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टीईटी अनिवार्यता की बाध्यता से मुक्त कराने के लिए संघर्ष किया जाएगा : महेंद्र

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 18 Nov 2025 02:28 AM IST
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A struggle will be waged to free the state from the compulsion of TET: Mahendra
मुरादाबाद। शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता की बाध्यता से मुक्त कराने को लेकर सोमवार को लखनऊ में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश की प्रदेश संचालन समिति एवं कार्यकारिणी की बैठक हुई। बैठक में मुरादाबाद से महासंघ के कई सदस्य व शिक्षक शामिल हुए। अखिल भारतीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर ने कहा कि टीईटी लागू होने से पूर्व उसकी अनिवार्यता की बाध्यता से मुक्त कराने के लिए निर्णायक संघर्ष किया जाएगा। टीईटी अनिवार्यता के निर्णय से लाखों शिक्षकों की आजीविका पर संकट पैदा हो गया है।
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प्रदेश महामंत्री जोगेंद्र पाल सिंह ने शिक्षकों से अपने कार्य व व्यवहार में उतारने का आह्वान किया। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश महामंत्री प्रदीप कुमार तिवारी का कहना है कि टीईटी लागू होने से पहले सेवारत शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपना कतई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी शिक्षक या कर्मचारी की निर्धारित योग्यता उसकी नियुक्ति के वर्षों बाद बदलना बिल्कुल ठीक नहीं है।
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प्रदेश संयुक्त महामंत्री चौधरी रवींद्र पंवार ने कहना है कि उत्तर प्रदेश में लगभग दो लाख अध्यापक प्रभावित हो रहे हैं राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश टीईटी के मुद्दे पर एक ठोस रणनीति के साथ कार्य कर रहा है।
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प्रदेश कोषाध्यक्ष नीलमणि शुक्ला का कहना है कि नियुक्ति के वर्षों बाद सभी शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता लागू करना प्राकृतिक न्याय के विपरीत है। इस निर्णय से लाखों शिक्षकों का भविष्य अंधकारमय व संकटग्रस्त होता दिख रहा है। शिक्षिका पंचम रानी ने कहा कि नियुक्ति के वर्षों बाद सेवा शर्तें बदलना बिल्कुल न्याय संगत नहीं है।

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मुरादाबाद के दो हजार शिक्षक टीईटी अनिवार्यता से होंगे प्रभावित
- राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश महामंत्री जोगेंद्र पाल सिंह ने बताया कि मुरादाबाद जिले में 5500 सरकारी शिक्षक हैं, जो कक्षा एक से कक्षा आठ तक के बच्चों को पढ़ाते हैं। यह शिक्षक करीब 600 स्कूलों में नियुक्त हैं। जिले से करीब दो हजार शिक्षक टीईटी अनिवार्यता की बाध्यता से प्रभावित होंगे।
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