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लंबे समय से रच रहे थे साजिश मौका मिलते ही बरसाईं तंजील पर गोलियां
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
Updated Thu, 07 Apr 2016 04:03 AM IST
9 गोलियां हो गई शरीर के आर-पार
- फोटो : अमर उजाला
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पुलिस के हत्थे चढ़े शुटरों ने पुलिस को बताया है कि एनआईए अफसर मो. तंजील अहमद की हत्या की साजिश लंबे समय से रची जा रही थी। पहले भी उन्हें मौत के घाट उतारने की प्लानिंग की गई थी। लेकिन तंजील अहमद के दिल्ली से सहसपुर आने की किसी को जानकारी नहीं होती थी।
वह अचानक अपने गांव आते और कुछ घंटे रुकने के बाद ही वापस चले जाते थे। इस बार शादी का शोर मचा था और तंजील के आने की पूरी उम्मीद थी। लिहाजा इस बार उनके दुश्मन अपने मकसद में कामयाब हो गए। सूत्रों की माने तो तंजील अहमद की हत्या में जिस मुनीर को दबोचा गया है।
वह एएमयू का छात्र रहा है। अलीगढ़ में एक कारोबारी और छात्र की हत्या में भी मुनीर का नाम सामने आया था। लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। उस पर अलीगढ़ में पांच हजार रुपये का ईनाम भी घोषित है। अलीगढ़ की गई थी हत्याओं में भी 9 एमएम के हथियार का ही इस्तेमाल किया गया था।
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इन दो घटनाओं के अलावा भी उसने कई हत्याएं की थीं। सूत्रों की माने तो हिस्ट्रीशीटर दिल्ली के ओखला में भी लंबे समय तक रहा। इस इलाके में ही तंजील अहमद अपने परिवार के साथ रहते थे।
पकड़े गए शूटरों से पूछताछ की गई तो उन्होंने महिला का नाम भी पुलिस को बता दिया। लेकिन घटना के बाद से महिला भी अपने घर से फरार है। पुलिस महिला की गिरफ्तारी को उसके रिश्तेदारों के घर तलाश रही है।
सूत्रों का दावा है कि इसके बाद हमलावराें ने शादी में हत्या करने के लिए अपना होमवर्क शुरू कर दिया था। कई बार इलाके की रेकी भी की गई थी। पकड़े गए शूटरों ने पुलिस को बताया है कि उन्हें भी अंदेशा था कि तंजील के साथ के उनके गनर भी हो सकते हैं। इस लिए वह काफी हथियार और कारतूस लेकर आए थे।
वह अचानक अपने गांव आते और कुछ घंटे रुकने के बाद ही वापस चले जाते थे। इस बार शादी का शोर मचा था और तंजील के आने की पूरी उम्मीद थी। लिहाजा इस बार उनके दुश्मन अपने मकसद में कामयाब हो गए। सूत्रों की माने तो तंजील अहमद की हत्या में जिस मुनीर को दबोचा गया है।
वह एएमयू का छात्र रहा है। अलीगढ़ में एक कारोबारी और छात्र की हत्या में भी मुनीर का नाम सामने आया था। लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। उस पर अलीगढ़ में पांच हजार रुपये का ईनाम भी घोषित है। अलीगढ़ की गई थी हत्याओं में भी 9 एमएम के हथियार का ही इस्तेमाल किया गया था।
इन दो घटनाओं के अलावा भी उसने कई हत्याएं की थीं। सूत्रों की माने तो हिस्ट्रीशीटर दिल्ली के ओखला में भी लंबे समय तक रहा। इस इलाके में ही तंजील अहमद अपने परिवार के साथ रहते थे।
वारदात में एक महिला भी शामिल
नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी के अफसर तंजील अहमद की हत्या करने वाले गिरोह में एक महिला भी शामिल बताई जा रही है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि महिला समारोह में भी गई थी। लेकिन उस पर किसी को शक नहीं हुआ था।पकड़े गए शूटरों से पूछताछ की गई तो उन्होंने महिला का नाम भी पुलिस को बता दिया। लेकिन घटना के बाद से महिला भी अपने घर से फरार है। पुलिस महिला की गिरफ्तारी को उसके रिश्तेदारों के घर तलाश रही है।
सगाई में भी आए थे तंजील के हत्यारे
एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद अपनी भांजी की सगाई में भी सहसपुर आए थे। तब भी उनकी हत्या की कोशिश की थी। लेकिन हमलावर और साजिश रचने वाले अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाए थे।सूत्रों का दावा है कि इसके बाद हमलावराें ने शादी में हत्या करने के लिए अपना होमवर्क शुरू कर दिया था। कई बार इलाके की रेकी भी की गई थी। पकड़े गए शूटरों ने पुलिस को बताया है कि उन्हें भी अंदेशा था कि तंजील के साथ के उनके गनर भी हो सकते हैं। इस लिए वह काफी हथियार और कारतूस लेकर आए थे।