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ट्वीट पर नहीं आया जवाब, परिवार परेशान
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मुरादाबाद।
मुगलपुरा की अशरफ जहां को सऊदी अरब में बंधक बनाए जाने के मामले में दामाद आसिफ नवाज ने शुक्रवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पीएमओ इंडिया के ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट कर मदद की गुहार लगाई है। दो दिन का समय बीत गया लेकिन अभी तक ट्वीट पर जवाब नहीं मिला है। परिवार परेशान है, उनका कहना है कि अशरफ जहां की वतन वापसी के लिए वह लोग जल्द ही पुलिस से मदद मांगेंगे।
मुगलपुरा में जामा मस्जिद के पास रहने वाली अशरफ जहां (45) के दामाद आसिफ नवाज ने बताया कि ढाई साल पहले अशरफ जहां नौकरी के लिए सऊदी अरब गईं थीं। सऊदी अरब में उनको घरेलू सहायिका की नौकरी मिली। अशरफ जहां ने अपने दामाद को बताया है कि जब वीजा की समय सीमा खत्म हो गई तो उनको वापस भारत भेजने के बजाय घर के मालिक ने कार में बैठाकर एक सुनसान जगह ले जाकर सड़क पर अकेला छोड़ दिया। पासपोर्ट भी छीन लिया गया। मदद के लिए अशरफ जहां सऊदी अरब में पुलिस के पास गईं। पुलिस ने उनको एक शेल्टर होम में भेज दिया। शेल्टर होम संचालक की जिम्मेदारी थी कि वह अशरफ जहां के परिवार वालों के बारे में जानकारी कर उनको वापस घर पहुंचाए लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
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मुगलपुरा की अशरफ जहां को सऊदी अरब में बंधक बनाए जाने के मामले में दामाद आसिफ नवाज ने शुक्रवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पीएमओ इंडिया के ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट कर मदद की गुहार लगाई है। दो दिन का समय बीत गया लेकिन अभी तक ट्वीट पर जवाब नहीं मिला है। परिवार परेशान है, उनका कहना है कि अशरफ जहां की वतन वापसी के लिए वह लोग जल्द ही पुलिस से मदद मांगेंगे।
मुगलपुरा में जामा मस्जिद के पास रहने वाली अशरफ जहां (45) के दामाद आसिफ नवाज ने बताया कि ढाई साल पहले अशरफ जहां नौकरी के लिए सऊदी अरब गईं थीं। सऊदी अरब में उनको घरेलू सहायिका की नौकरी मिली। अशरफ जहां ने अपने दामाद को बताया है कि जब वीजा की समय सीमा खत्म हो गई तो उनको वापस भारत भेजने के बजाय घर के मालिक ने कार में बैठाकर एक सुनसान जगह ले जाकर सड़क पर अकेला छोड़ दिया। पासपोर्ट भी छीन लिया गया। मदद के लिए अशरफ जहां सऊदी अरब में पुलिस के पास गईं। पुलिस ने उनको एक शेल्टर होम में भेज दिया। शेल्टर होम संचालक की जिम्मेदारी थी कि वह अशरफ जहां के परिवार वालों के बारे में जानकारी कर उनको वापस घर पहुंचाए लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
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