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फर्जी बिल से जीएसटी चोरी, एफआईआर दर्ज
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मुरादाबाद। जीएसटी चोरी करने के लिए फर्जी बिल तैयार किए जा रहे हैं। इस मामले में सिविल लाइन थाने में वाणिज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
असिस्टेंट कमिश्नर विजयेंद्र पाल सिंह ने पुलिस को बताया कि 28 मार्च को एनएच-24 पर वाणिज्यकर विभाग की टीम ने चेकिंग के दौरान लकड़ी से भरे ट्रकों को रोका। पहला ट्रक ताज ट्रांसपोर्ट कंपनी का था जिस रामपुर निवासी नाजिम चला रहा था। चालक से पूछताछ पर पता चला कि ट्रक में रामपुर के पनवडिया बरेली रोड स्थित राही ट्रेडर्स एंड विनियर फर्म का माल लदा था। यह माल मंजू वुडेन उद्योग हरियाणा के पास ले जाया जा रहा था। जांच में पता चला कि फरवरी माह में राही ट्रेडर्स की ओर से 46 ई-वे बिल जारी किए गए। मंजू वुडेन उद्योग से राही ट्रेडर्स के व्यापारिक रिश्ते नहीं है। फर्जी तरीकों से उनके बिलों पर किसी और कंपनी को माल भेजा जा रहा था। दूसरे ट्रक के चालक सुनील ने जो कागज दिखाया उसके अनुसार राही ट्रेडर्स का माल नवयुग ट्रेडर्स कीर्तिनगर दिल्ली के पते पर भेजा जा रहा था। इस फर्म के नाम पर फरवरी में 21 ई-वे बिल जारी किए गए हैं। जबकि जांच में पता चला कि नवयुग ट्रेडर्स और राही ट्रेडर्स के बीच में व्यापारिक रिश्ते नहीं हैं। तीसरा ट्रक भी राही ट्रेडर्स एंड विनियर से माल लादकर संजू वुडेन उद्योग हिसार हरियाणा के नाम पर कहीं और भेजा जा रहा था। चौथे ट्रक में राही ट्रेडर्स का माल लादकर चालक अबरार रजोश पेटी स्टोर दिल्ली के बहाने कहीं और लेकर जा रहा था। जांच में पता चला कि इन फर्माें से राही ट्रेडर्स का कोई लेन देन बैंक के जरिए नहीं हुआ है। एसएचओ सिविल लाइन शक्ति सिंह ने बताया कि चारों मामलाें की जांच के बाद राही ट्रेडर्स के मालिक नईम खान, ताज ट्रांसपोर्ट कंपनी, ट्रकों के मालिक, प्लाईवुड फै क्ट्री के मालिक और ट्रक चालकों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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असिस्टेंट कमिश्नर विजयेंद्र पाल सिंह ने पुलिस को बताया कि 28 मार्च को एनएच-24 पर वाणिज्यकर विभाग की टीम ने चेकिंग के दौरान लकड़ी से भरे ट्रकों को रोका। पहला ट्रक ताज ट्रांसपोर्ट कंपनी का था जिस रामपुर निवासी नाजिम चला रहा था। चालक से पूछताछ पर पता चला कि ट्रक में रामपुर के पनवडिया बरेली रोड स्थित राही ट्रेडर्स एंड विनियर फर्म का माल लदा था। यह माल मंजू वुडेन उद्योग हरियाणा के पास ले जाया जा रहा था। जांच में पता चला कि फरवरी माह में राही ट्रेडर्स की ओर से 46 ई-वे बिल जारी किए गए। मंजू वुडेन उद्योग से राही ट्रेडर्स के व्यापारिक रिश्ते नहीं है। फर्जी तरीकों से उनके बिलों पर किसी और कंपनी को माल भेजा जा रहा था। दूसरे ट्रक के चालक सुनील ने जो कागज दिखाया उसके अनुसार राही ट्रेडर्स का माल नवयुग ट्रेडर्स कीर्तिनगर दिल्ली के पते पर भेजा जा रहा था। इस फर्म के नाम पर फरवरी में 21 ई-वे बिल जारी किए गए हैं। जबकि जांच में पता चला कि नवयुग ट्रेडर्स और राही ट्रेडर्स के बीच में व्यापारिक रिश्ते नहीं हैं। तीसरा ट्रक भी राही ट्रेडर्स एंड विनियर से माल लादकर संजू वुडेन उद्योग हिसार हरियाणा के नाम पर कहीं और भेजा जा रहा था। चौथे ट्रक में राही ट्रेडर्स का माल लादकर चालक अबरार रजोश पेटी स्टोर दिल्ली के बहाने कहीं और लेकर जा रहा था। जांच में पता चला कि इन फर्माें से राही ट्रेडर्स का कोई लेन देन बैंक के जरिए नहीं हुआ है। एसएचओ सिविल लाइन शक्ति सिंह ने बताया कि चारों मामलाें की जांच के बाद राही ट्रेडर्स के मालिक नईम खान, ताज ट्रांसपोर्ट कंपनी, ट्रकों के मालिक, प्लाईवुड फै क्ट्री के मालिक और ट्रक चालकों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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