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पांच साल लटकाए रहे गबन की आडिट रिपोर्ट

Thu, 17 May 2018 02:28 AM IST
Updated Thu, 17 May 2018 02:28 AM IST
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पांच साल लटकाए रहे गबन की आडिट रिपोर्ट
डीपी आर्य
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मुरादाबाद। जिले की 31 ग्राम पंचायतों में विकास धनराशि में करोड़ों के गबन का मामला लापरवाह अफसरों ने पांच साल से अटकाए रखा। कार्रवाई की अवधि निकल जाने पर आरोपी ग्राम प्रधानों से गबन की राशि वसूली नहीं जा सकी। लेखा विभाग द्वारा मामला विधान परिषद को भेजने के बाद अफसरों में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में ग्राम विकास अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। सीडीओ ने बृहस्पतिवार को आपात बैठक बुलाई है। अब 22 मई को अधिकारियों को विधान परिषद की टीम के सामने पेश होना है।
ग्राम पंचायतों को वर्ष 2010-11 में विकास कार्यों के लिए बजट जारी किया गया था। वित्तीय वर्ष के बाद 2012 में आडिट टीम ने धनराशि में गबन का आरोप लगा नोटिस जारी किए। संबंधित ग्राम प्रधानों और ग्राम सचिवों के जवाब न देने पर यह मामला सीडीओ और डीपीआरओ के संज्ञान में लाया गया। डीपीआरओ इस संदर्भ में आडिट टीम से पत्राचार करते रहे। आरोपी ग्राम प्रधानों और ग्राम विकास अधिकारियों को तलब तक नहीं किया गया। इसी बीच आडिट टीम ने पत्रावली वसूली करने और आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कराने की संस्तुति के साथ विधान परिषद की टीम को भेज दी।
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इससे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में डीपीआरओ ने संबंधित गांवों के तत्कालीन विकास सचिवों को नोटिस जारी किया है। इनको 2010-11 की मूल पत्रावली व बाउचर लेकर सीडीओ ने तलब किया है। डीपीआरओ को 22 मई को विधान परिषद की विशेष कमेटी के सामने पेश होना है। अधिकारियों का प्रयास है कि मामला पुराना होने की बात कहकर और बाउचर जमा कराकर कमेटी से वसूली और एफआईआर से राहत देने की अपील की जाए। पांच साल बीत जाने के कारण अब ग्राम प्रधानों पर कार्रवाई एक्ट के तहत नहीं की जा सकती है।
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ग्राम पंचायत गबन की धनराशि (रुपयों में)

बिलारी विकास खंड की ग्राम पंचायत -
1. सिसौना तारापुर 84400
2. श्योंडारा 177708
3. बगपुरा 102074
4. सफीलपुर 85000
5. रामनगर गंगपुर 78745
6. धर्मपुर कुइया 59500
7. सीहाली लददा 133085
...
बनियाठेर विकास खंड की ग्राम पंचायत -
8. चांदपुर गणेश 18799
9. भिंडवारी 969994
10. जलालपुर 2525588

मूंढ़ापांडे की ग्राम पंचायत -
11. मानपुर पट्टी 36227
मानपुर पट्टी 268275
मानपुर पट्टी 50000
12. धतूरा मेघानगला 207871
13. बूझपुर आशा 63818
14. दलपतपुर 467031

ठाकुरद्वारा विकास खंड की ग्राम पंचायत-
15. बालापुर 97362
16. कुंडेसरा 260770
17. रतुपुरा 1909500
18. प्रतापपुर 508500
19. नन्हूवाला 285927
20. राजूपुर कला 108500
21. फजुल्लागंज 150350
22. रामूवाला शेखू 35000
23. लौंगी कला 285500
24. रूपपुर टंडोला 627275
25. असालतपुर 35000
26. शहबाजपुर कला 151208

भगतपुर टांडा विकास खंड की ग्राम पंचायत-
27. रानी नांगल 349358
28. चांदपुर 469589
29. पीपलसाना 1718127

कुंदरकी विकास खंड की ग्राम पंचायत-
30. इमरतपुर फकरुद्दीन 160100
31. जिगनिया 140900
जिगनिया 140340

आडिट टीम ने 31 ग्राम पंचायतों में गबन पकड़ा था। कई बार आडिट टीम को बाउचर उपलब्ध कराए गए, लेकिन उनको रिकार्ड में नहीं लिया गया। इसी पत्राचार में पांच साल का समय बीत गया। अब मामला विधान परिषद पहुंच गया है। वहां 22 मई को कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। ग्राम सचिवों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। पांच साल बीत जाने के चलते ग्राम प्रधानों पर कार्रवाई संभव नहीं है।

राजेश कुमार सिंह, डीपीआरओ।

ग्राम पंचायतों में सरकारी धन का गबन किया गया। मांगने के बावजूद खर्च का रिकार्ड प्रस्तुत नहीं किया। लेखा मैनुअल के अनुसार यह संज्ञेय अपराध है। स्थानीय स्तर पर कार्रवाई न होने पर नियत प्रक्रिया के तहत यह मामला विधान परिषद भेजा गया है। गबन की धनराशि को वसूल करने और आरोपियों पर आपराधिक अभियोग दर्ज करने की सिफारिश की गई है।
-एके चौबे, जिला लेखा एवं परीक्षा अधिकारी।
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