फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   'Booster dose' of activities to increase the number of students in the school

अमर उजाला अभियान स्वास्थ्य: स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए गतिविधियों की ‘बूस्टर डोज’

Wed, 30 Mar 2022 02:12 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद Published by: मुरादाबाद ब्यूरो Updated Wed, 30 Mar 2022 02:12 AM IST
सार

विद्यालयों में वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन ऑफलाइन माध्यम से किया गया है। इसके बाद स्कूलों में परिणाम वितरित किए जा रहे हैं। ज्यादातर स्कूलों में नए सत्र की शुरुआत चार अप्रैल से सात अप्रैल के बीच में की जाएगी।

विज्ञापन
'Booster dose' of activities to increase the number of students in the school
अमर उजाला शिक्षा अभियान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना संक्रमण काल की तीन लहर झेलने के बाद विद्यालयों में धीरे-धीरे पढ़ाई पटरी पर लौट रही है। नए सत्र में स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए विभिन्न तरह की प्रतियोगिताएं करवाई जा रही हैं। परिणाम वितरण के समय भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां करवाई जा रही हैं। प्रधानाचार्यों का कहना है कि कोरोना संक्रमण काल की खराब यादों को भुलाने के लिए यह गतिविधियां बहुत आवश्यक हैं।
विज्ञापन


विद्यालयों में वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन ऑफलाइन माध्यम से किया गया है। इसके बाद स्कूलों में परिणाम वितरित किए जा रहे हैं। ज्यादातर स्कूलों में नए सत्र की शुरुआत चार अप्रैल से सात अप्रैल के बीच में की जाएगी। विल्सोनिया स्कूल के प्रिंसिपल आशीष संतराम ने बताया कि विद्यार्थियों को कक्षाओं में नियमित करना पहला लक्ष्य है। कोरोना संक्रमण काल ने जहां पढ़ाई को प्रभावित किया, वहीं नए तरीके से शिक्षण व्यवस्था को अपनाने का मौका भी दिया है। इसलिए आनलाइन माध्यम के दौरान किए गए पीपीटी के प्रयोग को ऑफलाइन माध्यम से संचालित होने वाली पढ़ाई में भी किया जाएगा।
विज्ञापन


प्रतिदिन एक पीरियड में विद्यार्थियों और अभिभावकों की काउंसलिंग की जा रही है। शिक्षकों के लिए भी कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, ताकि नए माहौल में शिक्षा देने के लिए वह तैयार हो सकें। कक्षा 12 के विद्यार्थियों के लिए फेयरवेल पार्टी का आयोजन किया गया था। स्कूल खुलने के बाद पहली बार हुए कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के लिए विद्यार्थी खूब उत्साहित थे। इसमें विद्यार्थियों ने गाने गाए, कई तरह के खेल खेले, मिस्टर और मिस विल्सोनिया का चुनाव किया गया और विद्यार्थियों ने रैंप वॉक भी किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


छोटे विद्यार्थियों ने भी की पार्टी में मस्ती
महाराजा अग्रसेन पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल रश्मि ठाकुर ने बताया कि विद्यालय में चार अप्रैल से नया सत्र शुरू हो रहा है। अभिभावक अब विद्यार्थियों को स्कूल भेजने के लिए उत्साहित हैं। नवीं से 12वीं तक सभी विद्यार्थियों का टीकाकरण हो गया है। छोटी कक्षाओं में विद्यार्थियों को टीका लगवाने के लिए अभिभावकों प्रोत्साहित किया जा रहा है। परिणाम एक और दो अप्रैल को जारी किया जाएगा। परीक्षा के बाद प्राइमरी सेक्शन के लिए पूल पार्टी का आयोजन किया गया है, ताकि विद्यार्थी एक-दूसरे से दोस्ती कर सकें।

विद्यार्थियों ने भी नृत्य, गाने गाए और कविताएं सुनाईं। सभी विद्यार्थियों ने पार्टी में खूब मस्ती की। अप्रैल के पहले सप्ताह में पढ़ाई का दबाव बनाने के बजाय विद्यार्थियों को आपस में घुलने-मिलने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। शिक्षकों के लिए सेमिनार का आयोजन होगा, ताकि अभिभावकों की समस्याओं को समझ कर उन्हें दूर करने के प्रयास किए जा सकें।

यह बोले विद्यार्थी...
कोरोना काल में हमारी पढ़ाई का बहुत नुकसान हुआ है। स्कूल में आकर फिर से अपनी क्षमताओं को विकसित करने में काफी समय लग जाएगा। इसके लिए हम अधिक से अधिक गतिविधियों में प्रतिभाग कर रहे हैं, ताकि संक्रमण का हौव्वा हमारे मन से दूर हो सके।
इशाना गुप्ता, छात्रा

क्लास में लगातार बैठकर पढ़ाई करने में समस्या होती है, क्योंकि एकाग्रचित्त होने की आदत प्रभावित हुई है। लगातार स्क्रीन के सामने बैठकर पढ़ाई करने से हमारी आंखों को भी परेशानी हुई है। स्कूल में पढ़ाई के साथ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर कार्य करवाया जा रहा है।
जमाल हुसैन, छात्र

मैं नियमित स्कूल जाने के लिए बहुत उत्साहित हूं, इसलिए अब ईश्वर से यही प्रार्थना है कि दोबारा से ऐसी नौबत न आए कि हमें फिर ऑनलाइन पढ़ाई करनी पड़े। स्कूल में जाकर सिर्फ पढ़ाई नहीं करते, बल्कि अपने दोस्तों के साथ खेलते हैं और अनुशासन भी सीखते हैं।
मोहम्मद अजहरुद्दीन, छात्र

यह बोले अभिभावक...
विद्यालय के खुले माहौल में हम अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए तैयार हैं। विद्यालय में जो पढ़ाई हो सकती है, वह घर पर नहीं हो सकती है। पढ़ाई के साथ विद्यार्थी वहां पर अनुशासन सीखते हैं। मैं अपने बच्चों को अभी भी कोविड प्रोटोकॉल के पालन के लिए प्रोत्साहित करता हूं।
मेराजउद्दीन सिद्दीकी, अभिभावक

पढ़ाई और स्वास्थ्य के लिहाज से कोरोना काल भयावह सपने की तरह है। विद्यार्थियों को इससे उबारने के लिए अभिभावक होने के नाते मेरा फर्ज है कि मैं अपनी बेटी को विभिन्न गतिविधियों में प्रतिभाग करने के लिए प्रोत्साहित करूं। स्कूल में विद्यार्थियों का शारीरिक विकास के साथ मानसिक विकास होता है।
शील कुमार गुप्ता, अभिभावक

ऑनलाइन माध्यम से एक विकल्प के तौर पर पढ़ाई तो हुई है, लेकिन उसमें वह गुणवत्ता नहीं थी, जो अब विद्यार्थी स्कूल में जाकर पढ़ाई करने से हासिल कर पाएंगे। शिक्षकों के सामने रहने से विद्यार्थी पढ़ाई भी करते हैं और अन्य परेशानियों को भी उनके साथ साझा करते हैं। मेरी बेटी विद्यालय जाने के लिए बहुत उत्सुक है।

राकेश कुमार शर्मा, अभिभावक

कोरोना संक्रमण अभी गया नहीं है। इसलिए विद्यार्थियों का टीकाकरण करवाने के साथ कोविड प्रोटोकॉल का पालन करवाना भी जरूरी है। इसलिए अपने बेटे को सैनिटाइजर का प्रयोग करने के साथ मास्क पहनने के लिए कहता हूं। स्कूल में इन सब चीजों का ध्यान रखा जा रहा है और उसी के अनुरूप गतिविधियां भी हो रही हैं।
मोहम्मद शाहिद, अभिभावक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed