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कालेजों की मनमानी को भुगतेंगी महिला क्रिकेटर
Updated Tue, 30 Oct 2018 02:08 AM IST
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मुरादाबाद।
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध कालेजों की मनमानी को अब महिला क्रिकेटर भुगतेंगी। चयन प्रतियोगिता से हाथ खड़े कर देने की वजह से अंतर महाविद्यालय की वर्तमान खेल सत्र की प्रतियोगिता नहीं हो सकी है। खिलाड़ियों का आरोप है कि विवि की लचर कार्यप्रणाली से भविष्य दांव पर लगा है।
विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए गए खेल कैलेंडर में अंतर महाविद्यालय महिला क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए कोई तारीख निर्धारित नहीं की थी। हिंदू कालेज के खेल शिक्षक डॉ. पंकज सिंह ने बताया कि बाद में प्रतियोगिता के आयोजन की जिम्मेदारी बदायूं के एक कालेज को दी थी। इसकी वजह से कालेज स्तर पर खिलाड़ियों का ट्रायल लिया गया था। बाद में तारीख निरस्त कर दी गई। अब पता चला है कि जोन स्तरीय प्रतियोगिता भी आयोजित हो चुकी है। इस संबंध में क्रीड़ा सचिव प्रो. एके जेटली ने बताया कि बदायूं कालेज ने प्रतियोगिता कराने से इन्कार कर दिया था। इसके कारण आयोजन की जिम्मेदारी धामपुर के एक कालेज को दी गई। बाद में उसने भी प्रतियोगिता कराने में असमर्थता व्यक्त की। इसके कारण खेल सत्र 2018-19 में अंतर महाविद्यालय क्रिकेट प्रतियोगिता नहीं हो सकी है।
गत वर्ष मैंने नार्थ जोन खेला था। इस बार विश्वविद्यालय ने हमें अंधेरे में रखा है। कई बार पूछने पर जवाब नहीं दिया। मामले की उच्च अधिकारियों से शिकायत की जाएगी।
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मोहिनी, क्रिकेटर।
खेल फीस जमा की है, इसके बावजूद विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली की वजह से हम खेलने से वंचित हो गए। प्रतिदिन 15 किलोमीटर दूर स्टेडियम में अभ्यास करने आती हूं।
नीलम, क्रिकेटर।
एसोसिएशन की ओर से कानपुर में शिविर कर चुकी हूं। विश्वविद्यालय की प्रतियोगिता खेलनी थी, इसलिए एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया। पूरे वर्ष की मेहनत बर्बाद हो गई।
मनीषा, क्रिकेटर।
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एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध कालेजों की मनमानी को अब महिला क्रिकेटर भुगतेंगी। चयन प्रतियोगिता से हाथ खड़े कर देने की वजह से अंतर महाविद्यालय की वर्तमान खेल सत्र की प्रतियोगिता नहीं हो सकी है। खिलाड़ियों का आरोप है कि विवि की लचर कार्यप्रणाली से भविष्य दांव पर लगा है।
विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए गए खेल कैलेंडर में अंतर महाविद्यालय महिला क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए कोई तारीख निर्धारित नहीं की थी। हिंदू कालेज के खेल शिक्षक डॉ. पंकज सिंह ने बताया कि बाद में प्रतियोगिता के आयोजन की जिम्मेदारी बदायूं के एक कालेज को दी थी। इसकी वजह से कालेज स्तर पर खिलाड़ियों का ट्रायल लिया गया था। बाद में तारीख निरस्त कर दी गई। अब पता चला है कि जोन स्तरीय प्रतियोगिता भी आयोजित हो चुकी है। इस संबंध में क्रीड़ा सचिव प्रो. एके जेटली ने बताया कि बदायूं कालेज ने प्रतियोगिता कराने से इन्कार कर दिया था। इसके कारण आयोजन की जिम्मेदारी धामपुर के एक कालेज को दी गई। बाद में उसने भी प्रतियोगिता कराने में असमर्थता व्यक्त की। इसके कारण खेल सत्र 2018-19 में अंतर महाविद्यालय क्रिकेट प्रतियोगिता नहीं हो सकी है।
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गत वर्ष मैंने नार्थ जोन खेला था। इस बार विश्वविद्यालय ने हमें अंधेरे में रखा है। कई बार पूछने पर जवाब नहीं दिया। मामले की उच्च अधिकारियों से शिकायत की जाएगी।
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मोहिनी, क्रिकेटर।
खेल फीस जमा की है, इसके बावजूद विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली की वजह से हम खेलने से वंचित हो गए। प्रतिदिन 15 किलोमीटर दूर स्टेडियम में अभ्यास करने आती हूं।
नीलम, क्रिकेटर।
एसोसिएशन की ओर से कानपुर में शिविर कर चुकी हूं। विश्वविद्यालय की प्रतियोगिता खेलनी थी, इसलिए एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया। पूरे वर्ष की मेहनत बर्बाद हो गई।
मनीषा, क्रिकेटर।