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51 लोगों को वीजा दिलाने के नाम पर ठगे सात लाख रुपये
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मुरादाबाद।
कुवैत में नौकरी दिलाने के नाम पर 51 लोगों के साथ ठगी का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि वीजा तैयार कराने के नाम पर आरोपियों ने सात लाख रुपये लिए। ठगों ने 18 दिसंबर को 40 लोगों को फ्लाइट टिकट और वीजा नंबर भी दे दिए, जो फर्जी निकले। अपने साथ धोखाधड़ी होने का एहसास होने के बाद पीड़ितों ने एसएसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
ठाकुरद्वारा के कुरैशियान मोहल्ला में रहने वाले फैसल ने पुलिस से शिकायत की है कि वह खुद टूर एंड ट्रैवल्स संचालक हैं। भोजपुर के पीपलसाना में उसका कार्यालय है। आरोप है कि पांच माह पहले उसके पास डिलारी का रहने वाला एक युवक आया। उसने खुद को वीजा एजेंट बताते हुए जानकारी दी कि कुवैत में पेट्रोलियम कंपनी में बड़ी संख्या में हेल्पर की जगह खाली हैं। जहां वह लोगों की नौकरी लगवा सकता है। आरोप है कि युवक ने फैसल से कहा कि उसकी मुलाकात नौकरी चाहने वाले लोगों से कराए और उनके पासपोर्ट दे दे। ताकि वह उनका वीजा बनवाकर उन्हें नौकरी के लिए कुवैत भेज सके। फैसल का कहना है कि उसने अपने तीन भाइयों फिरोज, दानिश, मोनिस के पासपोर्ट युवक को दे दिए। इसकी जानकारी पाकर 48 अन्य लोगों ने भी अपने पासपोर्ट नौकरी के लिए वीजा बनवाने को उस युवक को दिए। युवक ने सभी के वीजा तैयार कराने के लिए सात लाख रुपये की मांग की। सभी लोगों ने रकम जुटाकर सात लाख रुपये आरोपी युवक को दे दिए। आरोप है कि 18 सितंबर को युवक ने 40 लोगों के वीजा नंबर व फ्लाइट टिक ट फैसल को दिए। जिसको इंटरनेट पर सर्च किया गया तो पता चला कि सभी वीजा नंबर और फ्लाइट टिकट फर्जी हैं। धोखाधड़ी का पता चलने पर फैसल ने आरोपी से सात लाख रुपये वापस मांगे तो उसने देहरादून निवासी अपने दोस्त से 29 दिसंबर को बात कराई। जिसने बताया कि पासपोर्ट और वीजा का रिकॉर्ड उसके पास है, इसके एवज में उसने डेढ़ लाख रुपये मांगे। रुपये न देने पर उसने पासपोर्ट भी देने से इंकार कर दिया है। पासपोर्ट भी फंसता देख लोग घबरा गए। देहरादून के युवक से फोन पर हुई बातचीत की रिकार्डिंग पुलिस अधिकारियों को सुनाते हुए फैसल ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
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कुवैत में नौकरी दिलाने के नाम पर 51 लोगों के साथ ठगी का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि वीजा तैयार कराने के नाम पर आरोपियों ने सात लाख रुपये लिए। ठगों ने 18 दिसंबर को 40 लोगों को फ्लाइट टिकट और वीजा नंबर भी दे दिए, जो फर्जी निकले। अपने साथ धोखाधड़ी होने का एहसास होने के बाद पीड़ितों ने एसएसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
ठाकुरद्वारा के कुरैशियान मोहल्ला में रहने वाले फैसल ने पुलिस से शिकायत की है कि वह खुद टूर एंड ट्रैवल्स संचालक हैं। भोजपुर के पीपलसाना में उसका कार्यालय है। आरोप है कि पांच माह पहले उसके पास डिलारी का रहने वाला एक युवक आया। उसने खुद को वीजा एजेंट बताते हुए जानकारी दी कि कुवैत में पेट्रोलियम कंपनी में बड़ी संख्या में हेल्पर की जगह खाली हैं। जहां वह लोगों की नौकरी लगवा सकता है। आरोप है कि युवक ने फैसल से कहा कि उसकी मुलाकात नौकरी चाहने वाले लोगों से कराए और उनके पासपोर्ट दे दे। ताकि वह उनका वीजा बनवाकर उन्हें नौकरी के लिए कुवैत भेज सके। फैसल का कहना है कि उसने अपने तीन भाइयों फिरोज, दानिश, मोनिस के पासपोर्ट युवक को दे दिए। इसकी जानकारी पाकर 48 अन्य लोगों ने भी अपने पासपोर्ट नौकरी के लिए वीजा बनवाने को उस युवक को दिए। युवक ने सभी के वीजा तैयार कराने के लिए सात लाख रुपये की मांग की। सभी लोगों ने रकम जुटाकर सात लाख रुपये आरोपी युवक को दे दिए। आरोप है कि 18 सितंबर को युवक ने 40 लोगों के वीजा नंबर व फ्लाइट टिक ट फैसल को दिए। जिसको इंटरनेट पर सर्च किया गया तो पता चला कि सभी वीजा नंबर और फ्लाइट टिकट फर्जी हैं। धोखाधड़ी का पता चलने पर फैसल ने आरोपी से सात लाख रुपये वापस मांगे तो उसने देहरादून निवासी अपने दोस्त से 29 दिसंबर को बात कराई। जिसने बताया कि पासपोर्ट और वीजा का रिकॉर्ड उसके पास है, इसके एवज में उसने डेढ़ लाख रुपये मांगे। रुपये न देने पर उसने पासपोर्ट भी देने से इंकार कर दिया है। पासपोर्ट भी फंसता देख लोग घबरा गए। देहरादून के युवक से फोन पर हुई बातचीत की रिकार्डिंग पुलिस अधिकारियों को सुनाते हुए फैसल ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
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