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ये है विकास के जिम्मेदारों की हकीकत

Thu, 02 Aug 2012 12:00 PM IST
Moradabad
Moradabad Updated Thu, 02 Aug 2012 12:00 PM IST
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मुरादाबाद। डेवलपमेंट के लिए न तो हमारा निजाम ही गंभीर है और न ही माननीयों के पास कोई प्लान। निधियों को लेकर तो वाकई ऐसा ही हो रहा है। चौदहवीं लोकसभा के सांसदों का बचा करोड़ों रुपया मौजूदा अस्सी सांसदों की निधि में शिफ्ट होना था लेकिन चार साल से यह रकम खजाने में ही बंद रह गई। अगर पैसा आ गया होता तो विकास के बड़े प्रोजेक्ट पूरे कराए जा सकते थे।
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जब चौदहवीं लोकसभा का कार्यकाल पूरा हुआ था तब बीस करोड़ से भी ज्यादा की रकम बची रह गई थी। सांसद निधि के इस पैसे को मौजूदा अस्सी सांसदों के बीच बराबर बराबर वितरित करने का आदेश हुआ। यह आदेश भी 2010 में जारी किया गया। 2011 में फिर रिमाइंडर निकला था। लेकिन अभी तक जो रकम सरकारी खजाने में पड़ी थी वह आज भी वैसे ही पड़ी हुई है। सांसद योजना प्रकोष्ठ नियोजन विभाग के विशेष सचिव प्रेम नारायण ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर कहा है कि केंद्र सरकार ने इस पर पूरी रिपोर्ट मांगी है। निधि का पैसा वितरित न होने पर भी नाराजगी जताई गई है। इस बजट में मुरादाबाद मंडल के सांसदों को भी हिस्सा मिलना था। इस पैसे से विकास के बड़े काम कराए जा सकते थे। लेकिन किसी ने दिलचस्पी ही नहीं दिखाई। प्रशासन ने भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। पंद्रहवीं लोकसभा भी 2014 में खत्म होने जा रही है। लेकिन चौदहवीं लोकसभा का पैसा अभी तक ऐसे ही सरकारी खजाने में पड़ा है। अगर कोशिश की गई होती तो शायद अभी तक यह रकम ऐसे ही न पड़ी रह जाती। अफसरों का कहना है पंद्रहवी लोकसभा के सांसदों की निधि भी प्रस्तावों के इंतजार में लंबित है।
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