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ट्रक ने कुचला चार साल का मासूम
Moradabad
Updated Tue, 02 Oct 2012 12:00 PM IST
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मुरादाबाद। लाकड़ी फाजलपुर में बड़े भाई, बहन के साथ पड़ोस से ट्यूशन पढ़कर घर लौट रहे चार साल के एक छात्र को बेकाबू ट्रक ने कुचल दिया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने ट्रक को दौड़ाकर पकड़ लिया और चालक की जमकर पिटाई की। पुलिस ने किसी प्रकार उसे भीड़ के चंगुल से छुड़ाया। इसके बाद लोगों ने सड़क पर डिवाइडर बनाने की मांग को लेकर जाम लगा दिया।
हरदोई निवासी मानसिंह लाकड़ी फाजलपुर में श्रीकृष्णा बोर्ड मिल में कर्मचारी है। फैक्ट्री में ही वह ऊपर परिवार के साथ रहते हैं। बड़ा बेटा मानू (8) मंगूपुर के एक स्कूल में पढ़ता है। जबकि बेटी मधु (6) पास ही साईं पब्लिक स्कूल में कक्षा दो की छात्रा है। छोटे बेटे विमल उर्फ छोटू (4) का अभी स्कूल में दाखिला नहीं हुआ। लेकिन वह अपने भाई-बहन के साथ ट्यूशन पढ़ने जाता था। शाम को तीनों बच्चे पड़ोस से ट्यूशन पढ़कर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो सड़क के दूसरी ओर से मानू के एक दोस्त ने आवाज लगाई और वह उससे मिलने चला गया। पीछे से छोटू भी अपनी कापी किताब लेकर सड़क पार करने लगा। इसी समय लाकड़ी तिराहे की ओर से तेज रफ्तार ट्रक आया और उसने छोटू को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में ट्रक का पिछला पहिया छोटू के सिर से गुजर गया। घटना देख रहे लोग चीख पड़े। हादसे के बाद लोगों ने ट्रक चालक कृपाल निवासी कांठ की जमकर पिटाई की।
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सूचना पर पुलिस पहुंची और चालक को हिरासत में ले लिया। लेकिन लोगों का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने बच्चे के शव को उठने नहीं दिया और सड़क पर जाम लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों का आरोप था कि सड़क पर कई बार हादसे हो चुके हैं, लेकिन पुलिस और प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा। किसी प्रकार अधिकारियों ने उन्हें शांत किया। हादसे के चलते रूट डायवर्ट किया गया।
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अगले साल स्कूल जाने की तैयारी कर रहा था छोटू
छोटू के पिता ने उसका दाखिला स्कूल में नहीं कराया था। लेकिन वह फिर भी अपने बड़े भाई-बहन के साथ रोजाना पढ़ाई करता था। भाई-बहन ही उसे होमवर्क देते और कापी चेक करते थे। घटना के बाद उसकी मां चीना तो बेसुध सी हो गई। रोते हुए अपने बेटे को वापस बुलाने की मांग करती रही। मोहल्ले की महिलाएं ही उसे चुप कराती रहीं। उधर, पिता मानसिंह भी बेटे के शव से लिपटकर खूब रोए। पास ही छोटू की कापी किताब पड़ी थी। बार-बार उसकी किताब उठाकर देखते और रोने लगते। उन्होंने बताया कि छोटू पढ़ाई में काफी होशियार था। सोचा था अगले साल स्कूल भेजेंगे।
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डीजी के जाते ही हो गई घटना
सर्किट हाउस से डीजी के काफिले को रास्ता देने के लिए जीरो प्वाइंट तक ट्रैफिक रोक दिया गया था। जैसे ही डीजी का काफिला गुजरा, उसके बाद लाकड़ी फाजलपुर पर ट्रक ने बच्चे को रौंद दिया। बताया जा रहा है कि इस मार्ग पर नो एंट्री है, लेकिन डीजी के जाने के बाद पुलिस भी लापरवाह हो गई। जबकि कुछ देर पहले सर्किट हाउस में डीजी खुद ही यातायात व्यवस्था को गंभीर मसला बता रहे थे। उन्होंने कहा था कि यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाने पर विचार हो रहा है।