कसने के लिए सेल्फी व्यवस्था शुरू की है। फील्ड वर्क करने वाले कर्मचारी दो-दो घंटे के अंतराल से सेल्फी भेजते हैं। निजी कंपनी में तेजी से ये व्यवस्था बढ़ रही है।
बयान
पुलिस टीम कहीं दबिश देगी तो वहां से सेल्फी देगी। इससे पुलिस के बारे में जानकारी मिलती रहेगी। इसके अलावा पुलिस वाले भी अपने काम के प्रति गंभीर रहेंगे।
-नितिन तिवारी, एसएसपी