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दिनभर भाईयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी बहनें
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मुरादाबाद। लंबे इंतजार के बाद भाईयों की कलाई पर राखी बांधने की शुभ घड़ी आ गई। इस बार पूरा दिन त्योहार के अनुष्ठान के लिए शुभ है। रक्षाबंधन अनुष्ठान के लिए 11 घंटे 43 मिनट का समय है। सावन माह का आखिरी सोमवार होने की वजह से यह त्योहार और भी खास बन गया है।
नवग्रह ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के संचालक ज्योतिषाचार्य पंडित अखिलेश पांडेय ने बताया कि सोमवार और पूर्णिमा एक साथ होने से सर्वार्थ सिद्धि योग, श्रावण शुक्ल पक्ष का भी योग बन रहा है। तीन अगस्त को आखिरी और पांचवां सोमवार होने की वजह से शुभ संयोग ने रक्षासूत्र के इस पर्व को खास बना दिया है। उन्होंने बताया कि सोमवार को सुबह नौ बजकर 28 मिनट से रात नौ बजकर 11 मिनट तक का समय शुभ है। रक्षाबंधन के लिए दोपहर एक बजकर 42 मिनट से शाम चार बजकर 23 मिनट का समय अति शुभ है। रक्षाबंधन के लिए प्रदोष काल का मुहूर्त शाम सात बजकर पांच मिनट से रात नौ बजकर 11 मिनट तक है। रक्षाबंधन चौघड़िया का शुभ मुहूर्त सुबह नौ बजकर 28 मिनट से रात दस बजकर 40 मिनट तक है। सोमवार को राहुकाल का समय सुबह सात बजकर 18 मिनट से आठ बजकर 58 मिनट तक है। इसलिए भद्रा के साथ राहुकाल का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
ऐसे बांधें भाई की कलाई पर राखी
थाली में रोली, चंदन, अक्षत, दही, रक्षासूत्र और मिठाई रखें। घी का एक दीपक भी रखें, जिससे भाई की आरती करें। रक्षा सूत्र और पूजा की थाल सबसे पहले भगवान को समर्पित करें। इसके बाद भाई को पूर्व या उत्तर की तरफ मुंह करवाकर बैठाएं। पहले भाई को तिलक लगाएं। रक्षा सूत्र बांधें और फिर आरती करें। फिर मिठाई खिलाकर भाई की मंगल कामना करें। रक्षासूत्र बंधने के समय भाई या बहन का सिर पर कोई कपड़ा अवश्य रखना चाहिए। राखी बंधवाने के बाद माता-पिता और गुरू का आशीर्वाद लें। उसके बाद बहन को सामर्थ्य अनुसार उपहार दें। उपहार में काले वस्त्र, तीखा या नमकीन खाद्य न दें।
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नवग्रह ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के संचालक ज्योतिषाचार्य पंडित अखिलेश पांडेय ने बताया कि सोमवार और पूर्णिमा एक साथ होने से सर्वार्थ सिद्धि योग, श्रावण शुक्ल पक्ष का भी योग बन रहा है। तीन अगस्त को आखिरी और पांचवां सोमवार होने की वजह से शुभ संयोग ने रक्षासूत्र के इस पर्व को खास बना दिया है। उन्होंने बताया कि सोमवार को सुबह नौ बजकर 28 मिनट से रात नौ बजकर 11 मिनट तक का समय शुभ है। रक्षाबंधन के लिए दोपहर एक बजकर 42 मिनट से शाम चार बजकर 23 मिनट का समय अति शुभ है। रक्षाबंधन के लिए प्रदोष काल का मुहूर्त शाम सात बजकर पांच मिनट से रात नौ बजकर 11 मिनट तक है। रक्षाबंधन चौघड़िया का शुभ मुहूर्त सुबह नौ बजकर 28 मिनट से रात दस बजकर 40 मिनट तक है। सोमवार को राहुकाल का समय सुबह सात बजकर 18 मिनट से आठ बजकर 58 मिनट तक है। इसलिए भद्रा के साथ राहुकाल का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
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ऐसे बांधें भाई की कलाई पर राखी
थाली में रोली, चंदन, अक्षत, दही, रक्षासूत्र और मिठाई रखें। घी का एक दीपक भी रखें, जिससे भाई की आरती करें। रक्षा सूत्र और पूजा की थाल सबसे पहले भगवान को समर्पित करें। इसके बाद भाई को पूर्व या उत्तर की तरफ मुंह करवाकर बैठाएं। पहले भाई को तिलक लगाएं। रक्षा सूत्र बांधें और फिर आरती करें। फिर मिठाई खिलाकर भाई की मंगल कामना करें। रक्षासूत्र बंधने के समय भाई या बहन का सिर पर कोई कपड़ा अवश्य रखना चाहिए। राखी बंधवाने के बाद माता-पिता और गुरू का आशीर्वाद लें। उसके बाद बहन को सामर्थ्य अनुसार उपहार दें। उपहार में काले वस्त्र, तीखा या नमकीन खाद्य न दें।
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