{"_id":"13474","slug":"Moradabad-13474-46","type":"story","status":"publish","title_hn":"धूल फांक रहे सैकड़ों कंप्यूटर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धूल फांक रहे सैकड़ों कंप्यूटर
Moradabad
Updated Thu, 03 May 2012 12:00 PM IST
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मुरादाबाद। सरकारी स्कूलों के छात्रों को कंप्यूटर शिक्षा दिलाने के लिए योजना शुरू की गई थी। दूसरी सरकारी योजनाओं की तरह यह भी अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाई। इंटर कालेजों को उपलब्ध कराए गए सैकड़ों कंप्यूटर धूल फांक रहे हैं। हैवी कनेक्शन नहीं मिल पाने के कारण इनका नियमित प्रयोग भी नहीं हो पाता है। इसके अलावा इन्हें इंटरनेट से भी नहीं जोड़ा गया है। वहीं आउटडेटेड होने से ये किसी काम के भी नहीं रह गए हैं।
माध्यमिक स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा देने के राष्ट्रीय माध्यमिक लिए योजना शुरू की गई थी। लेकिन योजना परवान नहीं चढ़ सकी। योजना के तहत मुरादाबाद में ही करीब 250 कंप्यूटर आए थे। 2005 में शुरू हुई इस योजना में रखरखाव की जिम्मेदारी एडूकाम कंपनी को दी गई थी। लेकिन इस ओर पूरी तरह से अनदेखी की गई। कंप्यूटर लैब के लिए हैवी कनेक्शन नहीं दिलाए गए। जिसके अभाव में इनका चलाना संभव नहीं हो पाया। छात्रों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया। हालत यह है कि ये सभी कंप्यूटर धूल फांक रहे हैं। इन्हें न तो इंटरनेट से जोड़ा गया और ना ही पावर का हैवी कनेक्शन दिलाया गया। जीआईसी की लैब में 51 कंप्यूटर रखे हुए हैं जिन्हें किसी काम में नहीं लिया जा रहा है। इन कंप्यूटर पर छात्रों के बजाय सरकारी कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाती है। अब इंटीग्रेटिड कंप्यूटर ट्रेनिंग शुरू की जा रही है। जिसके तहत कंप्यूटर आना शुरू हो गए हैं।
आईटीसी के तहत मिलेगी शिक्षा
इंटीग्रेटिड योजना शुरू की जा रही है। जिसके तहत सभी विद्यालयाें को दस दस कंप्यूटर, प्रोेजेक्टर, जेनरेटर और इंस्ट्रक्टर उपलब्ध कराया जाएगा। कंप्यूटर आना शुरू हो गए हैं। नए सत्र से इसका लाभ मिलने लगेगा। यूपी बोर्ड के छात्रों को भी कंप्यूटर का ज्ञान दिया जाएगा।
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माध्यमिक स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा देने के राष्ट्रीय माध्यमिक लिए योजना शुरू की गई थी। लेकिन योजना परवान नहीं चढ़ सकी। योजना के तहत मुरादाबाद में ही करीब 250 कंप्यूटर आए थे। 2005 में शुरू हुई इस योजना में रखरखाव की जिम्मेदारी एडूकाम कंपनी को दी गई थी। लेकिन इस ओर पूरी तरह से अनदेखी की गई। कंप्यूटर लैब के लिए हैवी कनेक्शन नहीं दिलाए गए। जिसके अभाव में इनका चलाना संभव नहीं हो पाया। छात्रों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया। हालत यह है कि ये सभी कंप्यूटर धूल फांक रहे हैं। इन्हें न तो इंटरनेट से जोड़ा गया और ना ही पावर का हैवी कनेक्शन दिलाया गया। जीआईसी की लैब में 51 कंप्यूटर रखे हुए हैं जिन्हें किसी काम में नहीं लिया जा रहा है। इन कंप्यूटर पर छात्रों के बजाय सरकारी कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाती है। अब इंटीग्रेटिड कंप्यूटर ट्रेनिंग शुरू की जा रही है। जिसके तहत कंप्यूटर आना शुरू हो गए हैं।
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आईटीसी के तहत मिलेगी शिक्षा
इंटीग्रेटिड योजना शुरू की जा रही है। जिसके तहत सभी विद्यालयाें को दस दस कंप्यूटर, प्रोेजेक्टर, जेनरेटर और इंस्ट्रक्टर उपलब्ध कराया जाएगा। कंप्यूटर आना शुरू हो गए हैं। नए सत्र से इसका लाभ मिलने लगेगा। यूपी बोर्ड के छात्रों को भी कंप्यूटर का ज्ञान दिया जाएगा।
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