योगी के 'टाइगर': सर्वेश सिंह जब भी मिलते थे तो एक ही बात करते थे... CM ने मंच से सुनाया था किस्सा
सीएम योगी ने मंडल में जब भी जनसभाएं की, सर्वेश को हमेशा टाइगर कहकर संबोधित किया। मुरादाबाद में जनसभा के दौरान मंच पर सर्वेश सिंह भी मौजूद थे। सीएम ने भाषण के दौरान चुटकी लेते हुए कहा कि ये लगते तो बाघ जैसे हैं।
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सर्वेश सिंह की कद्दावर छवि को सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंच से भी लोगों के बीच जाहिर किया। योगी ने मंडल में जब भी जनसभाएं की, सर्वेश को हमेशा टाइगर कहकर संबोधित किया। योगी ने 16 मार्च को मुरादाबाद में जनसभा की थी। इस मौके पर उन्होंने यहां गुरु जंभेश्वर राजकीय विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया था। उस समय मंच पर सर्वेश सिंह भी मौजूद थे। सीएम ने भाषण के दौरान चुटकी लेते हुए कहा कि ये लगते तो बाघ जैसे हैं लेकिन जब भी मिलते थे तो मुरादाबाद में यूनिवर्सिटी की बात करते थे। मैंने कहा कि भाई आपको शिक्षा से क्या काम, तो इन्होंने कहा कि मुरादाबाद में विश्वविद्यालय होना चाहिए, यहां के लोगों की जरूरत है।
इससे पहले 2021 में विधानसभा चुनाव के समय ठाकुरद्वारा में सीएम योगी की जनसभा थी। वहां भी योगी ने सर्वेश को मंच से टाइगर कहकर पुकारा था। हाल ही में 13 अप्रैल को सीएम ने मुरादाबाद लोकसभा क्षेत्र के बढ़ापुर में जनसभा की। योगी ने अपने भाषण की शुरुआत में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नाम ले रहे थे, इसी बीच उन्होंने कहा कि मुरादाबाद लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी टाइगर कुंवर सर्वेश सिंह... यह शब्द सुनकर भीड़ ने शोर से समर्थन दिया था। वहां सीएम ने मुरादाबाद में विश्वविद्यालय और बिजनौर में मडिकल कॉलेज का भी जिक्र किया। इसके बाद बोले थे कि टाइगर के क्षेत्र में आएंगे तो टाइगर जैसा कार्य भी करेंगे। हम अमानगढ़ में भी ईको टूरिज्म का विश्व स्तरीय सेंटर भी बनने जा रहा है।
सर्वेश सिंह से मेरे पारिवारिक संबंध थे: चौधरी भूपेंद्र सिंह
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि कुंवर सर्वेश सिंह के निधन की जानकारी मिलने पर उनको काफी धक्का लगा है। उनके लिए ही शुक्रवार को मतदान करने के लिए गया था। लखनऊ आने पर ऐसी दुखद घटना की जानकारी मिल गई। निधन की जानकारी मिलने पर उन्होंने सर्वेश सिंह के पुत्र विधायक सुशांत सिंह को कॉल किया। उन्होंने बताया कि शव दिल्ली से ठाकुरद्वारा लाया जाएगा। शव यात्रा में शामिल होने के लिए वह लखनऊ से सुबह मुरादाबाद पहुंचेंगे। अभी 12 अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम में शरीक होने के लिए आए थे। उस समय वह अच्छे-भले दिख रहे थे।
हमारे लिए यह बहुत बड़ी क्षति: चौधरी भूपेंद्र सिंह
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सर्वेश सिंह के पिता स्वर्गीय रामपाल सिंह से उनके परिवार का गहरा नाता रहा है। राम पाल सिंह सांसद थे। इसी कारण राजनीतिक जीवन में भी उनसे मुलाकात होती रहती थी। घर आना जाना लगा रहता था। सर्वेश सिंह को चुनाव जिताने के लिए उन्होंने काफी दम लगाया था। अन्य स्थानों पर कार्यक्रम होने के बावजूद वह मुरादाबाद की स्थिति जानने के लिए हर संभव प्रयास करते थे। पिछली चुनाव में सर्वेश सिंह के चुनाव हारने पर भी दुख पहुंचा था। इसी कारण वह 2024 का चुनाव जिताने के लिए मतदान के एक दिन पहले मुरादाबाद गए थे। सर्वेश सिंह के बेटे सुशांत से बराबर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेते थे। आभास ऐसा नहीं हुआ कि इतना जल्दी चले जाएंगे। खुशी देने से पहले एक साथी चला गया। इसका मलाल बहुत दिनों तक रहेगा। हमारे लिए यह बहुत बड़ी क्षति है। जीवन का कोई भरोसा नहीं। कब कौन साथ छोड़ देगा।
