{"_id":"5c35678fbdec2256d22f87dd","slug":"air-force-officer-death-in-suspicious-circumstances-who-posted-in-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आगरा में तैनात एयरफोर्स अफसर की संदिग्ध हालात में मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा में तैनात एयरफोर्स अफसर की संदिग्ध हालात में मौत
Wed, 09 Jan 2019 08:46 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
Published by: Priyesh Mishra
Updated Wed, 09 Jan 2019 08:46 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा में तैनात मुरादाबाद के एयरफोर्स अफसर की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उनके शव पर चोट के निशान मिले हैं। मंगलवार को रामगंगा नदी के पास श्मशान घाट में उनके शव का अंतिम संस्कार किया गया है। बहन और जीजा ने आरोप लगाया है कि एयरफोर्स अफसर हिमांशु की हत्या की गई है। हालांकि, आगरा से मुरादाबाद पहुंचे एयरफोर्स अधिकारियों ने हत्या के आरोप को गलत बताया है।
हिमगिरी कालोनी में रहने वाले लटूर सिंह के बेटे हिमांशु सिंह (32) वायुसेना में कार्यरत थे। वह आगरा स्थित एयरफोर्स स्टेशन में स्क्वाड्रन लीडर के पद पर कार्यरत थे। हिमांशु के जीजा संजय ने बताया कि सोमवार को आगरा से परिवार को सूचना दी गई कि आगरा स्थित क्वार्टर में ही हिमांशु मृत हालत में मिले हैं। सूचना पर परिवार के लोग वहां पर पहुंचे। उनको बताया गया कि सुबह नौकर ने उनको चाय दी थी, इसके बाद वह कमरे में ही थे। दोपहर को जब नौकर वापस खाना देने के लिए गया तो हिमांशु की मौत का पता चला।
हिमांशु की मौत कैसे हुई है? यह पता नहीं चल सका है। आगरा में शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। इसके बाद शव को लेकर परिवार वाले मुरादाबाद आ गए। यहां पर मंगलवार शाम को गमगीन माहौल में हिमांशु सिंह के शव का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान आगरा और बरेली एयरफोर्स स्टेशन से एयरफोर्स अधिकारी भी वहां आए और उन्होंने हिमांशु को अंतिम सलामी दी। आगरा से आए स्क्वाड्रन लीडर अजमल सलमान ने बताया कि बताया कि हिमांशु की मौत की वजह का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चलेगा, हत्या के आरोप को उन्होंने गलत बताया है।
विज्ञापन
‘तिरंगे में नहीं भेजा गया शव, अधिकारी भी नहीं आए साथ’
हिमांशु की बहन मीनाक्षी ने बताया कि उनके भाई का शव तिरंगे में लपेटकर नहीं भेजा गया। न ही वहां से एयरफोर्स अधिकारी या जवान ही शव के साथ मुरादाबाद आए। जबकि ऐसा होना चाहिए था। मीनाक्षी ने आरोप लगाया है कि उनके भाई की हत्या की गई है, इस मामले की जांच के लिए वह पुलिस से शिकायत करेंगी।
विज्ञापन
हिमगिरी कालोनी में रहने वाले लटूर सिंह के बेटे हिमांशु सिंह (32) वायुसेना में कार्यरत थे। वह आगरा स्थित एयरफोर्स स्टेशन में स्क्वाड्रन लीडर के पद पर कार्यरत थे। हिमांशु के जीजा संजय ने बताया कि सोमवार को आगरा से परिवार को सूचना दी गई कि आगरा स्थित क्वार्टर में ही हिमांशु मृत हालत में मिले हैं। सूचना पर परिवार के लोग वहां पर पहुंचे। उनको बताया गया कि सुबह नौकर ने उनको चाय दी थी, इसके बाद वह कमरे में ही थे। दोपहर को जब नौकर वापस खाना देने के लिए गया तो हिमांशु की मौत का पता चला।
विज्ञापन
हिमांशु की मौत कैसे हुई है? यह पता नहीं चल सका है। आगरा में शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। इसके बाद शव को लेकर परिवार वाले मुरादाबाद आ गए। यहां पर मंगलवार शाम को गमगीन माहौल में हिमांशु सिंह के शव का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान आगरा और बरेली एयरफोर्स स्टेशन से एयरफोर्स अधिकारी भी वहां आए और उन्होंने हिमांशु को अंतिम सलामी दी। आगरा से आए स्क्वाड्रन लीडर अजमल सलमान ने बताया कि बताया कि हिमांशु की मौत की वजह का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चलेगा, हत्या के आरोप को उन्होंने गलत बताया है।
विज्ञापन
‘तिरंगे में नहीं भेजा गया शव, अधिकारी भी नहीं आए साथ’
हिमांशु की बहन मीनाक्षी ने बताया कि उनके भाई का शव तिरंगे में लपेटकर नहीं भेजा गया। न ही वहां से एयरफोर्स अधिकारी या जवान ही शव के साथ मुरादाबाद आए। जबकि ऐसा होना चाहिए था। मीनाक्षी ने आरोप लगाया है कि उनके भाई की हत्या की गई है, इस मामले की जांच के लिए वह पुलिस से शिकायत करेंगी।
मौत से पहले हिमांशु ने दी थी झगडे़ की सूचना
जीजा संजय ने बताया कि हिमांशु ने दो दिन पहले फोन पर बातचीत के दौरान परिवार के लोगों को बताया था कि एयरफोर्स स्टेशन पर उनका सिक्योरिटी गार्डों से झगड़ा हुआ है।आरोप है कि स्क्वाड्रन लीडर की वहां पर लात घूंसों से पिटाई की गई थी। जिससे की उनको चोटें भी आई थी लेकिन ये चोट ऐसी नहीं थी कि उनकी मौत हो जाए। संजय ने अंदेशा जताया कि झगडे़ को लेकर ही संजय की बाद में हत्या की गई है।