{"_id":"5bb52da6867a557ecc328756","slug":"191538600358-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीण की हत्या में दो सगे भाइयों को उम्रकैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ग्रामीण की हत्या में दो सगे भाइयों को उम्रकैद
Updated Thu, 04 Oct 2018 02:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद।
मैनाठेर के चार साल पुराने हत्याकांड में दो सगे भाइयों को दोषी ठहराते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पांच अनिल कुमार की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। जबकि पंद्रह पंद्रह हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
मैनाठेर के डींगरपुर गांव में 13 मई 2014 को ग्रामीण भूरे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में भूरे के चाचा इजाजुल ने रियाबुल, कमरुद्दीन, आबुल के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। दोनों पक्षों में पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। मैनाठेर पुलिस ने इस मामले में तफ्तीश पूरी करने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इस केस की सुनवाई एडीजे पांच अनिल कुमार की अदालत में चली। ग्यारह गवाहों की अदालत में गवाही हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम रियाबुल और उसके भाई कमरुद्दीन को हत्या में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोनों पर पंद्रह पंद्रह हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जबकि तीसरे मुलजिम आबुल की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी है। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों दोषियों को कड़ी सुरक्षा में जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
मैनाठेर के चार साल पुराने हत्याकांड में दो सगे भाइयों को दोषी ठहराते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पांच अनिल कुमार की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। जबकि पंद्रह पंद्रह हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
मैनाठेर के डींगरपुर गांव में 13 मई 2014 को ग्रामीण भूरे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में भूरे के चाचा इजाजुल ने रियाबुल, कमरुद्दीन, आबुल के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। दोनों पक्षों में पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। मैनाठेर पुलिस ने इस मामले में तफ्तीश पूरी करने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इस केस की सुनवाई एडीजे पांच अनिल कुमार की अदालत में चली। ग्यारह गवाहों की अदालत में गवाही हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम रियाबुल और उसके भाई कमरुद्दीन को हत्या में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोनों पर पंद्रह पंद्रह हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जबकि तीसरे मुलजिम आबुल की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी है। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों दोषियों को कड़ी सुरक्षा में जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन