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ताने देने पर फत्तेहपुर विश्नोई में दो पक्ष भिड़े, माहौल गरमाया
Moradabad
Updated Fri, 12 Sep 2014 05:32 AM IST
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कांठ। छजलैट के फत्तेहपुर विश्नोई गांव में भर्ती के लिए दौड़ का अभ्यास करते समय ताने देने पर सुबह दो युवकों में हुई कहासुनी के मामले ने शाम को तूल पकड़ लिया। सरेबाजार एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के युवक को घेरकर पीटा। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग आमने सामने आ गए। एक पक्ष की ओर से फायरिंग भी की गई। इससे गांव में तनाव बढ़ गया। भगदड़ मच गई। सीओ और एसओ भारी फोर्स लेकर गांव पहुंचे। देर शाम दोनों पक्षों केलोगों पर कार्रवाई की तैयारी चल रही थी।
छजलैट थाने के गांव फत्तेहपुर विश्नोई के कुछ युवक गुरुवार सुबह दौड़ का अभ्यास कर रहे थे। इसी दौरान एक संप्रदाय के युवक ने दूसरे पर तानाकसी कर दी। तब दोनों में कहासुनी हुई। लेकिन साथी युवकों ने दोनों को शांत करा दिया। लेकिन शाम करीब छह बजे अचानक दोनों पक्ष आमने सामने आ गए। किसान अकरम के बेटे आकिब ने साथियों के साथ मिलकर निखिल वर्मा पुत्र राजेंद्र वर्मा को बाजार में दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। सूचना पर निखिल की ओर से भी परिजन और दोस्त पहुंचे। देखते ही देखते दोनों पक्षों केलोग आमने सामने आ गए। आरोप है कि अकरम केभाई असलम ने तमंचे से फायर किए। वारदात से गांव में लगी साप्ताहिक हाट में अफरातफरी और भगदड़ मच गई।
सूचना पर क्षेत्राधिकारी राहुल कुमार और थानाध्यक्ष सीपी सिंह गांव पहुंचे और किसी तरह दोनों पक्षों को शांत कराया। फायरिंग करने वालों को पकड़ने के लिए दबिश भी दी, लेकिन कोई हाथ नहीं आया। एहतियातन पुलिस तैनात कर दी गई है। तनाव को देखते हुए आरआरएफ को भी बुलाया गया, लेकिन उसे अगवानपुर चौराहे पर ही रोक दिया गया।
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माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को चिन्हित किया जा रहा है। दोनों पक्षों के24 लोगों के नाम सामने आए हैं। सभी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।-- राहुल कुमार, सीओ कांठ
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एक साल तक छावनी बना रहा था यह गांव
- चौदह साल पहले गांव में हुआ था धर्म स्थल पर विवाद
अमर उजाला ब्यूरो
कांठ। फत्तेहपुर विश्नोई वही गांव है, जहां चौदह साल पहले धर्म स्थल को लेकर जमकर बवाल हुआ था। इसके बाद एक साल तक गांव में पुलिस फोर्स तैनात रही थी। अब तक लोगों के दिलों में खटास है। इसीलिए छोटे-छोटे विवादों पर भी दोनों पक्ष आमने सामने आ जाते हैं।
वर्ष 2000 में हुए बवाल का कारण एक धार्मिक स्थल था। गांव के एक वर्ग ने बिना अनुमति निर्माण शुरू करा दिया था। इसका विरोध हुआ और फिर गांव सुलग उठा। अफसरों ने पीएसी तैनात की थी, जो एक साल तक रही। कई मुकदमे भी दर्ज हुए। बड़ी संख्या में लोगों पर कार्रवाई भी हुई थी। अब भले ही दोनों पक्षों के लोग एक दूसरे के साथ बैठते हैं। एक दूसरे के सुख दुख में शामिल होते हैं। लेकिन छोटी-छोटी बाते आज भी उग्र रूप ले लेती हैं। सीओ ने कहा कि दोनों पक्षों के लोगों को बैठाकर समझाया जाएगा। ताकि आगे से कोई विवाद न हो।
छजलैट थाने के गांव फत्तेहपुर विश्नोई के कुछ युवक गुरुवार सुबह दौड़ का अभ्यास कर रहे थे। इसी दौरान एक संप्रदाय के युवक ने दूसरे पर तानाकसी कर दी। तब दोनों में कहासुनी हुई। लेकिन साथी युवकों ने दोनों को शांत करा दिया। लेकिन शाम करीब छह बजे अचानक दोनों पक्ष आमने सामने आ गए। किसान अकरम के बेटे आकिब ने साथियों के साथ मिलकर निखिल वर्मा पुत्र राजेंद्र वर्मा को बाजार में दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। सूचना पर निखिल की ओर से भी परिजन और दोस्त पहुंचे। देखते ही देखते दोनों पक्षों केलोग आमने सामने आ गए। आरोप है कि अकरम केभाई असलम ने तमंचे से फायर किए। वारदात से गांव में लगी साप्ताहिक हाट में अफरातफरी और भगदड़ मच गई।
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सूचना पर क्षेत्राधिकारी राहुल कुमार और थानाध्यक्ष सीपी सिंह गांव पहुंचे और किसी तरह दोनों पक्षों को शांत कराया। फायरिंग करने वालों को पकड़ने के लिए दबिश भी दी, लेकिन कोई हाथ नहीं आया। एहतियातन पुलिस तैनात कर दी गई है। तनाव को देखते हुए आरआरएफ को भी बुलाया गया, लेकिन उसे अगवानपुर चौराहे पर ही रोक दिया गया।
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माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को चिन्हित किया जा रहा है। दोनों पक्षों के24 लोगों के नाम सामने आए हैं। सभी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।-- राहुल कुमार, सीओ कांठ
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एक साल तक छावनी बना रहा था यह गांव
- चौदह साल पहले गांव में हुआ था धर्म स्थल पर विवाद
अमर उजाला ब्यूरो
कांठ। फत्तेहपुर विश्नोई वही गांव है, जहां चौदह साल पहले धर्म स्थल को लेकर जमकर बवाल हुआ था। इसके बाद एक साल तक गांव में पुलिस फोर्स तैनात रही थी। अब तक लोगों के दिलों में खटास है। इसीलिए छोटे-छोटे विवादों पर भी दोनों पक्ष आमने सामने आ जाते हैं।
वर्ष 2000 में हुए बवाल का कारण एक धार्मिक स्थल था। गांव के एक वर्ग ने बिना अनुमति निर्माण शुरू करा दिया था। इसका विरोध हुआ और फिर गांव सुलग उठा। अफसरों ने पीएसी तैनात की थी, जो एक साल तक रही। कई मुकदमे भी दर्ज हुए। बड़ी संख्या में लोगों पर कार्रवाई भी हुई थी। अब भले ही दोनों पक्षों के लोग एक दूसरे के साथ बैठते हैं। एक दूसरे के सुख दुख में शामिल होते हैं। लेकिन छोटी-छोटी बाते आज भी उग्र रूप ले लेती हैं। सीओ ने कहा कि दोनों पक्षों के लोगों को बैठाकर समझाया जाएगा। ताकि आगे से कोई विवाद न हो।