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पॉजिटिव सोच और परिवार के सपोर्ट के साथ जल्दी रिकवरी कर रहे मरीज
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मुरादाबाद। कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए होम आइसोलेट सुविधा न केवल बेहतर विकल्प बना है बल्कि रिकवरी भी अस्पतालों में भर्ती मरीजों की तुलना में जल्दी हो रही है। मरीजों की पॉजिटिव सोच के साथ उनको परिवार का भावनात्मक सपोर्ट भी मिल रहा है। अधिकतर मरीज सात दिन के भीतर ही स्वस्थ हो रहे हैं। मुरादाबाद में 271 संक्रमित होम आइसोलेट स्वस्थ हो चुके हैं। जबकि जिले में सर्वाधिक 286 मरीज अभी होम आइसोलेट हैं।
सीएमओ डा. एमसी गर्ग के मुताबिक अधिकतर मरीज अस्पतालों में भर्ती नहीं होना चाहते हैं। इसके चलते ही पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आए लोग सैंपल कराने के लिए आगे नहीं आ रहे थे। होम आइसोलेट की सुविधा लागू होने के बाद सैंपल के लिए लोग आगे आने लगे हैं। सामान्य वायरल में भी रैपिड एंटीजन करवा रहे हैं। इसमें निगेटिव रिपोर्ट आने पर आरटीपीसीआर सैंपल करवाने का आग्रह भी कर रहे हैं। इससे संक्रमण के फैलाव रोकने में भी मदद मिल रही है। सीएमओ के मुताबिक मुरादाबाद में 80 फीसदी मरीज बिना लक्षणों वाले हैं। 10 फीसदी मरीजों में हल्के लक्षण हैं। बिना लक्षण और हल्के लक्षण वाले मरीज होम आइसोलेट का विकल्प चुन रहे हैं। प्रोटोकाल मानकों के अनुरूप होम आइसोलेट की उपयुक्त सुविधा होने पर घर पर रहने की अनुमति भी दी जा रही है। होम आइसोलेट मरीजों की रिकवरी अस्पतालों और कोविड केयर सेंटरों की तुलना में जल्दी हो रही है। इसकी बड़ी वजह मरीजों की सकारात्मक सोच और परिवार के सदस्यों का भावनात्मक सपोर्ट है। मरीज भले ही पृथक कक्ष में रहता है, लेकिन घर पर होने से मनोवैज्ञानिक सकारात्मक असर पड़ रहा है। खुद को सुरक्षित महसूस करता है। इससे मरीज जल्दी ठीक हो रहे हैं। होम आइसोलेट की अवधि अधिकतम 10 दिन है। अधिकतर मरीज सातवें दिन ही ठीक हो रहे हैं।
सीएमओ के मुताबिक कोविड एल 1 और एल 2 में सामान्य लक्षण वाले मरीज भर्ती हो रहे हैं। यहां भर्ती रहने वाले मरीज 10 दिन में भले ही स्वस्थ हो रहे हैं, लेकिन मानसिक रूप से खुद को ही बीमार महसूस करते हैं। जबकि एल 3 में गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। इनकी रिकवरी में अधिक समय लग रहा है।
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मुरादाबाद में कोरोना संक्रमित एवं स्वस्थ हुए लोग
संस्थान भर्ती मरीज डिस्चार्ज
एमसीएच एल 2 19 312
विवेकानंद एल 1 104 566
टीएमयू एल 3 101 609
पीटीसी केयर सेंटर 43 182
होम आइसोलेट 286 271
रेलवे अस्पताल 17 33
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सीएमओ डा. एमसी गर्ग के मुताबिक अधिकतर मरीज अस्पतालों में भर्ती नहीं होना चाहते हैं। इसके चलते ही पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आए लोग सैंपल कराने के लिए आगे नहीं आ रहे थे। होम आइसोलेट की सुविधा लागू होने के बाद सैंपल के लिए लोग आगे आने लगे हैं। सामान्य वायरल में भी रैपिड एंटीजन करवा रहे हैं। इसमें निगेटिव रिपोर्ट आने पर आरटीपीसीआर सैंपल करवाने का आग्रह भी कर रहे हैं। इससे संक्रमण के फैलाव रोकने में भी मदद मिल रही है। सीएमओ के मुताबिक मुरादाबाद में 80 फीसदी मरीज बिना लक्षणों वाले हैं। 10 फीसदी मरीजों में हल्के लक्षण हैं। बिना लक्षण और हल्के लक्षण वाले मरीज होम आइसोलेट का विकल्प चुन रहे हैं। प्रोटोकाल मानकों के अनुरूप होम आइसोलेट की उपयुक्त सुविधा होने पर घर पर रहने की अनुमति भी दी जा रही है। होम आइसोलेट मरीजों की रिकवरी अस्पतालों और कोविड केयर सेंटरों की तुलना में जल्दी हो रही है। इसकी बड़ी वजह मरीजों की सकारात्मक सोच और परिवार के सदस्यों का भावनात्मक सपोर्ट है। मरीज भले ही पृथक कक्ष में रहता है, लेकिन घर पर होने से मनोवैज्ञानिक सकारात्मक असर पड़ रहा है। खुद को सुरक्षित महसूस करता है। इससे मरीज जल्दी ठीक हो रहे हैं। होम आइसोलेट की अवधि अधिकतम 10 दिन है। अधिकतर मरीज सातवें दिन ही ठीक हो रहे हैं।
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सीएमओ के मुताबिक कोविड एल 1 और एल 2 में सामान्य लक्षण वाले मरीज भर्ती हो रहे हैं। यहां भर्ती रहने वाले मरीज 10 दिन में भले ही स्वस्थ हो रहे हैं, लेकिन मानसिक रूप से खुद को ही बीमार महसूस करते हैं। जबकि एल 3 में गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। इनकी रिकवरी में अधिक समय लग रहा है।
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मुरादाबाद में कोरोना संक्रमित एवं स्वस्थ हुए लोग
संस्थान भर्ती मरीज डिस्चार्ज
एमसीएच एल 2 19 312
विवेकानंद एल 1 104 566
टीएमयू एल 3 101 609
पीटीसी केयर सेंटर 43 182
होम आइसोलेट 286 271
रेलवे अस्पताल 17 33