पिता से मिली थी विरासत में सियासत, बन गए थे राजनीति के बाहुबली
पूर्व सांसद और मुरादाबाद लोकसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी रहे सर्वेश सिंह को सियासत विरासत में मिली थी। उनके पिता रामपाल सिंह 1962 से 1989 तक राजनीति में सक्रिय रहे। वह चार बार ठाकुरद्वारा से विधायक और एक बार अमरोहा से सांसद चुके गए थे। पिता से राजनीति के गुर विरासत में मिलने के बाद सर्वेश सिंह 1991 में सक्रिय राजनीति में आए थे। वे उत्तर प्रदेश की राजनीति में बाहुबली नेता के रूप में भी जाने जाते रहे।
पढ़ें सर्वेश सिंह का राजनीतिक सफर
ठाकुरद्वारा क्षेत्र के रतूपुरा गांव निवासी सर्वेश सिंह का जन्म 23 दिसंबर 1952 हुआ था। उन्होंने 26 मई 1983 को कुंवरानी साधना सिंह से शादी की थी। उनकी एक बेटी और एक बेटा है। 1991 में उन्होंने राजनीति में कदम रखा था। तब भाजपा के टिकट पर ठाकुरद्वारा की अपनी पैतृक सीट से लड़े और विधायक बने। 2007 तक सर्वेश सिंह इस सीट पर विधायक रहे। 2007 में इस सीट पर बसपा के विजय यादव ने जीत दर्ज की थी। सर्वेश सिंह ने 2009 में लोकसभा चुनाव में भाजपा से मुरादाबाद लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन वह मोहम्मद अजहरुद्दीन से हार गए थे। उन्होंने 2012 में फिर से ठाकुरद्वारा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें मुरादाबाद लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया और उन्होंने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार डॉ. एसटी हसन को 87,504 वोटों के अंतर से हराया था। 2019 में भाजपा ने उन्हें फिर से प्रत्याशी बनाया गया था लेकिन बसपा-सपा गठबंधन के प्रत्याशी डॉ. एसटी हसन से चुनाव हार गए थे। 2024 में चौथी बार भाजपा ने सर्वेश सिंह को मुरादाबाद लोकसभा चुनाव मैदान में उतारा था। एक दिन पहले 19 अप्रैल को ही मुरादाबाद में मतदान हुआ था। उन्होंने भी मतदान किया था। सर्वेश सिंह के बेटे सुशांत सिंह बढ़ापुर विधानसभा से भाजपा के विधायक हैं। सर्वेश सिंह 1991 से लेकर राजनीति में सक्रिय रहे और उत्तर प्रदेश के नेताओं में उनकी बाहुबली वाली छवि रही।
ठाकुरद्वारा सीट पर सर्वेश सिंह के बाद नहीं जीत पाया कोई भाजपा प्रत्याशी
ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट से भाजपा अंतिम बार 2012 में जीती थी। तब सर्वेश सिंह विधायक चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने 2014 लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीत गए। तब उन्हें विधायक पद से इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद से ठाकुरद्वारा सीट पर उपचुनाव हुए लेकिन भाजपा के प्रत्याशी राजपाल सिंह चौहान चुनाव हार गए। इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को हार मिली। 2022 में भाजपा ने इस सीट पर अजय प्रताप सिंह को मैदान में उतारा लेकिन वे भी जीत दर्ज नहीं कर पाए। सर्वेश सिंह के बाद यहां से भाजपा का कोई प्रत्याशी नहीं जीत पाया है।