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उपचुनाव : आजम के बहाने सभी सीटों पर मुस्लिमों को साध गए अखिलेश
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मुरादाबाद। आजम खां के घर जाकर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रदेश की सभी नाै विधानसभा सीटों पर मुस्लिमों को साध गए। कुंदरकी में जनसभा के बाद अखिलेश ने आजम खां के घर पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की। इसके जरिये प्रदेश के मुस्लिमों में यह भी संदेश देने की कोशिश की कि सपा और मुलायम परिवार आजम के हितैषी हैं।
लोकसभा चुनाव में टिकटों के बंटवारे को लेकर अखिलेश यादव और आजम खां आमने सामने आ गए थे। मुरादाबाद मंडल में प्रत्याशियों के चयन से पहले अखिलेश यादव ने आजम खां से सीतापुर जेल में मुलाकात की थी। आजम खां ने अखिलेश यादव को रामपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था। साथ ही मुरादाबाद सीट से बिजनौर की पूर्व विधायक रुचिवीरा को प्रत्याशी बनाने की सिफारिश की थी। अखिलेश यादव ने उनके प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद आजम खां के समर्थकों ने रामपुर में लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का एलान कर दिया था। इस खींचतान के बीच अखिलेश यादव ने आजम की पसंद को दरकिनार कर दिल्ली पार्लियामेंट्री स्ट्रीट की मस्जिद के इमाम मौलाना मोहिब्बुल्लाह नदवी को रामपुर से उम्मीदवार घोषित कर दिया था।
यहीं नहीं मुरादाबाद सीट से सांसद रहे डॉ. एसटी हसन को मुरादाबाद प्रत्याशी बना दिया था। डॉ. एसटी हसन ने मुरादाबाद सीट से नामांकन भी दाखिल कर दिया था। सियासी तकरार बढ़ने पर नामांकन के चौबीस घंटे बाद अखिलेश यादव ने डॉ. एसटी हसन का टिकट काटकर मुरादाबाद के लिए रुचिवीरा को सिंबल थमा दिया था। इससे आजम खां को बैलेंस करने की कोशिश की थी, लेकिन रामपुर सीट से प्रत्याशी में कोई बदलाव नहीं किया गया था। हालांकि चुनाव में दोनों उम्मीदवारों को जीत मिली। लेकिन दोनों के रिश्तों में आई तल्खी अब भी सियासी गलियारों में चर्चा का विषय है।
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सोमवार को कुंदरकी में चुनावी जनसभा के बाद अखिलेश यादव आजम खां की पत्नी डाॅ. तजीन फात्मा, बेटे अदीब आजम से मिलने रामपुर उनके घर पहुंचे। जहां वह करीब 15 मिनट रहे। बाद में मीडिया से बातचीत में आजम खां के साथ अन्याय होने की बात कही। साथ ही सपा सरकार आने पर आजम खां के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की भी बात कही।
आजम मामले में सपा की चुप्पी पर भी उठते रहे हैं सवाल
- आजम खां और उनके परिवार पर दर्ज मुकदमों काे लेकर सपा के रवैये पर सवाल उठते रहे हैं। जो मुस्लिमों के बीच भी चर्चा का केंद्र रहा है। रामपुर पहुंचकर अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि सपा ने अपनी पूरी ताकत से लड़ाई लड़ी है। यहां तक कहा कि भगवान जानता है, सपा जानती है, कोर्ट जानता है कि हम लोगों ने कितनी मेहनत की है। हम लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं। पार्टी आजम खां के साथ है और इंसाफ की लड़ाई लड़ती रहेगी।
जनसभा में आजम और जाैहर विवि का भी जिक्र
- अखिलेश यादव ने कुंदरकी जनसभा में अपने संबोधन में आजम खां और जाैहर विश्वविद्यालय का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रामपुर में सपा नेता आजम खां को परेशान करने के लिए भाजपा ने साजिश रची है। उन्होंने जाैहर विश्वविद्यालय पर की गई कार्रवाई का भी जिक्र किया।
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लोकसभा चुनाव में टिकटों के बंटवारे को लेकर अखिलेश यादव और आजम खां आमने सामने आ गए थे। मुरादाबाद मंडल में प्रत्याशियों के चयन से पहले अखिलेश यादव ने आजम खां से सीतापुर जेल में मुलाकात की थी। आजम खां ने अखिलेश यादव को रामपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था। साथ ही मुरादाबाद सीट से बिजनौर की पूर्व विधायक रुचिवीरा को प्रत्याशी बनाने की सिफारिश की थी। अखिलेश यादव ने उनके प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद आजम खां के समर्थकों ने रामपुर में लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का एलान कर दिया था। इस खींचतान के बीच अखिलेश यादव ने आजम की पसंद को दरकिनार कर दिल्ली पार्लियामेंट्री स्ट्रीट की मस्जिद के इमाम मौलाना मोहिब्बुल्लाह नदवी को रामपुर से उम्मीदवार घोषित कर दिया था।
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यहीं नहीं मुरादाबाद सीट से सांसद रहे डॉ. एसटी हसन को मुरादाबाद प्रत्याशी बना दिया था। डॉ. एसटी हसन ने मुरादाबाद सीट से नामांकन भी दाखिल कर दिया था। सियासी तकरार बढ़ने पर नामांकन के चौबीस घंटे बाद अखिलेश यादव ने डॉ. एसटी हसन का टिकट काटकर मुरादाबाद के लिए रुचिवीरा को सिंबल थमा दिया था। इससे आजम खां को बैलेंस करने की कोशिश की थी, लेकिन रामपुर सीट से प्रत्याशी में कोई बदलाव नहीं किया गया था। हालांकि चुनाव में दोनों उम्मीदवारों को जीत मिली। लेकिन दोनों के रिश्तों में आई तल्खी अब भी सियासी गलियारों में चर्चा का विषय है।
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सोमवार को कुंदरकी में चुनावी जनसभा के बाद अखिलेश यादव आजम खां की पत्नी डाॅ. तजीन फात्मा, बेटे अदीब आजम से मिलने रामपुर उनके घर पहुंचे। जहां वह करीब 15 मिनट रहे। बाद में मीडिया से बातचीत में आजम खां के साथ अन्याय होने की बात कही। साथ ही सपा सरकार आने पर आजम खां के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की भी बात कही।
आजम मामले में सपा की चुप्पी पर भी उठते रहे हैं सवाल
- आजम खां और उनके परिवार पर दर्ज मुकदमों काे लेकर सपा के रवैये पर सवाल उठते रहे हैं। जो मुस्लिमों के बीच भी चर्चा का केंद्र रहा है। रामपुर पहुंचकर अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि सपा ने अपनी पूरी ताकत से लड़ाई लड़ी है। यहां तक कहा कि भगवान जानता है, सपा जानती है, कोर्ट जानता है कि हम लोगों ने कितनी मेहनत की है। हम लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं। पार्टी आजम खां के साथ है और इंसाफ की लड़ाई लड़ती रहेगी।
जनसभा में आजम और जाैहर विवि का भी जिक्र
- अखिलेश यादव ने कुंदरकी जनसभा में अपने संबोधन में आजम खां और जाैहर विश्वविद्यालय का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रामपुर में सपा नेता आजम खां को परेशान करने के लिए भाजपा ने साजिश रची है। उन्होंने जाैहर विश्वविद्यालय पर की गई कार्रवाई का भी जिक्र किया।