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अफसरों की निगरानी फेल
Updated Wed, 29 Aug 2018 02:20 AM IST
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मुरादाबाद।
रामगंगा नदी में जल स्तर को लेकर अफसरों के दावे अभी तक फेल होते रहे। अधिकारियों की उम्मीद से कहीं ज्यादा पानी रामगंगा में आया और बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी। गलती निगरानी में हुई। अफसर बिजनौर डैम पर चौकसी करते रहे और ढेला नदी से आया उत्तराखंड का पानी जिले में तबाही मचा गया।
रामगंगा नदी में पानी कालागढ़ और खो डैम से छोड़ा जाता है। इस बार कालागढ़ डैम में पानी की कमी है। वहां से पानी छोड़ा नहीं जाएगा। खो डैम से मामूली पानी छोड़ा गया, इसी बीच रामगंगा में बाढ़ आ गई। अधिकारियों ने खो डैम से पानी को और कम कराया। उसी के आधार पर जलस्तर कम होने की सूचना जारी कर दी, लेकिन पानी बढ़ गया तो अफसर परेशान हो गए। रामगंगा के जल स्तर पर खो बैराज का नियंत्रण कारगर नहीं होता देख मंगलवार शाम को डीएम ने अधिकारियों को तलब किया। उसकेबाद हुई जांच में नया मामला सामने आया।
अधिकारी खो बैराज से छोड़े गए पानी से संतुष्ट होते रहे और ढेला नदी के पानी ने तबाही मचा दी। ढेला नदी महानगर से ठीक पहले रामगंगा में मिलती है। उसका पानी कटघर तक टक्कर मारता है। ढेला में कुमायू और गढ़वाल की बारिश का पानी आता है।
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...
हमसे झेला नदी की निगरानी में चूक हुई है। खो नदी पर पानी की मात्रा मांपी जाती रही। ढेला के पानी को मांपने का प्रबंध ही नहीं है। अब ढेला नदी को भी निगरानी में रखा जाएगा। यहां पर मांप को गेज लगाया जाएगा। इसकी सूचना डीएम को उपलब्ध करा दी गई है।
- डीपी सिंह, एक्सईएन सिंचाई विभाग।
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रामगंगा नदी में जल स्तर को लेकर अफसरों के दावे अभी तक फेल होते रहे। अधिकारियों की उम्मीद से कहीं ज्यादा पानी रामगंगा में आया और बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी। गलती निगरानी में हुई। अफसर बिजनौर डैम पर चौकसी करते रहे और ढेला नदी से आया उत्तराखंड का पानी जिले में तबाही मचा गया।
रामगंगा नदी में पानी कालागढ़ और खो डैम से छोड़ा जाता है। इस बार कालागढ़ डैम में पानी की कमी है। वहां से पानी छोड़ा नहीं जाएगा। खो डैम से मामूली पानी छोड़ा गया, इसी बीच रामगंगा में बाढ़ आ गई। अधिकारियों ने खो डैम से पानी को और कम कराया। उसी के आधार पर जलस्तर कम होने की सूचना जारी कर दी, लेकिन पानी बढ़ गया तो अफसर परेशान हो गए। रामगंगा के जल स्तर पर खो बैराज का नियंत्रण कारगर नहीं होता देख मंगलवार शाम को डीएम ने अधिकारियों को तलब किया। उसकेबाद हुई जांच में नया मामला सामने आया।
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अधिकारी खो बैराज से छोड़े गए पानी से संतुष्ट होते रहे और ढेला नदी के पानी ने तबाही मचा दी। ढेला नदी महानगर से ठीक पहले रामगंगा में मिलती है। उसका पानी कटघर तक टक्कर मारता है। ढेला में कुमायू और गढ़वाल की बारिश का पानी आता है।
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हमसे झेला नदी की निगरानी में चूक हुई है। खो नदी पर पानी की मात्रा मांपी जाती रही। ढेला के पानी को मांपने का प्रबंध ही नहीं है। अब ढेला नदी को भी निगरानी में रखा जाएगा। यहां पर मांप को गेज लगाया जाएगा। इसकी सूचना डीएम को उपलब्ध करा दी गई है।
- डीपी सिंह, एक्सईएन सिंचाई विभाग।