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सियासी दबाव में खुल रहीं एमडीए की सील
Updated Mon, 29 Oct 2018 02:21 AM IST
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मुरादाबाद।
टूटती सीलों के साथ प्राधिकरण का रसूख भी दम तोड़ने लगा है। शहर में टूटी एक मल्टीप्लेक्स की सील समेत सील टूटने के पांच बड़े मामलों में प्राधिकरण कोई कार्रवाई नहीं कर पाया है। इसके अलावा ऐसे भी कई मामले हैं जहां प्राधिकरण के अभियंताओं की शह पर ही सीलें तोड़कर अवैध निर्माण शुरू हो चुके हैं। गजरौला में शुरू में की गई एमडीए की सख्ती भी अब सिमटकर रह गई है। एनएचएआई की एनओसी के बगैर हाईवे से सटाकर कई शोरूम बन चुके हैं। सियासी दबाव में एमडीए इनके खिलाफ कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
करीब डेढ़ माह पहले एमडीए की सील तोड़ने की सबसे पहली घटना पीएसी तिराहे पर हुई थी। एक होटल पर लगी सील को होटल मालिक ने तोड़ दिया था। एमडीए अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर सका। इसके बाद सिविल लाइंस और मझोला में एक के बाद एक कई सील तोड़ी गईं। वर्षों से सील पड़ी इमारतों में भी इस दौरान निर्माण कार्य शुरू हो गया। हाल ही में एक मल्टीप्लेक्स की सील तोड़ दी गई। मामले में कुछ अधिकारियों की दिलचस्पी की वजह से एमडीए इस मामले में भी खुद को असहाय महसूस कर रहा है। गजरौला में एमडीए ने शुरू में सख्ती की लेकिन अब यहां हाईवे किनारे पिछले दो माह में हाईवे किनारे तीन शोरूम बना लिए गए। शुरू में रखी गई एनएचएआई से एनओसी की शर्त को एमडीए ने अब नजरंदाज कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि सियासी दबाव में एमडीए इन पर कार्रवाई में कतरा रहा है। प्राधिकरण के कुछ अवर अभियंताओं पर भी उंगलियां उठ रही हैं।
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टूटती सीलों के साथ प्राधिकरण का रसूख भी दम तोड़ने लगा है। शहर में टूटी एक मल्टीप्लेक्स की सील समेत सील टूटने के पांच बड़े मामलों में प्राधिकरण कोई कार्रवाई नहीं कर पाया है। इसके अलावा ऐसे भी कई मामले हैं जहां प्राधिकरण के अभियंताओं की शह पर ही सीलें तोड़कर अवैध निर्माण शुरू हो चुके हैं। गजरौला में शुरू में की गई एमडीए की सख्ती भी अब सिमटकर रह गई है। एनएचएआई की एनओसी के बगैर हाईवे से सटाकर कई शोरूम बन चुके हैं। सियासी दबाव में एमडीए इनके खिलाफ कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
करीब डेढ़ माह पहले एमडीए की सील तोड़ने की सबसे पहली घटना पीएसी तिराहे पर हुई थी। एक होटल पर लगी सील को होटल मालिक ने तोड़ दिया था। एमडीए अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर सका। इसके बाद सिविल लाइंस और मझोला में एक के बाद एक कई सील तोड़ी गईं। वर्षों से सील पड़ी इमारतों में भी इस दौरान निर्माण कार्य शुरू हो गया। हाल ही में एक मल्टीप्लेक्स की सील तोड़ दी गई। मामले में कुछ अधिकारियों की दिलचस्पी की वजह से एमडीए इस मामले में भी खुद को असहाय महसूस कर रहा है। गजरौला में एमडीए ने शुरू में सख्ती की लेकिन अब यहां हाईवे किनारे पिछले दो माह में हाईवे किनारे तीन शोरूम बना लिए गए। शुरू में रखी गई एनएचएआई से एनओसी की शर्त को एमडीए ने अब नजरंदाज कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि सियासी दबाव में एमडीए इन पर कार्रवाई में कतरा रहा है। प्राधिकरण के कुछ अवर अभियंताओं पर भी उंगलियां उठ रही हैं।
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