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Moradabad News: घूसखोर स्टेनो निलंबित, एसडीएम हटाई गईं

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 04 Sep 2024 07:14 AM IST
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Bribery steno suspended, SDM removed
मुरादाबाद। डीएम ने किसान से 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार ठाकुरद्वारा एसडीएम के स्टेनो सचिन शर्मा को निलंबित कर दिया है। वहीं एसडीएम मनी अरोड़ा को हटाकर उनके स्थान पर एसीएम प्रथम प्रीति सिंह को तैनात किया है। माना जा रहा है कि रिश्वतकांड में ही एसडीएम को हटाया है। उन्हें अभी नई तैनाती भी नहीं दी गई है।
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डीएम अनुज सिंह ने कांठ के एसडीएम अजय मिश्रा को हटाकर एसीएम द्वितीय बनाया है। इस स्थान पर आईएएस राममोहन मीना को तैनात किया है। संतदास पवार को प्रीति सिंह के स्थान एसीएम प्रथम बनाया गया है।
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वहीं रिश्वत लेने के आरोपी स्टेनो को जेल भेजने के बाद बरेली विजिलेंस की टीम मंगलवार को जांच के लिए ठाकुरद्वारा पहुंची। टीम में शामिल निरीक्षकों ने एसडीएम मनी अरोड़ा और कार्यालय के कर्मचारियों से रिश्वत के मामले में बयान दर्ज किए। रिश्वतखोर स्टेनो के कंप्यूटर को भी चेक किया।
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बरेली की विजिलेंस टीम ने शनिवार को एसडीएम के स्टेनो सचिन शर्मा को करनपुर के किसान से कृषि भूमि को गैर कृषि भूमि घोषित कराने के नाम पर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में स्टेनो के खिलाफ बरेली में भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
आरोपी को जेल भेजने के बाद विजिलेंस के निरीक्षक अनिल कुमार की टीम मंगलवार को ठाकुरद्वारा पहुंची। निरीक्षक ने सबसे पहले एसडीएम मनी अरोड़ा से उनके कार्यालय में करीब एक घंटे तक पूछताछ की और बयान दर्ज किए। इसके बाद विजिलेंस निरीक्षक ने नायब नाजिर अतुल वर्मा के बयान भी दर्ज किए। स्टेनो के कार्यालय का भी निरीक्षण किया और उसके कंप्यूटर को खंगाला। करीब दो घंटे तक विजिलेंस के निरीक्षक ने घटनास्थल के आसपास भी मुआयना किया। डीएम ने भी एसडीएम कार्यालय के डाक के लेनदेन का रिकॉर्ड भी मंगलवार को तलब किया है।
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अधिकारियों का चहेता था घूसखोरी का आरोपी स्टेनो
ठाकुरद्वारा। घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार सचिन शर्मा मूल रूप से संग्रह विभाग में लिपिक के पद पर कार्यरत था। करीब आठ वर्ष पहले तत्कालीन एसडीएम विनीता सिंह ने उसे संग्रह विभाग से हटवाकर अपने कार्यालय में स्टेनो का कार्य सौंप दिया। इसके बाद सचिन अधिकारियों का चहेता बन गया और अपनी कुर्सी पर जमा रहा।

एसडीएम ठाकुरद्वारा के पद पर आने वाले किसी भी एसडीएम ने सचिन को स्टेनो से हटाकर उसके मूल पद पर नहीं भेजा। यहां स्टेनो के पद पर एक महिला कर्मचारी की नियुक्ति है, जिन्हें मंडल मुख्यालय पर एक कार्यालय से संबद्ध किया गया है। चार वर्ष पहले अतुल वर्मा कांठ से नायब नाजिर के पद पर आए थे। उन्होंने स्टेनो का कार्य करने का प्रयास किया, लेकिन सचिन शर्मा ने खुद स्टेनो का कार्य करना शुरू कर दिया। करीब चार माह पूर्व भाजपा कार्यकर्ताओं की शिकायत पर तत्कालीन एसडीएम अजय मिश्रा ने सचिन को दो दिन के लिए हटा दिया था, लेकिन फिर वह स्टेनो बन गया था। संवाद
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