{"_id":"6578c801998e5387dd07a5de","slug":"children-ran-on-hungry-stomach-and-barefoot-moradabad-news-c-15-1-mbd1005-301630-2023-12-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: भूखे पेट और नंगे पैर बच्चों ने लगाई दौड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: भूखे पेट और नंगे पैर बच्चों ने लगाई दौड़
विज्ञापन
मुरादाबाद।
बेसिक शिक्षा विभाग की वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता में अव्यवस्था देखने को मिली। देश के भविष्य को भूखे पेट और नंगे पैर दौड़ लगानी पड़ी। प्रतियोगिता में शामिल कुछ बच्चों को दोपहर तीन बजे तक खाना नहीं मिला। दौड़ प्रतियोगिताओं में बच्चों के पैरों में जूते देखने को नहीं मिले। यही नहीं खिलाड़ियों को मेडल और प्रमाणपत्र तक नहीं मिले। इन अव्यवस्थाओं को लेकर बच्चों में मायूसी दिखी। हालांकि अधिकारियों ने सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त होने का दावा किया।
पीएसी मैदान में मंगलवार को बेसिक शिक्षा विभाग की दो दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता की शुरुआत हुई। प्रतियोगिता में जिलेभर के बेसिक स्कूलों के बच्चों ने प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों के लिए दोपहर के खाने में कड़ी और चावल की व्यवस्था विभाग की ओर से की गई थी। छात्र रेहान अली, आरिस, फैजल आदि ने बताया कि जब खाना बटा तो प्रतियोगिता चल रही थी। इसके बाद खाना खत्म हो गया। इसकी वजह से उन्हें खाना नहीं मिल सका। दोपहर तीन बजे जब वह कुश्ती में प्रतिभाग करने जा रहे थे, तब तक उन्होंने खाना नहीं खाया था। उनके साथ के शिक्षकों ने भी बताया कि भी कहा था कि कुछ विद्यार्थियों को खाना नहीं मिल पाया है।
न मिला प्रमाणपत्र और न ही मेडल
शिक्षकों ने बताया कि व्यक्तिगत स्पर्धा में सभी खिलाड़ियों को मेडल मिले हैं, जबकि टीम वर्ग में सिर्फ प्रथम स्थान पर आने वाली टीम को प्रमाणपत्र और मेडल मिले हैं। दूसरे स्थान पर मेडल दिए हैं। योग शिक्षकों का कहना है कि तीसरे स्थान पर विद्यार्थियों को न तो मेडल मिले हैं और न ही प्रमाण पत्र दिए गए हैं। इसकी वजह से विद्यार्थियों को मायूसी हुई है। सभी विद्यार्थियों को इनाम मिले इसके लिए अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
विज्ञापन
- प्रतियोगिता शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई है। शाम पांच बजे तक खाना बचा हुआ था। खाना खाने के लिए तीन से चार बार अनाउंसमेंट भी करवाया गया। खाने की कोई कमी नहीं हुई है। सभी विजेताओं के लिए मेडल और प्रमाण पत्र हैं। मंगलवार शाम को देरी हो जाने की वजह से दो प्रतियोगिताओं के मेडल व प्रमाण पत्र नहीं बंट सके हैं। उनको बुधवार को मेडल व प्रमाण पत्र दिए जाएंगे।
अजीत कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा विभाग की वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता में अव्यवस्था देखने को मिली। देश के भविष्य को भूखे पेट और नंगे पैर दौड़ लगानी पड़ी। प्रतियोगिता में शामिल कुछ बच्चों को दोपहर तीन बजे तक खाना नहीं मिला। दौड़ प्रतियोगिताओं में बच्चों के पैरों में जूते देखने को नहीं मिले। यही नहीं खिलाड़ियों को मेडल और प्रमाणपत्र तक नहीं मिले। इन अव्यवस्थाओं को लेकर बच्चों में मायूसी दिखी। हालांकि अधिकारियों ने सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त होने का दावा किया।
पीएसी मैदान में मंगलवार को बेसिक शिक्षा विभाग की दो दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता की शुरुआत हुई। प्रतियोगिता में जिलेभर के बेसिक स्कूलों के बच्चों ने प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों के लिए दोपहर के खाने में कड़ी और चावल की व्यवस्था विभाग की ओर से की गई थी। छात्र रेहान अली, आरिस, फैजल आदि ने बताया कि जब खाना बटा तो प्रतियोगिता चल रही थी। इसके बाद खाना खत्म हो गया। इसकी वजह से उन्हें खाना नहीं मिल सका। दोपहर तीन बजे जब वह कुश्ती में प्रतिभाग करने जा रहे थे, तब तक उन्होंने खाना नहीं खाया था। उनके साथ के शिक्षकों ने भी बताया कि भी कहा था कि कुछ विद्यार्थियों को खाना नहीं मिल पाया है।
विज्ञापन
न मिला प्रमाणपत्र और न ही मेडल
शिक्षकों ने बताया कि व्यक्तिगत स्पर्धा में सभी खिलाड़ियों को मेडल मिले हैं, जबकि टीम वर्ग में सिर्फ प्रथम स्थान पर आने वाली टीम को प्रमाणपत्र और मेडल मिले हैं। दूसरे स्थान पर मेडल दिए हैं। योग शिक्षकों का कहना है कि तीसरे स्थान पर विद्यार्थियों को न तो मेडल मिले हैं और न ही प्रमाण पत्र दिए गए हैं। इसकी वजह से विद्यार्थियों को मायूसी हुई है। सभी विद्यार्थियों को इनाम मिले इसके लिए अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
विज्ञापन
- प्रतियोगिता शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई है। शाम पांच बजे तक खाना बचा हुआ था। खाना खाने के लिए तीन से चार बार अनाउंसमेंट भी करवाया गया। खाने की कोई कमी नहीं हुई है। सभी विजेताओं के लिए मेडल और प्रमाण पत्र हैं। मंगलवार शाम को देरी हो जाने की वजह से दो प्रतियोगिताओं के मेडल व प्रमाण पत्र नहीं बंट सके हैं। उनको बुधवार को मेडल व प्रमाण पत्र दिए जाएंगे।
अजीत कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी