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Moradabad News: तेंदुए से बचाव के लिए जागरूकता में प्रशासकों से मांगा सहयोग
Sat, 19 Sep 2026 02:21 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Sat, 19 Sep 2026 02:21 AM IST
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कांठ। क्षेत्र में लगातार बढ़ रही तेंदुए की गतिविधियों को देखते हुए क्षेत्रवासियों को जागरूक करने के उद्देश्य से शुक्रवार को तहसील सभागार में मानव वन्य संघर्ष के संबंध में जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई। एसडीएम स्निग्धा चतुर्वेदी की मौजूदगी में हुई इस गोष्ठी में वन विभाग के डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह ने ग्राम पंचायत प्रशासकों, राजस्व निरीक्षकों, लेखपालों और जागरूक नागरिकों को तेंदुए से बचाव और सावधानी बरतने के संबंध में जानकारी दी।
डिप्टी रेंजर ने कहा कि क्षेत्र में लगातार तेंदुए दिखाई देना चिंता का विषय है। ऐसे में ग्राम पंचायत प्रशासकों और ग्राम सचिवों की जिम्मेदारी है कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में ग्रामीणों, किसानों, महिलाओं और बच्चों को तेंदुए से बचाव के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि लोग सजग और सतर्क रहेंगे तो तेंदुए के हमले तथा अन्य अप्रिय घटनाओं से बचाव किया जा सकता है। गोष्ठी में बताया गया कि प्रत्येक गांव में दो-दो वन्य जीव मित्र बनाए जाने हैं, इसके लिए ग्राम प्रधान दो-दो नाम उपलब्ध कराएं।
एसडीएम स्निग्धा चतुर्वेदी ने ग्राम प्रधानों से अपील की कि वह अपनी-अपनी ग्राम पंचायत में कम से कम एक-एक पिंजरा तैयार करवाएं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तेंदुए को पकड़ने में उसका उपयोग किया जा सके। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने और तेंदुआ दिखाई देने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचना देने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया। गोष्ठी के दौरान प्रशासन और वन विभाग की ओर से ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने तथा तेंदुए से बचाव के लिए सावधानी बरतने पर विशेष जोर दिया गया। गोष्ठी में नायब तहसीलदार साक्षी यादव, वन दरोगा राजेंद्र सिंह, राजस्व निरीक्षक महेंद्र सिंह पाल, विनय कुमार, भाकियू टिकैत के प्रदेश उपाध्यक्ष पश्चिमी यूपी चौधरी ऋषिपाल सिंह, ग्राम सचिव सौरभ राणा, दिगंबर सिंह राठी, ग्राम प्रधान मुकेश यादव, बाल किशन सिंह, राम सिंह, सतपाल सिंह आदि रहे।
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डिप्टी रेंजर ने कहा कि क्षेत्र में लगातार तेंदुए दिखाई देना चिंता का विषय है। ऐसे में ग्राम पंचायत प्रशासकों और ग्राम सचिवों की जिम्मेदारी है कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में ग्रामीणों, किसानों, महिलाओं और बच्चों को तेंदुए से बचाव के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि लोग सजग और सतर्क रहेंगे तो तेंदुए के हमले तथा अन्य अप्रिय घटनाओं से बचाव किया जा सकता है। गोष्ठी में बताया गया कि प्रत्येक गांव में दो-दो वन्य जीव मित्र बनाए जाने हैं, इसके लिए ग्राम प्रधान दो-दो नाम उपलब्ध कराएं।
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एसडीएम स्निग्धा चतुर्वेदी ने ग्राम प्रधानों से अपील की कि वह अपनी-अपनी ग्राम पंचायत में कम से कम एक-एक पिंजरा तैयार करवाएं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तेंदुए को पकड़ने में उसका उपयोग किया जा सके। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने और तेंदुआ दिखाई देने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचना देने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया। गोष्ठी के दौरान प्रशासन और वन विभाग की ओर से ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने तथा तेंदुए से बचाव के लिए सावधानी बरतने पर विशेष जोर दिया गया। गोष्ठी में नायब तहसीलदार साक्षी यादव, वन दरोगा राजेंद्र सिंह, राजस्व निरीक्षक महेंद्र सिंह पाल, विनय कुमार, भाकियू टिकैत के प्रदेश उपाध्यक्ष पश्चिमी यूपी चौधरी ऋषिपाल सिंह, ग्राम सचिव सौरभ राणा, दिगंबर सिंह राठी, ग्राम प्रधान मुकेश यादव, बाल किशन सिंह, राम सिंह, सतपाल सिंह आदि रहे।
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