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सामूहिक दुष्कर्म में 21 साल बाद दोषियों को आजीवन कारावास
Updated Thu, 24 May 2018 02:20 AM IST
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मुरादाबाद।
मूंढापांडे थानाक्षेत्र में 21 साल पहले डकैती के दौरान गृहस्वामी की पत्नी से सामूहिक दुष्कर्म करने मुलजिमों को अदालत ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
थाना मूंढापांडे क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले किसान ने अगस्त 1997 में रिपोर्ट दर्ज कराई कि रात्रि में करीब 11 बजे गांव का ही सलीम, अपने साथी रफीउद्दीन व रईस के साथ उसके घर में घुस गया और लात घूंसे मार कर बंधक बना लिया। घर में रखा कीमती सामान व मैंथा तेल इन लोगों ने समेट लिया। जब उसकी पत्नी ने विरोध किया तो उसके साथ तीनों ने दुष्कर्म किया। उक्त मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम संध्या चौधरी की अदालत में की गई। जिसमें अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास के साथ प्रत्येक पर दस दस हजार रूपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। मुकदमे में सरकार की और से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रेशमा बेगम ने पक्ष रखा। जिन्होंने बताया कि जुर्माने की राशि पीड़िता को दी जायेगी।
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मूंढापांडे थानाक्षेत्र में 21 साल पहले डकैती के दौरान गृहस्वामी की पत्नी से सामूहिक दुष्कर्म करने मुलजिमों को अदालत ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
थाना मूंढापांडे क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले किसान ने अगस्त 1997 में रिपोर्ट दर्ज कराई कि रात्रि में करीब 11 बजे गांव का ही सलीम, अपने साथी रफीउद्दीन व रईस के साथ उसके घर में घुस गया और लात घूंसे मार कर बंधक बना लिया। घर में रखा कीमती सामान व मैंथा तेल इन लोगों ने समेट लिया। जब उसकी पत्नी ने विरोध किया तो उसके साथ तीनों ने दुष्कर्म किया। उक्त मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम संध्या चौधरी की अदालत में की गई। जिसमें अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास के साथ प्रत्येक पर दस दस हजार रूपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। मुकदमे में सरकार की और से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रेशमा बेगम ने पक्ष रखा। जिन्होंने बताया कि जुर्माने की राशि पीड़िता को दी जायेगी।
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