फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   न साइड स्लैब ढंग से बांधा न खेलने से बच्चों को रोका

न साइड स्लैब ढंग से बांधा न खेलने से बच्चों को रोका

Tue, 11 Dec 2018 01:59 AM IST
Updated Tue, 11 Dec 2018 01:59 AM IST
विज्ञापन
न साइड स्लैब ढंग से बांधा न खेलने से बच्चों को रोका
मुरादाबाद।
विज्ञापन

12 साल के बच्चे रचित की मौत के बाद परिवार में कोहराम है। वो चार बच्चे भी सहमे हुए हैं, जो कि साइड स्लैब की चपेट में आने से बाल-बाल बचे हैं। इस मामले में लापरवाही ही रचित की मौत की वजह मानी जा रही है। एक तो साइड स्लैब को ढंग से बांधकर नहीं रखा गया, दूसरा वहां पर खेलने के लिए आए बच्चों को रोका नहीं गया। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे सोमवार को पहली बार नहीं बल्कि इससे पहले भी हाईवे पर हो रहे निर्माण को देखे गए थे।
सोमवार की शाम पांच बजे जो साइड स्लैब रचित के ऊपर गिरा, वह करीब दस क्विंटल वजन का था। साइड स्लैब के नीचे दबे छात्र रचित शर्मा की सांस कुछ ही क्षणों में थम गई थी। स्लैब के वजन को उसका शरीर चंद सेकेंड भी सहन नहीं कर सका था, क्योंकि स्लैब के वजनदार होने के कारण क्रेेन से उठाकर लगाया जाता है। बताते है कि आखिरी क्षण में रचित के मुंह से एक चीख निकली, इसके बाद वह कुछ न बोल सका। साइड स्लैब के नीचे दबकर उसकी कुछ ही पलों में मौत हो गई। हादसे को जिसने भी देखा वह सकपका गया। इस हादसे की सूचना पर परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे। बमुश्किल से स्लैब के नीचे से रचित के शव को बाहर निकाला जा सका।
विज्ञापन

कक्षा तीन के छात्र रचित की मौत से कोहराम
मुरादाबाद। हादसे के समय घटना स्थल पर नहीं बल्कि रेलवे पुल की दूसरी पार काम चल रहा था। छात्र के शव को देखकर उसके पिता प्रेम शंकर शर्मा, मां पार्वती, बहन प्रियंका शर्मा, भाई राहुल और पवन के अलावा सगे संबंधियों का रो रो कर बुरा हाल है। बेटे का शव देखकर मां पार्वती बदहवास हैं। शव को देखने के लिए ग्रामीणों की रात्रि में काफी भीड़ जमा रही। रचित अपने चार भाई - बहन में सबसे छोटा था और वह गांव ही में स्थित ज्वालीराम इंटर कालेज में कक्षा तीन में पढ़ रहा था। तीन भाईयों में सबसे छोटा होने की वजह से मां-बाप का अधिक दुलार था और वह पढ़ने लिखने में काफी होनहार था। उसकी मौत पर चाचा भी रोते बिलखते नजर आए। रचित के सहपाठी गमजदा देखे गए वहीं सूचना पर ज्वालीराम इंटर कालेज जैतपुर पट्टी के प्रधानाचार्य अमर सिंह सैनी, शिक्षक अरविंद ठाकुर आदि पहुंचे और परिजनाें को ढांढस बंधाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


‘ हादसे की सूचना मिली है। परिवार वालों ने देर शाम तक थाने पर रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई है। अगर रचित के परिवार वाले शिकायत करेंगे तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।’
उदय शंकर सिंह, एसपी देहात
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed