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अपने ही विधान क्षेत्रों के जिला पंचायत वार्डो में जीत को तरसी सपा- भाजपा
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मुरादाबाद। पंचायत चुनावों के नतीजे बेहद चौंकाने वाले रहे। सबसे खास बात रही कि जिन विधान सभा क्षेत्रों में जिस पार्टी का कब्जा है, उसी विधान क्षेत्र में उसकी ही पार्टी की हालत पतली रही। सपा के गढ़ में बसपा का दबदबा रहा तो भाजपा के गढ़ में सपा ने सेंधमारी की। पार्टी विधायक अपने विस क्षेत्रों में अपनी पार्टी का ज्यादा भला नहीं कर सके। विधानसभा क्षेत्र पर एक नजर।
ठाकुरद्वारा
इस विधानसभा सीट पर सपा का कब्जा है। जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव के लिहाज से इस वार्ड में ठाकुरद्वारा, डिलारी और भगतपुर टांडा ब्लॉक के एक से लेकर नौ और वार्ड 36 से 39 तक कुल 14 वार्ड पड़ते हैं, लेकिन यहां बसपा का दबदबा रहा है। बसपा ने यहां छह वार्ड में जीत हासिल की, जबकि सपा को केवल तीन वार्ड में जीत मिली। भाजपा ने तीन वार्ड में जीत हासिल की, जबकि दो निर्दलीय जीते।
कांठ
कांठ विधानसभा सीट पर भाजपा के विधायक हैं। इस विधानसभा क्षेत्र में छजलैट ब्लॉक के जिला पंचायत के चार वार्ड पड़ते हैं, लेकिन हैरानी की बात है कि इन सभी चार वार्डो में भाजपा समर्थित प्रत्याशी चुनाव हार गए। यहां के चार में से तीन वार्डो पर सपा का कब्जा रहा है। एक वार्ड पर एएमआईएम का कब्जा हुआ। हैरानी की बात है कि इसी वार्ड में पंचायती राज मंत्री का भी गांव पड़ता है।
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कुंदरकी
कुंदरकी विधान सभा सीट पर सपा का कब्जा है। इस विधान सभा क्षेत्र में कुंदरकी ब्लॉक के वार्ड 18 से 23 तक के वार्ड आते हैं, लेकिन यहां पर सपा का प्रदर्शन कुल मिलाकर ठीक रहा। यहां पड़ने वाले छह में से तीन वार्डो पर सपा ने जीत हासिल की, हालांकि बसपा ने यहां भी दो सीटें जीतकर सपा को चुनौती दी है। भाजपा को भी यहां से एक सीट मिली है।
बिलारी
बिलारी विधानसभा सीट पर भी सपा का कब्जा है, लेकिन इस विधानसभा सीट पर सपा की सबसे ज्यादा फजीहत हुई है। यहां वार्ड 25 से 29 तक पड़ते हैं, लेकिन यहां पर पूरी तरह बसपा का दबदबा रहा। इस क्षेत्र मे पड़ने वाले पांच वार्डों में चार पर बसपा ने जीत हासिल की। हैरानी की बात है की सपा को अपने ही गढ़ में एक भी वार्ड में जीत नसीब नहीं हुई। भाजपा भी यहां एक वार्ड में जीती है।
मुरादाबाद देहात
ये विधानसभा सीट भी सपा के पास है। यहां मुरादाबाद ब्लॉक क्षेत्र के वार्ड 14 से 17 तक पड़ते हैं, लेकिन इनमें से एक भी वार्ड में सपा नहीं जीत सकी। दो वार्डो पर भाजपा ने कब्जा किया, जबकि एक वार्ड पर निर्दलीय ने बाजी मारी। इस तरह यहां भी सपा कमजोर साबित हुई।
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ठाकुरद्वारा
इस विधानसभा सीट पर सपा का कब्जा है। जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव के लिहाज से इस वार्ड में ठाकुरद्वारा, डिलारी और भगतपुर टांडा ब्लॉक के एक से लेकर नौ और वार्ड 36 से 39 तक कुल 14 वार्ड पड़ते हैं, लेकिन यहां बसपा का दबदबा रहा है। बसपा ने यहां छह वार्ड में जीत हासिल की, जबकि सपा को केवल तीन वार्ड में जीत मिली। भाजपा ने तीन वार्ड में जीत हासिल की, जबकि दो निर्दलीय जीते।
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कांठ
कांठ विधानसभा सीट पर भाजपा के विधायक हैं। इस विधानसभा क्षेत्र में छजलैट ब्लॉक के जिला पंचायत के चार वार्ड पड़ते हैं, लेकिन हैरानी की बात है कि इन सभी चार वार्डो में भाजपा समर्थित प्रत्याशी चुनाव हार गए। यहां के चार में से तीन वार्डो पर सपा का कब्जा रहा है। एक वार्ड पर एएमआईएम का कब्जा हुआ। हैरानी की बात है कि इसी वार्ड में पंचायती राज मंत्री का भी गांव पड़ता है।
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कुंदरकी
कुंदरकी विधान सभा सीट पर सपा का कब्जा है। इस विधान सभा क्षेत्र में कुंदरकी ब्लॉक के वार्ड 18 से 23 तक के वार्ड आते हैं, लेकिन यहां पर सपा का प्रदर्शन कुल मिलाकर ठीक रहा। यहां पड़ने वाले छह में से तीन वार्डो पर सपा ने जीत हासिल की, हालांकि बसपा ने यहां भी दो सीटें जीतकर सपा को चुनौती दी है। भाजपा को भी यहां से एक सीट मिली है।
बिलारी
बिलारी विधानसभा सीट पर भी सपा का कब्जा है, लेकिन इस विधानसभा सीट पर सपा की सबसे ज्यादा फजीहत हुई है। यहां वार्ड 25 से 29 तक पड़ते हैं, लेकिन यहां पर पूरी तरह बसपा का दबदबा रहा। इस क्षेत्र मे पड़ने वाले पांच वार्डों में चार पर बसपा ने जीत हासिल की। हैरानी की बात है की सपा को अपने ही गढ़ में एक भी वार्ड में जीत नसीब नहीं हुई। भाजपा भी यहां एक वार्ड में जीती है।
मुरादाबाद देहात
ये विधानसभा सीट भी सपा के पास है। यहां मुरादाबाद ब्लॉक क्षेत्र के वार्ड 14 से 17 तक पड़ते हैं, लेकिन इनमें से एक भी वार्ड में सपा नहीं जीत सकी। दो वार्डो पर भाजपा ने कब्जा किया, जबकि एक वार्ड पर निर्दलीय ने बाजी मारी। इस तरह यहां भी सपा कमजोर साबित हुई।