फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Azam khan attack on central government over train accidents

ट्रेन हादसे पर आजम ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा, बोले- 5 सालों में आई रेल दुर्घटना की बाढ़

Mon, 04 Feb 2019 02:16 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद Published by: Vikas Kumar Updated Mon, 04 Feb 2019 02:16 AM IST
विज्ञापन
Azam khan attack on central government over train accidents
Azam Khan - फोटो : अमर उजाला

बिहार के हाजीपुर में हुए ट्रेन हादसे पर सपा के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मंत्री आजम खां ने कहा है कि इन पांच सालों में इतने ट्रेन हादसे हुए हैं कि अब उनका जिक्र करने से कुछ हासिल नहीं होने वाला है। आजम ने कहा कि ट्रेन हादसों पर भाजपा के एक जिम्मेदार ने कहा था कि इसमें सरकार क्या कर सकती है, जो ऊपर वाले ने चाहा वो हुआ, कब कहां और कैसे किस की मौत आएगी वह ऊपर वाला तय कर देता है। इसमें सरकारें क्या करें। 

विज्ञापन

 
पत्रकारों से बातचीत के दौरान आजम खां ने सरकार की कई योजनाओं पर तंज कसते हुए कहा कि बीमारी से मर गए, ट्रेन हादसे से मर गए, सरहदों पर मर गए, एनकाउंटर मे मर गए, भुखमरी से मर गए और आत्महत्या कर ली किस्मत का लिखा है जो पूरा करते हैं लोग इसमें सरकार क्या करें। इसमें मोदी जी की क्या गलती है योगी जी की क्या गलती है अमित शाह जी की क्या गलती है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा अब देखिए कितना करम हुआ मालिक का कि उसमें कोई बड़े नेताओं में से नहीं था उनको खरोंच आ जाती तो दुख होता हमें। 
विज्ञापन


भाजपा द्वारा राम मंदिर निर्माण को लेकर संकल्प पत्र जारी करने के सवाल पर आजम खां ने कहा कि आज संकल्प लिया गया है 22 /23 दिसंबर 1949 की रात यह मूर्तियां मंदिर पर स्थापित की गई थीं। तब से वहां पूजा होती है 6 दिसंबर 1992 को मस्जिद की शक्ल बदल दी गई थी उसे शहीद कर दिया गया था, गिरा दिया गया था, मलवा उसका हट गया था तभी। नरसिम्हा राव जी के प्रधानमंत्री रहते हुए तीन दिन तक वहां चबूतरा बना था और वही राम जन्म स्थल कहलाता है। वहां पूजा होती है मंदिर है वहां अब अगर कहीं और बनाना चाहते हैं तो मैं समझता हूं फिर तो विवाद ही खत्म हो जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अभी कुछ दिन पहले रामलीला मैदान दिल्ली में बनाना चाहते थे वहां शायद राय बदल गई अब कहां बनाना चाहते हैं यह हमारी जानकारी में नहीं है, लेकिन 6 दिसंबर 1992 को जहां मंदिर बना था वहां मंदिर है वहां पूजा होती है अब कहां बनाना चाहते हैं किस जगह के लिए संकल्प लिया गया है और अब चुनाव से सिर्फ 20 दिन पहले जब आचार संहिता लागू होने वाली है तब संकल्प लिया है तो इसमें तो कहीं घपला लगता है तो मामला ठगी का लग रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed