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Moradabad News: वीरता मतलब देश के लिए पागलपन और जुनून - यादव

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 24 Dec 2022 09:00 AM IST
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Bravery means madness and passion for the country: Yadav
मैथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कालेज में क्रांतिकारी राम अवतार दीक्षित स्मृति उत्सव में अपने विचार रखते - फोटो : CITY
मुरादाबाद। वीरता का मतलब है देश के लिए पागलपन और जुनून। जो देश के लिए जितना पागल है वह उतना ही वीर है। इस पागलपन और जुनून की बदौलत सामान्य सा व्यक्ति पूरे देश में ख्याति पा जाता है। ये शब्द हैं 19 वर्ष की आयु में सेना का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार पाने वाले वाले मानद कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव के।
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कैप्टन यादव शुक्रवार को क्रांतिकारी राम अवतार दीक्षित के स्मृति उत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। यह कार्यक्रम मैथोडिस्ट गर्ल्स कॉलेज के हॉल में आयोजित हुआ। कैप्टन ने कारगिल युद्ध के अपने अनुभव कार्यक्रम में मौजूद एनसीसी कैडेट्स से साझा किए। उन्होंने बताया कि 15 गोलियां लगने के बावजूद उन्होंने लड़ाई जारी रखी। तोलोलिंग पहाड़ी पर दुश्मन के कई ठिकाने ध्वस्त करके घायल अवस्था में नीचे लौटे। पाकिस्तानी फौज की सारी सूचना अपने अधिकारियों को दी। गंभीर जख्मी होने और टांग की हड्डी टूटने के कारण 16 महीने उपचार चला। इस मौके पर धवल दीक्षित, डॉ. मंजेश राठी आरएसडी ग्रुप के निदेश डॉ. विनोद कुमार, मेजर राजीव ढल, कैप्टन शिव कुमार, प्रदीप शर्मा, गुरविंदर सिंह आदि मौजूद रहे।
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दुश्मन को झांसा देकर किया चारों खाने चित
कम सैनिक बचने पर योगेंद्र ने दुश्मन को झांसा देने के लिए हमला रोकने की योजना बनाई। गोलीबारी बंद देख पाकिस्तानियों को लगा कि पूरी बटालियन खत्म हो गई है। पाकिस्तानी धीरे धीरे भारतीय खेमे की ओर बढ़े तो योगेंद्र और उनके साथियों ने दुश्मनों पर हमला बोल दिया। इसमें कई पाकिस्तानी ढेर हो गए। इससे दुश्मन की पीछे वाली टुकड़ी सतर्क हो गई और भीषण युद्ध हुआ। इस लड़ाई में योगेंद्र के 15 गोलियां लगीं और टांग की हड्डी टूट गई।
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मरने का किया नाटक
पाकिस्तानी सैनिक नजदीक पहुंचे तो योगेंद्र ने मरने का नाटक किया। उनके कुछ दूर जाने पर योगेंद्र ने गोलियों से एक बार फिर कई दुश्मनों को ढेर किया। थोड़ी देर बाद पाकिस्तानी गोलाबारी कम हुई तो वह पहाड़ी से नीचे अपनी टुकड़ी के पास आ गए। गंभीर हालत में भी पहाड़ी पर मौजूद पाकिस्तानी सेना की पूरी जानकारी भारतीय टुकड़ी को दी। उनकी बताई जानकारी पाकर भारतीय टुकड़ी ने रणनीति बनाकर हमला किया और जीत हासिल की।
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