फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   हम दिल्ली के बदमाश हैं, पुलिस हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती

हम दिल्ली के बदमाश हैं, पुलिस हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती

Sat, 24 Nov 2018 02:32 AM IST
Updated Sat, 24 Nov 2018 02:32 AM IST
विज्ञापन
हम दिल्ली के बदमाश हैं, पुलिस हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती
मुरादाबाद।
विज्ञापन

डाका डालने वाले बदमाशाें को पुलिस का डर तो बिल्कुल नहीं था। वारदात के दौरान उन्होंने खुलकर कहा कि वह दिल्ली के हैं। पुलिस से नहीं डरते। यहां तक कहा कि पुलिस उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती है। हालांकि, परिवार वालों का कहना है कि बोलचाल में वह स्थानीय लग रहे थे।
एक घंटे तक घर में रखे डकैतों ने हर पल परिवार के लोगों को मौत का खौफ दिखाया। कभी उनकी पिस्टल के निशाने पर दो साल का मासूम रहता तो कभी हाजी मोहम्मद यासीन। बंधक बने लोगों को फिक्र थी तो दो साल के मासूम की जान की। उनको बस यही डर था कि कहीं बदमाश उसको गोली न मार दें। वह शांत रहे, बदमाश उनके सामने घर में कई वर्षों की मेहनत कर रखे गए जेवर और नकदी को एक एक कर अपने कब्जे में लेते रहे लेकिन वह शोर तक न मचा सके न ही विरोध जता सके। बेखौफ बदमाशों को एक घंटे तक एक भी दफा उन्होंने किसी तरह के डर में नहीं देखा। मानो उनको पता था कि वह पकड़ में नहीं आ सकते। बदमाशों ने परिवार को धमकी दी कि वह इस मामले की रिपोर्ट दर्ज न कराएं, क्योंकि वह पकडे़ नहीं जाएंगे।
विज्ञापन




डकैती की वारदात में जानकार का हाथ
- पुख्ता सूचना और रेकी के बदमाश आए थे बदमाश
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। 30 लाख की डकैती की वारदात में जानकार का हाथ होने का अंदेशा है। बदमाशों को पुख्ता सूचना थी कि घर में लाखों की नकदी और जेवर रखे हैं। इसका जिक्र उन्होंने डकैती की वारदात के दौरान भी आपसी बातचीत में उस वक्त किया जब दूसरी मंजिल पर दो कमरों से नकदी, जेवर ज्यादा न मिलने पर उन्होंने अफसोस जताया। बदमाश बोले कि लगता है कि उनको गलत सूचना दे दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद बदमाश पहली मंजिल पर स्थित हाजी मोहम्मद यासीन के कमरे में चले गए। इस कमरे में ही उनको लाखों की नकदी और जेवर मिले। यह जेवर हाजी मोहम्मद यासीन की बेटी नसरीन, उनकी मां के थे। नसरीन के पति बैंक अधिकारी थे। वारदात के वक्त नसरीन, उनका बेटा वसीम दिल्ली में एक अस्पताल में है। परिवार के एक सदस्य की हालत खराब है, जिस वजह से वह लोग वहां पर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed