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Moradabad News: मुजाहिद के बाद इरफान पर दांव, मुस्लिमों को साधने की कोशिश
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ठाकुरद्वारा।
अमरोहा से डॉ. मुजाहिद हुसैन को प्रत्याशी बनाने के बाद बसपा ने मुरादाबाद सीट से इरफान सैफी पर दांव लगाया है। इसके जरिये बसपा मंडल में मुस्लिमों मतदाताओं को साधने की तैयारी में है। सुरक्षित सीट नगीना को छोड़कर मंडल बाकी तीन सीटों पर भी मुस्लिम उम्मीदवार उतारने की तैयारी है।
ठाकुरद्वारा निवासी इरफान सैफी राईस मिल का संचालन करते हैं। उन्होंने 2012 में राजनीति में कदम रखा। तब उन्होंने नगर पालिका ठाकुरद्वारा के अध्यक्ष पद का पहला चुनाव वर्ष 2012 में निर्दलीय ही लड़ा था। इस चुनाव में इरफान सैफी को सफलता नहीं मिली थी। इसके बाद 2015 में ठाकुरद्वारा नगर पालिका पर अध्यक्ष के लिए उप चुनाव हुआ था। इस चुनाव में ही इरफान निर्दलीय के तौर पर उम्मीदवार बने लेकिन जीत नहीं पाए थे। तीसरा चुनाव 2018 में भी हार गए थे। 2023 में इरफान सैफी फिर से निर्दलीय ही नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतरे और इस चुनाव में उन्हें सफलता मिल गई। उन्हें करीब नौ हजार वोट मिले थे। तब सपा उम्मीदवार इरफान अंसारी को 1072 वोटों के अंतर से हरा दिया था। कुछ दिन पहले ही ही इरफान ने बसपा की सदस्यता ग्रहण की। बसपा ने उन्हें अपना प्रत्याशी घोषित किया है।
दलित मुस्लिम बनेंगे मेरी जीत का आधार
बसपा के घोषित प्रत्याशी इरफान सैफी का कहना है कि बसपा सर्वसमाज की पार्टी है। मुरादाबाद लोकसभा क्षेत्र में करीब 21 लाख मतदाता हैं। जिनमें साढे तीन लाख दलित और 9 लाख मुस्लिम मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में उन्हें हर समाज का वोट मिलेगा, लेकिन उनकी जीत का आधार दलित और मुस्लिम मतदाता ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव लड़ने का मेरा मकसद क्षेत्र का विकास करना है।
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समर्थकों ने किया स्वागत
ठाकुरद्वारा पालिका अध्यक्ष इरफान सैफी के प्रत्याशी घोषित किए जाने पर उनके समर्थकों और बसपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। समर्थकों ने फूल माला पहनाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान बसपा के जिला सचिव डॉक्टर रामपाल सिंह गौतम चेतन अर्जुन चेतन फैसल सैफी आदि मौजूद रहे।
चाचा 17 साल रह चुके हैं अध्यक्ष
ठाकुरद्वारा नगर पालिका की बागडोर इरफान सैफी के परिवार के पास पहले भी हर चुकी है। इरफान सैफी ने बताया कि उनके चाचा अब्दुल कदीर भी ठाकुरद्वारा नगर पालिका के अध्यक्ष रह चुके हैं। चाचा करीब 17 साल अध्यक्ष रहे हैं।
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अमरोहा से डॉ. मुजाहिद हुसैन को प्रत्याशी बनाने के बाद बसपा ने मुरादाबाद सीट से इरफान सैफी पर दांव लगाया है। इसके जरिये बसपा मंडल में मुस्लिमों मतदाताओं को साधने की तैयारी में है। सुरक्षित सीट नगीना को छोड़कर मंडल बाकी तीन सीटों पर भी मुस्लिम उम्मीदवार उतारने की तैयारी है।
ठाकुरद्वारा निवासी इरफान सैफी राईस मिल का संचालन करते हैं। उन्होंने 2012 में राजनीति में कदम रखा। तब उन्होंने नगर पालिका ठाकुरद्वारा के अध्यक्ष पद का पहला चुनाव वर्ष 2012 में निर्दलीय ही लड़ा था। इस चुनाव में इरफान सैफी को सफलता नहीं मिली थी। इसके बाद 2015 में ठाकुरद्वारा नगर पालिका पर अध्यक्ष के लिए उप चुनाव हुआ था। इस चुनाव में ही इरफान निर्दलीय के तौर पर उम्मीदवार बने लेकिन जीत नहीं पाए थे। तीसरा चुनाव 2018 में भी हार गए थे। 2023 में इरफान सैफी फिर से निर्दलीय ही नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतरे और इस चुनाव में उन्हें सफलता मिल गई। उन्हें करीब नौ हजार वोट मिले थे। तब सपा उम्मीदवार इरफान अंसारी को 1072 वोटों के अंतर से हरा दिया था। कुछ दिन पहले ही ही इरफान ने बसपा की सदस्यता ग्रहण की। बसपा ने उन्हें अपना प्रत्याशी घोषित किया है।
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दलित मुस्लिम बनेंगे मेरी जीत का आधार
बसपा के घोषित प्रत्याशी इरफान सैफी का कहना है कि बसपा सर्वसमाज की पार्टी है। मुरादाबाद लोकसभा क्षेत्र में करीब 21 लाख मतदाता हैं। जिनमें साढे तीन लाख दलित और 9 लाख मुस्लिम मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में उन्हें हर समाज का वोट मिलेगा, लेकिन उनकी जीत का आधार दलित और मुस्लिम मतदाता ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव लड़ने का मेरा मकसद क्षेत्र का विकास करना है।
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समर्थकों ने किया स्वागत
ठाकुरद्वारा पालिका अध्यक्ष इरफान सैफी के प्रत्याशी घोषित किए जाने पर उनके समर्थकों और बसपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। समर्थकों ने फूल माला पहनाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान बसपा के जिला सचिव डॉक्टर रामपाल सिंह गौतम चेतन अर्जुन चेतन फैसल सैफी आदि मौजूद रहे।
चाचा 17 साल रह चुके हैं अध्यक्ष
ठाकुरद्वारा नगर पालिका की बागडोर इरफान सैफी के परिवार के पास पहले भी हर चुकी है। इरफान सैफी ने बताया कि उनके चाचा अब्दुल कदीर भी ठाकुरद्वारा नगर पालिका के अध्यक्ष रह चुके हैं। चाचा करीब 17 साल अध्यक्ष रहे हैं।