फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   chief warder got clean chit to woman prisoner's affair case

चीनी कम : महिला बंदी के चक्कर में फंसे चीफ वार्डन बरी

Tue, 29 Mar 2016 03:56 AM IST
मुरादाबाद/ अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद/ अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 29 Mar 2016 03:56 AM IST
विज्ञापन
chief warder got clean chit to woman prisoner's affair case
महिला बंदी
बुजुर्ग चीफ हेड जेल वार्डन महिला बंदी से मोहब्बत के मामले में बख्श दिए गए हैं। पुलिस रिपोर्ट नहीं मिलने का हवाला देकर विभागीय जांच में भी उन्हें क्लीन चिट दे दी गई है। दो माह पहले जेल के भीतर देहरादून की महिला बंदी और जेल के चीफ हेड वार्डन के बीच अफेयर का मामला सामने आया था। मामला खुलने के बाद कार्रवाई के तमाम दावे हुए थे।
विज्ञापन


लेकिन वक्त बीतने के साथ बाकी की तरह इस मामले की फाइल भी बगैर एक्शन बंद कर दी गई है। हालांकि चीफ हेड वार्डन की प्रेमिका को अब जमानत मिल चुकी है। वह जेल से बाहर है। चीफ हेड वार्डन भी कुछ दिनों में रिटायर होने वाले हैं। अफसर भी इस ओर से आंखें फेर चुके हैं।
विज्ञापन


जेल सुपरिंटेंडेंट डा. बीडी पांडेय कहते हैं कि मामला उजागर होने के बाद से ही आरोपी चीफ हेड वार्डन की महिला वार्ड से ड्यूटी हटा दी गई थी। उसके महिला वार्ड की तरफ जाने पर भी पाबंदी लगाई गई थी, जो अभी तक कायम है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

ये था मामला


देहरादून की एक महिला बंदी को करीब सालभर पहले धोखाधड़ी के मामले में अमरोहा पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजा था। जेल में रहने के दौरान महिला बंदी का जेल के चीफ हेड वार्डन से अफेयर शुरू हो गया था। महिला वार्ड पर ड्यूटी के दौरान ये प्रधान बंदी रक्षक अपनी प्रेमिका महिला बंदी को खास सहूलियतें देता था। अपना मोबाइल फोन उसके पास छोड़ देता था। इसके अलावा भी वह उसकी तमाम तरह से मदद करता था।

बैरक में जेल कर्मी और महिला बंदी के बीच पनपे अफेयर की यह कहानी फरवरी के प्रथम सप्ताह में उस वक्त खुली थी जब महिला बंदी को कोर्ट में पेशी के लिए अमरोहा कचहरी ले जाया गया था। महिला अपने प्रेमी बंदी रक्षक का मोबाइल लेकर कोर्ट गई थी, अचानक कोर्ट रूम में उसके मोबाइल फोन की घंटी बज गई थी। तलाशी ली गई तो उसके पास से जेल के चीफ हेड वार्डन का मोबाइल फोन मिला था।

 

प्रेमी के खाते में डलवाए थे बीस लाख 

महिला बंदी ने देहरादून में किसी व्यक्ति के खिलाफ रेप का मुकदमा लिखाया था। उस मुकदमे में समझौते के रूप में मिले 20 लाख रुपये भी महिला बंदी ने अपने प्रेमी बंदी रक्षक के खाते में डलवा दिए थे। इतनी बड़ी रकम के लेनदेन की बात उजागर होने के बाद जेल प्रशासन के भी कान खड़े हो गए थे। बंदी रक्षक ने महिला बंदी से वादा किया था कि जब वह जमानत पर छूट जाएगी तो वह उससे शादी कर लेगा। प्रधान बंदी रक्षक की पत्नी की मौत हो चुकी है।
 

हमें अमरोहा पुलिस की ओर से रिपोर्ट मिलने का इंतजार था। लेकिन पुलिस ने महिला बंदी से मिले मोबाइल की बाबत कोई रिपोर्ट जेल प्रशासन को भेजी ही नहीं। महिला बंदी द्वारा प्रधान बंदी रक्षक के खाते में मोटी रकम डलवाए जाने की बाबत भी पुलिस ने हमें अपनी रिपोर्ट नहीं भेजी। घटनाक्रम जेल के बाहर महिला बंदी की कोर्ट पेशी के दौरान हुआ लिहाजा पुलिस रिपोर्ट के अभाव में प्रकरण में कोई विभागीय एक्शन नहीं लिया जा सका।
-बीआर वर्मा, सीनियर जेल सुपरिेंटेंडेंट।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed