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Moradabad News: जिंदा व्यक्ति को दिखाया मृत, जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2026 02:27 AM IST
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A living person was shown as dead, a three-member committee was formed to investigate.
मुरादाबाद। नगर निगम से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराने के नौ साल पुराने मामले में अब उच्चस्तरीय जांच शुरू हो गई है। नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। समिति यह पता लगाएगी कि एक जिंदा व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे जारी हो गया और इसमें किन अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका रही।
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जांच समिति की अध्यक्षता अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह करेंगे। इसमें डिप्टी नगर आयुक्त विशाल यादव और मुख्य सुरक्षा अधिकारी अविनाश गौतम को भी शामिल किया गया है। मामला मुगलपुरा के फैजगंज निवासी मो. सलीम से जुड़ा है। आरोप है कि पहली पत्नी शहनाज के बड़े बेटे ने वर्ष 2017 में उन्हें मृत दिखाकर नगर निगम से मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया था। आरोप यह भी है कि इसी प्रमाण पत्र के आधार पर रामपुर की करीब 60 बीघा जमीन, दिल्ली का फ्लैट और फैजगंज स्थित मकान बेच दिए गए। बताया गया कि मो. सलीम वर्ष 2016 में सऊदी अरब गए थे। वहां उनकी कपड़ों की दुकान में आग लग गई थी, जिसमें वह झुलस गए थे। आरोप है कि इसी घटना का फायदा उठाकर उन्हें मृत दिखाने की साजिश रची गई।
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परिजनों के अनुसार सऊदी अरब में रहते हुए ही मो. सलीम को इस फर्जीवाड़े की जानकारी मिल गई थी। वर्ष 2022 में भारत लौटने के बाद उन्होंने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। बाद में 10 अक्टूबर 2023 को उनकी वास्तविक मृत्यु हो गई। इसके बाद दूसरी पत्नी निखत परवीन ने मामले की दोबारा जांच की मांग की थी। नगर निगम की शुरुआती जांच में सामने आया कि संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया था। अब समिति पूरे मामले की विस्तार से जांच करेगी। निखत परवीन के अधिवक्ता ने कहा कि जिंदा व्यक्ति का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना गंभीर मामला है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
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