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किसान से रिश्वत लेने वाला बैंक मैनेजर निलंबित
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मुरादाबाद। प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक की लालाटीकर गांव स्थित शाखा के मैनेजर गिरीश चंद्र को निलंबित कर दिया गया है। आरोपी मैनेजर को सीबीआई ने मंगलवार को एक किसान से केसीसी बनवाने के नाम पर दलाल के साथ रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया था। अब मैनेजर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू हो गई है। बैंक अफसरों का कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।
मूंढापांडे थानाक्षेत्र के वीरपुर बरियार उर्फ खड़ग गांव निवासी किसान खैराती ने गाजियाबाद पहुंचकर सीबीआई दफ्तर में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें किसान ने बताया था कि तीन लाख के किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए उसने प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक की लालाटीकर शाखा में आवेदन किया था। रामपुर निवासी शाखा मैनेजर गिरीश चंद्र और रौंडा निवासी दलाल कयूम मास्टर उससे दस हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। शिकायत मिलने पर तीस नवंबर दोपहर तीन बजे सीबीआई टीम बैंक शाखा पहुंची थी। इसी दौरान किसान ने आठ हजार बैंक मैनेजर गिरीश चंद्र और दो हजार रुपये कयूम मास्टर को दे दिए थे। इसी बीच टीम ने दोनों को रंगेहाथों पकड़ लिया था। सीबीआई ने बुधवार दोपहर दोनों को गाजियाबाद स्थित कोर्ट में पेश किया था, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है।
प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक के चेयरमैन आरके अरोरा ने बताया कि लालाटीकर शाखा के मैनेजर गिरीश चंद्र को सीबीआई की टीम ने रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। रीजनल ऑफिसर ने टीम के साथ शाखा पहुंचकर प्रकरण की जांच की। प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर मैनेजर को निलंबित कर दिया है। विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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एक और किसान की केसीसी की फाइल अटकी
मुरादाबाद। बैंक मैनेजर के जेल जाने के बाद किसान क्रेडिट कार्ड का काम बीच में लटक गया है। सीबीआई टीम ने शाखा में करीब साढ़े तेरह घंटे कार्रवाई की थी। इस दौरान मैनेजर गिरीश चंद्र के कार्यकाल जून माह से लेकर तक जारी किए गए सभी केसीसी की जानकारी जुटाई थी। इस दौरान ये भी सामने आया था कि शाखा से हर रोज दस से पंद्रह केसीसी जारी किए गए हैं। फील्ड ऑफिसर सुमन कुमार का कहना है कि केसीसी से संबंधित सभी डाटा और फाइलें टीम अपने साथ ले गई है। उधर, रौंडा निवासी एक और किसान की फाइल बीच में ही अटक गई है। उसका कहना है कि बैंक मैनेजर गिरीश चंद्र ने उसे बुधवार को बैंक बुलाया था। वो बैंक पहुंचा तो पता चला कि मैनेजर को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। किसान ने 95 हजार रुपये का केसीसी बनवाया था। किसान ने फील्ड आफिसर से बात की, तो उसने कार्ड जारी करने से साफ इनकार कर दिया है।
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मूंढापांडे थानाक्षेत्र के वीरपुर बरियार उर्फ खड़ग गांव निवासी किसान खैराती ने गाजियाबाद पहुंचकर सीबीआई दफ्तर में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें किसान ने बताया था कि तीन लाख के किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए उसने प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक की लालाटीकर शाखा में आवेदन किया था। रामपुर निवासी शाखा मैनेजर गिरीश चंद्र और रौंडा निवासी दलाल कयूम मास्टर उससे दस हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। शिकायत मिलने पर तीस नवंबर दोपहर तीन बजे सीबीआई टीम बैंक शाखा पहुंची थी। इसी दौरान किसान ने आठ हजार बैंक मैनेजर गिरीश चंद्र और दो हजार रुपये कयूम मास्टर को दे दिए थे। इसी बीच टीम ने दोनों को रंगेहाथों पकड़ लिया था। सीबीआई ने बुधवार दोपहर दोनों को गाजियाबाद स्थित कोर्ट में पेश किया था, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है।
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प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक के चेयरमैन आरके अरोरा ने बताया कि लालाटीकर शाखा के मैनेजर गिरीश चंद्र को सीबीआई की टीम ने रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। रीजनल ऑफिसर ने टीम के साथ शाखा पहुंचकर प्रकरण की जांच की। प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर मैनेजर को निलंबित कर दिया है। विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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एक और किसान की केसीसी की फाइल अटकी
मुरादाबाद। बैंक मैनेजर के जेल जाने के बाद किसान क्रेडिट कार्ड का काम बीच में लटक गया है। सीबीआई टीम ने शाखा में करीब साढ़े तेरह घंटे कार्रवाई की थी। इस दौरान मैनेजर गिरीश चंद्र के कार्यकाल जून माह से लेकर तक जारी किए गए सभी केसीसी की जानकारी जुटाई थी। इस दौरान ये भी सामने आया था कि शाखा से हर रोज दस से पंद्रह केसीसी जारी किए गए हैं। फील्ड ऑफिसर सुमन कुमार का कहना है कि केसीसी से संबंधित सभी डाटा और फाइलें टीम अपने साथ ले गई है। उधर, रौंडा निवासी एक और किसान की फाइल बीच में ही अटक गई है। उसका कहना है कि बैंक मैनेजर गिरीश चंद्र ने उसे बुधवार को बैंक बुलाया था। वो बैंक पहुंचा तो पता चला कि मैनेजर को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। किसान ने 95 हजार रुपये का केसीसी बनवाया था। किसान ने फील्ड आफिसर से बात की, तो उसने कार्ड जारी करने से साफ इनकार कर दिया है।