रामपुर में दुष्कर्म के आरोपी को मुठभेड़ में मारी गोली, वारदात के बाद मासूम की बेरहमी से की थी हत्या
रामपुर के सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र से सात मई को गायब हुई छह साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। आरोपी ने अपने आप को बचाने के लिए उसकी हत्या की थी, क्योंकि वह उसको पहचानती थी।
बच्ची का शव शनिवार को एक खाली पड़े मकान में बरामद किया था। इसके बाद शनिवार की देर रात पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र एक मोहल्ला निवासी छह साल की बच्ची सात मई को दुकान पर गई थी। इसके बाद वह वापस नहीं आई। परिजनों ने सात मई को उसकी गुमशुदगी सिविल लाइंस कोतवाली में दर्ज कराई थी।
पुलिस उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन उसका पता नहीं चला। शनिवार को लगभग डेढ़ माह के बाद उसका सड़ा-गला शव पास में ही एक खाली पड़े मकान में मिला था। पुलिस को नाजिल नाम के युवक पर शक था। पुलिस ने शनिवार की रात उसकी तलाश शुरू कर दी।
पता चला कि वह आश्रम पद्धति स्कूल के पास खड़ा है। पुलिस जब वहां पहुंची तो आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें तीन गोलियां नाजिल के पैरों में लगी। गोली लगने से घायल आरोपी को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि वह बच्ची को बहला-फुसलाकर अधूरे बने मकान में ले गया था, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया था।
उसके बेहोश हो जाने के बाद वह घबरा गया। उसको यह डर सताने लगा कि बच्ची होश में आ जाएगी तो उसकी पोल खुल जाएगी। उसने बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी और वहां से भाग गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ 302, 376 और पाक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
करीब डेढ़ माह से लापता बच्ची का शव शनिवार को मिला था। शनिवार की रात ही आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की थी, जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ है। उसके खिलाफ हत्या और दुष्कर्म की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। - डा. अजय पाल शर्मा, एसपी
पड़ोसी पर विश्वास करके चली गई थी मासूम
आरोपी युवक मासूम बच्ची के पड़ोस का ही रहने वाला है। बच्ची उसको पहचानती भी थी। इससे वह आसानी से बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। बाद में वह बच्ची को तलाश करने की भी कोशिश का नाटक भी करता रहा। हालांकि पुलिस को उसकी गतिविधियों पर पहले से ही शक था, लेकिन उसके खिलाफ पुख्ता प्रमाण नहीं मिल रहे थे।
दो डाक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
बच्ची के शव का पोस्टमार्टम दो डॉक्टरों के पैनल ने किया। शव काफी पुराना होने की वजह से सड़ गल चुका था। पोस्टमार्टम में बहुत सी बातें साफ नहीं हो पाई है। इस मामले में डीएनए टेस्ट कराने का फैसला लिया गया है।