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अफसर चार दिन में कहां से तलाशें 1000 जोड़े
Updated Thu, 29 Mar 2018 02:28 AM IST
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मुरादाबाद। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में जिले में लक्ष्य से ज्यादा शादियां करा दी गईं, उसके बावजूद बजट वापस भेजना पड़ेगा। शासन ने मंगलवार रात तीन करोड़ का अतिरिक्त बजट जारी कर दिया। अब अवकाश के चार दिन में अफसर एक हजार जोड़े तलाशने की बात सोचकर ही पसीना-पसीना हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को शासन ने प्राथमिकता पर लिया है। इसके लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाकर लगातार प्रचार किया गया। नगर निकायों और तहसीलों को लक्ष्य सौंपकर शादियां कराई गईं। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि जिले को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 476 जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य मिला था। इसके लिए अभियान चलाकर लोगों को योजना से जोड़ा गया। इसके चलते बुधवार तक 500 जोड़ों ने इस योजना में विवाह कर शासन की सहायता राशि प्राप्त कर ली।
योजना में प्रत्येक जोड़े को 20 हजार रुपये का चेक दिया जाता है और 10 हजार रुपये का घरेलू सामान मिलता है। जिला प्रशासन बजट लक्ष्य पूरा करने की तैयारी में था। इसी दौरान मंगलवार रात शासन से एकाएक सामूहिक विवाह योजना में बड़ी धनराशि प्राप्त हो गई। शासन ने तीन करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी। इस धनराशि से एक हजार जोड़ों की शादी और कराई जा सकती है। अब अफसर परेशान हैं कि मार्च के अंतिम चार दिन में एक हजार जोड़ों को तलाशना और उनकी शादी कराना संभव नहीं है।
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सामूहिक विवाह योजना में एकाएक तीन करोड़ का बजट आ गया है। इसको खर्च किया जाना संभव ही नहीं है। अब 31 मार्च को इसको सरेंडर किया जाएगा।
- सुनील कुमार सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को शासन ने प्राथमिकता पर लिया है। इसके लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाकर लगातार प्रचार किया गया। नगर निकायों और तहसीलों को लक्ष्य सौंपकर शादियां कराई गईं। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि जिले को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 476 जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य मिला था। इसके लिए अभियान चलाकर लोगों को योजना से जोड़ा गया। इसके चलते बुधवार तक 500 जोड़ों ने इस योजना में विवाह कर शासन की सहायता राशि प्राप्त कर ली।
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योजना में प्रत्येक जोड़े को 20 हजार रुपये का चेक दिया जाता है और 10 हजार रुपये का घरेलू सामान मिलता है। जिला प्रशासन बजट लक्ष्य पूरा करने की तैयारी में था। इसी दौरान मंगलवार रात शासन से एकाएक सामूहिक विवाह योजना में बड़ी धनराशि प्राप्त हो गई। शासन ने तीन करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी। इस धनराशि से एक हजार जोड़ों की शादी और कराई जा सकती है। अब अफसर परेशान हैं कि मार्च के अंतिम चार दिन में एक हजार जोड़ों को तलाशना और उनकी शादी कराना संभव नहीं है।
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सामूहिक विवाह योजना में एकाएक तीन करोड़ का बजट आ गया है। इसको खर्च किया जाना संभव ही नहीं है। अब 31 मार्च को इसको सरेंडर किया जाएगा।
- सुनील कुमार सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी।