कोरोना वायरस: कम्युनिटी ट्रांसमिशन से लड़ने के लिए तैयारियां शुरू, मुरादाबाद में बनाए गए दो कोविड-19 अस्पताल
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पीतल नगरी मुरादाबाद में कोरोना आशंकित लोगों के अस्पताल पहुंचने की संख्या भले ही कम हो गई है, लेकिन प्रशासनिक स्तर से हर परिस्थितियों से निपटने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कोरोना वायरस के कम्युनिटी ट्रांसमिशन की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने केंद्रीय पुलिस अस्पताल और महिला अस्पताल के 100 बेड मैटरनिटी सेंटर को कोविड-19 अस्पताल के रूप में अधिग्रहीत कर लिया है।
दोनों ही अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती किया जाएगा। गंभीर मरीजों को निजी अस्पतालों के वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया जाएगा। मुरादाबाद में अभी तक 25 आशंकित लोगों की कोरोना जांच के लिए सैंपल लिए गए हैं। इनमें मात्र एक युवती की पाजिटिव रिपोर्ट है।
मुरादाबाद में कोरोना के संक्रमण पर पूरी तरह नियंत्रण है। देश व प्रदेश से लोगों का आवागमन अभी जारी है। इससे प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। शासन स्तर पर कोरोना की रोकथाम के लिए व्यापक तैयारियां चल रही हैं। मुरादाबाद में जिला अस्पताल, पुलिस अस्पताल, महिला अस्पताल और टीएमयू में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। 10 निजी अस्पतालों के वेंटिलेटर को रेडी टू यूज रखने के निर्देश दिए गए है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना के कम्युनिटी ट्रांसमिशन होने पर महामारी को लेकर अलर्ट जारी किया है। इसके चलते ही 21 दिन का लॉकडाउन किया गया है। मुरादाबाद जिला प्रशासन ने केंद्रीय पुलिस अस्पताल और महिला अस्पताल के 100 बेड मैटरनिटी अस्पताल को कोविड-19 अस्पताल के रूप में स्थापित कर दिया है।
पुलिस अस्पताल को कोविड-19 फर्स्ट और 100 बेड मैटरनिटी को कोविड-19 सेकेंड का नाम दिया है। इनमें सामान्य संक्रमित और सेकेंड स्टेज के गंभीर मरीजों को भर्ती किया जाएगा। अस्पतालों में आवश्यक सेवाओं को दुरुस्त कराया जा रहा है। पुलिस अस्पताल 160 बेड और मैटररिटी अस्पताल 100 बेड का है।
सीएमओ डॉ. एमसी गर्ग ने बताया कि कोरोना से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर व्यापक तैयारियां चल रही हैं। दो अस्पतालों को कोविड-19 के रूप में स्थापित कर दिया है।