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जिला अस्पताल में कांवड़ियों का हंगामा
Moradabad
Updated Mon, 28 Jul 2014 05:31 AM IST
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मुरादाबाद। हरिद्वार से गंगाजल लेकर बरेली जा रही कांवड़ियों से भरी एक पिकअप गाड़ी बिजनौर के नजीबाबाद के पास अनियंत्रित होकर गड्ढे में पलट गई। हादसे में छह शिवभक्त घायल हो गए। तत्काल उन्हें मुरादाबाद के जिला अस्पताल लाया गया। यहां इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर कांवड़ियों ने जमकर हंगामा कर दिया। स्टाफ से हाथापाई भी की। काफी देर बाद पुलिस प्रशासन के अफसरों ने पहुंचकर उन्हें शांत किया।
बरेली के किला थाना अंतर्गत मिर्ची टोला के रहने वाले कांवड़िये राजू कश्यप, रमेश, संजय, नीरज, पंकज, कमल, सौरभ, गोपाल आदि दो पिकअप गाड़ियों से शुक्रवार को गंगा जल लेने हरिद्वार गए थे। रविवार सुबह लौट रहे थे। दोनों गाड़ियां आगे पीछे चल रही थीं। नजीबाबाद के पास आगे चल रही गाड़ी के चालक को अचानक नींद का झोंका आया और पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई। हादसे से चीखपुकार मच गई। पीछे वाली गाड़ी में सवार कांवड़ियों ने सभी को निकाला और तुरंत सभी घायलों को मुरादाबाद भेजा। इधर, जिला अस्पताल में डाक्टरों ने सभी को भर्ती कर लिया। राजू और रमेश को काफी चोट आई थी। डाक्टरों ने उन्हें ऊपरी मंजिल पर वार्ड में भर्ती कर दिया। इसके बाद कोई देखने नहीं पहुंचा। एक घंटे बाद बाकी कांवड़ियों ने एक्सरे कराने के लिए कहा तो डाक्टर ने रविवार के अवकाश की बात कहकर इंकार कर दिया। इस पर कांवड़ियों ने जमकर हंगामा किया। स्टाफ से हाथापाई भी की। हंगामा देख डाक्टर मौके से चले गए। सूचना पर एसीएम पहुंचे और किसी तरह कांवड़ियों को शांत करके एक्सरे कराया। उधर, सूचना पाकर बरेली से परिवार वाले भी मुरादाबाद पहुंचे।
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रविवार को सीएमएस की अनुमति जरूरी
इमरजेंसी के डाक्टर तरुण यादव ने बताया कि रविवार को अवकाश के चलते एक्सरे मशीन चालू नहीं होती। एक्सरे कराने के लिए सीएमएस की अनुमति की जरूरत होती है। कांवड़ियों से यही कहा गया था। लेकिन वह हंगामा करने लगे। इलाज में किसी तरह की लापरवाही का सवाल नहीं उठता। सभी को पहले इमरजेंसी में भर्ती किया गया। बाद में वार्ड में शिफ्ट किया गया। स्टाफ ने सभी की ड्रेसिंग की।
बरेली के किला थाना अंतर्गत मिर्ची टोला के रहने वाले कांवड़िये राजू कश्यप, रमेश, संजय, नीरज, पंकज, कमल, सौरभ, गोपाल आदि दो पिकअप गाड़ियों से शुक्रवार को गंगा जल लेने हरिद्वार गए थे। रविवार सुबह लौट रहे थे। दोनों गाड़ियां आगे पीछे चल रही थीं। नजीबाबाद के पास आगे चल रही गाड़ी के चालक को अचानक नींद का झोंका आया और पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई। हादसे से चीखपुकार मच गई। पीछे वाली गाड़ी में सवार कांवड़ियों ने सभी को निकाला और तुरंत सभी घायलों को मुरादाबाद भेजा। इधर, जिला अस्पताल में डाक्टरों ने सभी को भर्ती कर लिया। राजू और रमेश को काफी चोट आई थी। डाक्टरों ने उन्हें ऊपरी मंजिल पर वार्ड में भर्ती कर दिया। इसके बाद कोई देखने नहीं पहुंचा। एक घंटे बाद बाकी कांवड़ियों ने एक्सरे कराने के लिए कहा तो डाक्टर ने रविवार के अवकाश की बात कहकर इंकार कर दिया। इस पर कांवड़ियों ने जमकर हंगामा किया। स्टाफ से हाथापाई भी की। हंगामा देख डाक्टर मौके से चले गए। सूचना पर एसीएम पहुंचे और किसी तरह कांवड़ियों को शांत करके एक्सरे कराया। उधर, सूचना पाकर बरेली से परिवार वाले भी मुरादाबाद पहुंचे।
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रविवार को सीएमएस की अनुमति जरूरी
इमरजेंसी के डाक्टर तरुण यादव ने बताया कि रविवार को अवकाश के चलते एक्सरे मशीन चालू नहीं होती। एक्सरे कराने के लिए सीएमएस की अनुमति की जरूरत होती है। कांवड़ियों से यही कहा गया था। लेकिन वह हंगामा करने लगे। इलाज में किसी तरह की लापरवाही का सवाल नहीं उठता। सभी को पहले इमरजेंसी में भर्ती किया गया। बाद में वार्ड में शिफ्ट किया गया। स्टाफ ने सभी की ड्रेसिंग की।
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