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Moradabad News: कच्चा माल गलाने वाली भट्टियों के लिए अलग औद्योगिक क्षेत्र बनाने की मांग उठी
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मुरादाबाद। हैंडीक्रॉफ्ट डेवलपमेंट सोसायटी ने पाकबड़ा-डींगरपुर स्थित यूपीएसआईडीए(उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण) के पॉकेट-बी को कस्टम बॉन्डेड क्षेत्र से बाहर निकालकर सभी उद्योगों के लिए खोलने की मांग की है।
सोसायटी के पदाधिकारियों का कहना है कि यूपीएसआईडीए में विशेष रूप से रॉ-मेटेरियल गलाने वाली सिल्ली भट्टियों और छोटे कारखानेदारों के लिए अलग स्थान उपलब्ध कराया जाए। इससे उद्योगों का विस्तार हो सके। इसको लेकर बुधवार को सोसायटी के अध्यक्ष मोहम्मद नोमान मंसूरी ने क्षेत्रीय प्रबंधक गेसू मौर्या को पत्र लिखा।
उन्होंने कहा कि यूपीएसआईडीए का औद्योगिक क्षेत्र 15 साल से विकसित किया जा रहा है। लेकिन अभी तक उपलब्ध प्लॉटों की तुलना में बहुत कम इकाइयां स्थापित हो सकी हैं। बड़ी संख्या में प्लॉट आज भी खाली पड़े हैं, जिससे वहां झाड़ियां और बड़े-बड़े पेड़ उग आए हैं। इससे आस-पास का क्षेत्र असुरक्षित बना रहता है और पहले से संचालित इकाइयों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि मुरादाबाद में रॉ-मेटेरियल गलाने वाली भट्टियों के लिए कोई अलग से क्षेत्र नहीं है। ऐसे में यूपीएसआईडीए के पॉकेट-बी में प्लॉट उपलब्ध कराया जाए। इससे नए उद्योग स्थापित होंगे और यूपीएसआईडीए का विकास भी होगा। ब्यूरो
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सोसायटी के पदाधिकारियों का कहना है कि यूपीएसआईडीए में विशेष रूप से रॉ-मेटेरियल गलाने वाली सिल्ली भट्टियों और छोटे कारखानेदारों के लिए अलग स्थान उपलब्ध कराया जाए। इससे उद्योगों का विस्तार हो सके। इसको लेकर बुधवार को सोसायटी के अध्यक्ष मोहम्मद नोमान मंसूरी ने क्षेत्रीय प्रबंधक गेसू मौर्या को पत्र लिखा।
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उन्होंने कहा कि यूपीएसआईडीए का औद्योगिक क्षेत्र 15 साल से विकसित किया जा रहा है। लेकिन अभी तक उपलब्ध प्लॉटों की तुलना में बहुत कम इकाइयां स्थापित हो सकी हैं। बड़ी संख्या में प्लॉट आज भी खाली पड़े हैं, जिससे वहां झाड़ियां और बड़े-बड़े पेड़ उग आए हैं। इससे आस-पास का क्षेत्र असुरक्षित बना रहता है और पहले से संचालित इकाइयों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि मुरादाबाद में रॉ-मेटेरियल गलाने वाली भट्टियों के लिए कोई अलग से क्षेत्र नहीं है। ऐसे में यूपीएसआईडीए के पॉकेट-बी में प्लॉट उपलब्ध कराया जाए। इससे नए उद्योग स्थापित होंगे और यूपीएसआईडीए का विकास भी होगा। ब्यूरो
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